जबलपुर. एमपी के जबलपुर में अधारताल क्षेत्र में रहने वाला युवक आनलाइन ठगी का शिकार हुआ है. ठगों ने जागृति नगर अमखेरा निवासी 29 वर्षीय विक्रांत साहू से वर्क फ्रॉम होम व घर बैठे कमाई का लालच देकर 37 लाख रुपए से अधिक की साइबर ठगी की है. जालसाजों ने टेलीग्राम और एक ऐप के जरिए होटल रेटिंग का काम देने का झांसा दिया था. पीडि़त की शिकायत पर पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
पुलिसके अनुसार विक्रांत साहू को टेलीग्राम पर अदिति रियांश नाम से एक मैसेज मिला. इसमें सीक्रेट एस्केप्स के माध्यम से होटलों को रेटिंग देकर मुनाफा कमाने का प्रलोभन दिया गया था. शुरुआत में जालसाजों ने विक्रांत का विश्वास जीतने के लिए रेटिंग के बदले 1,024 रुपए भेजे. इसके बाद 10,000 रुपए के डिपॉजिट पर 17,546 रुपए और 20,960 रुपए के निवेश पर 42,573 रुपए का मुनाफा वापस भेजकर उसे और भरोसा दिलाया.
छोटे मुनाफे के लालच में आकर विक्रांत बड़े निवेश के जाल में फंसता चला गया. 11 जनवरी से 15 जनवरी 2025 के बीच उसने एनईएफटी , आरटीजीएस और फोनपे के माध्यम से किस्तों में लाखों रुपए ट्रांसफर किए. विक्रांत ने न केवल अपने भारतीय स्टेट बैंक (मिलौनीगंज शाखा) के खाते से, बल्कि अपनी पत्नी के सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया खाते से 99,000 रुपए, साथी शुभम विश्वकर्मा से 84,787 रुपए और परिचित अंकिता गुप्ता के इंडियन बैंक खाते से कुल 17 लाख रुपए भिजवाए. इसके अतिरिक्त, उसने मदनमहल और आईसीआईसीआई बैंक शाखाओं में जाकर भी भारी-भरकम नकद राशि जमा की.
रिटर्न देने से इनकार किया-
जालसाजों की पैसों की मांग यहीं नहीं रुकी. मार्च 2026 तक, वे अलग-अलग बैंक खातों और फोनपे के जरिए बार-बार 40 हजार से 50 हजार रुपए की किस्तों में पैसे ऐंठते रहे. ठगों ने कुल 37,61,566 रुपए ऐंठने के बाद केवल 61,143 रुपए का नाममात्र भुगतान वापस किया. जब पीडि़त को एहसास हुआ कि वह 37,00,423 रुपए की बड़ी धोखाधड़ी का शिकार हो चुका है, तो उसने 25 अगस्त की रात अधारताल थाने पहुंचकर एफआईआर दर्ज कराई. फिलहाल, पुलिस संदिग्ध टेलीग्राम खातों और बैंक ट्रांजेक्शन के आधार पर अज्ञात आरोपियों की तलाश में जुटी है.

