गुना. पश्चिम मध्य रेलवे के भोपाल रेल मंडल अंतर्गत गुना में रविवार 30 अगस्त को बीना-ग्वालियर के इंजिन की शंटिंग के दौरान शंटर ने लाल डेंजर सिग्नल (स्पैड) पार कर लिया. जिससे प्वाइंट बस्र्ट हो गया. इस घटनाक्रम के चलते 5 घंटे तक रेल यातायात बाधित रहा. वहीं संबंधित विभाग के अधिकारी पूरे मामलेे की लीपापोती में जुटे रहे, जबकि इस पूरे घटनाक्रम की सूचना पमरे मुख्यालय जबलपुर व रेलवे बोर्ड तक पहुंच चुकी थी.
घटना के संबंध में सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक 30 अगस्त की शाम 4 बजे के लगभग गाड़ी संख्या 51883 बीना- ग्वालियर पैसेंजर ट्रेन के लोको रन डाऊन करते समय लोको पायलट शंटर शैलेंद्र धाकड़ ने गुना में लाईन नंबर 3 पर एसएच-35 शंट सिग्नल को खतरे की स्थिति में पार किया जिसके कारण प्वाइंट बस्र्ट हो गया. प्वाइंट बस्र्ट होने का असर रेल संचालन पर जबर्दस्त रूप से पड़ा.
बड़ा हादसा टला, यातायात रुका
बताया जाता जाता है कि स्पैड होने पर गुना में रेल यातायात लगभग 5 घंटे बाधित रहा, जिसमें हमसफर एक्सप्रेस, एन बाक्स, लांग हॉल गुड्स ट्रेन सहित कई गाडिय़ां शामिल है वहीं लोको पायलट शंटर द्वारा यात्रियों की सुरक्षा और संरक्षा के साथ खिलवाड़ किया, बहुत बड़ी रेल दुर्घटना होते होते बची, इतनी बड़ी स्पैड दुर्घटना होने पर भी गुना के सुपरवाइजर और भोपाल मंडल के अधिकारी केस को दबाने में लगे हैं. आश्चर्य की बात है कि स्पैड के मामले में स्पष्ट नियम है कि जैसे ही स्पैड की गंभीर घटना होती है, तत्काल ही संबंधित लोको पायलट को ड्यूटी से हटाकर, उसका मेडिकल टेस्ट कराया जाना चाहिए, किंतु गुना में ऐसा नहीं हुआ, घटना के कई घंटो बाद लोको सुपरवाइजर ने शैलेंद्र धाकड़ को ड्यूटी से हटाया और मामले को दबाने का प्रयास किया. वहीं इस मामले में भोपाल मंडल के सीनियर डीईई टीआरओ सचिन शर्मा का कहना है कि अभी पूरी जानकारी उनके पास नहीं है, पता किया जा रहा है.
रेलवे बोर्ड तक पहुंचा मामला
सूत्रों के मुताबिक रेल संरक्षा पर इस समय रेलमंत्री श्री अश्विनी वैष्णव सहित पूरा रेलवे बोर्ड का काफी सख्त रुख है. ऐसी स्थिति में गुना में घंटों स्पैड के चलते यातायात प्रभावित होने की जानकारी पमरे मुख्यालय के साथ-साथ रेलवे बोर्ड तक पहुंच चुकी है। माना जा रहा है कि इस घटना को दबाने का प्रयास करने वाले भोपाल मंडल के अधिकारी पर भी गाज गिर सकती है.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

