चित्रकूट में भारी बारिश से हाहाकार, चारों तरफ का सड़क संपर्क मार्ग कटा, जबलपुर से एनडीआरएएफ की टीम बुलाई

चित्रकूट में भारी बारिश से हाहाकार, चारों तरफ का सड़क संपर्क मार्ग कटा, जबलपुर से एनडीआरएएफ की टीम बुलाई

प्रेषित समय :18:27:11 PM / Sat, Aug 29th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

सतना. मध्य प्रदेश के सतना और चित्रकूट में भारी से बाढ़ का विकराल रूप देखने को मिल रहा है. हालात बेकाबू होते जा रहे हैं. आंचलिक क्षेत्रों में कई मार्ग बंद हो गए हैं. जबलपुर से एनडीआरएफ और एसडीईआरएफ रेस्क्यू टीम को भेजा गया है. हालात बेकाबू होते नजर आ रहे हैं. चित्रकूट में मां मंदाकिनी नदी का रौद्र रूप है. सैकड़ों दुकानें बाढ़ की जद में आ चुकी है. लोगों का जनजीवन अस्त व्यस्त हो चुका है. प्रशासन व्यवस्था बनाने में जुटा है लेकिन हालात बेहद खराब हैं. चित्रकूट का संपर्क चारों तरफ से कटा.

शुक्रवार रात से लगातार बारिश का दौर जारी है. इस कारण शहर से लेकर गांवों तक पानी ही पानी है. सतना शहर के प्रेम नगर, अंडरब्रिज, भरहुत नगर, धवारी मुख्तियारगंज सहित अन्य इलाकों में पानी भर गया है. इस वजह से आवागमन अवरुद्ध हो रहा है. इसके अलावा बिरसिंहपुर, मझगवां, जैतवारा क्षेत्र में भारी जलभराव है. अभी भी लगातार रुक-रुककर बारिश का दौर जारी है. लोगों के सारे कामकाज ठप हो चुके हैं.

नदी-नाले के आसपास नहीं जाने की सलाह

शहर से लगी सतना नदी, माधवगढ़ नदी सहित आसपास के नालों का भी जलस्तर बढ़ता जा रहा है. अगर बारिश नहीं रुकी तो सतना जिले में बारिश की तबाही अगले 24 घंटे में सामने आ सकती है. प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि नदी, नाले, रपटे पार न करें. अपनी जान जोखिम में न डालें. निचले स्तर सहित नदी के पास रहने वाले लोग ऊंचे स्थानों पर आ जाएं. प्रशासन द्वारा लोगों को रोकने एवं ठहरने के लिए व्यवस्था की जा रही है.

सांसद गणेश सिंह ने किया मुख्यमंत्री को फोन

सतना सांसद गणेश सिंह ने बताया चित्रकूट में बाढ़ को लेकर मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव से चर्चा कर तत्काल राहत एवं बचाव कार्य तेज करने की मांग की है. सांसद ने चित्रकूट की मौजूदा स्थिति को गंभीर बताते हुए एनडीआरएफ की टीम के साथ हेलीकॉप्टर की व्यवस्था कराने का आग्रह किया है. उनका कहना है चारों तरफ से चित्रकूट का संपर्क टूट गया है. प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाने के लिए हरसंभव व्यवस्था की जा रही है. उन्होंने लोगों से अपील की कि जो जहां हैं, वहीं सुरक्षित रहें और एक-दूसरे की मदद करें. बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की ओर बिल्कुल न जाएं. चिंता करने की जरूरत नहीं, प्रशासन के स्तर पर सारी व्यवस्थाएं कराई जा रही हैं.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-