कोकीन तस्करी का नया रास्ता उजागर, मुंबई से आई युवती के मोबाइल ने बढ़ाई नेटवर्क की तलाश

कोकीन तस्करी का नया रास्ता उजागर, मुंबई से आई युवती के मोबाइल ने बढ़ाई नेटवर्क की तलाश

प्रेषित समय :20:58:12 PM / Sun, Aug 30th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

जबलपुर. इंदौर में कोकीन तस्करी के मामले में पकड़ी गई नाइजीरियन युवती से बरामद 57.18 ग्राम मादक पदार्थ ने पुलिस के सामने केवल एक तस्करी का मामला नहीं, बल्कि इसके पीछे सक्रिय नेटवर्क की परतें खोलने की चुनौती खड़ी कर दी है. पुलिस के अनुसार बरामद कोकीन की कीमत करीब 29 लाख रुपये है और इसे कैप्सूल में छिपाकर लाया गया था. शनिवार को मुंबई से विमान के जरिए इंदौर पहुंची युवती को सिंहासा स्थित आइटी पार्क के पास संदिग्ध परिस्थितियों में पकड़ा गया. अब जांच का केंद्र यह पता लगाना है कि मुंबई से इंदौर तक मादक पदार्थ पहुंचाने की व्यवस्था किसने की और यहां इसकी डिलीवरी किसे दी जानी थी.

चंदन नगर पुलिस की कार्रवाई में सामने आए घटनाक्रम के अनुसार युवती काले रंग का बैग लेकर आइटी पार्क क्षेत्र में मौजूद थी. पुलिस टीम ने उसकी गतिविधियां संदिग्ध लगने पर पूछताछ की. वह अंग्रेजी में बातचीत कर रही थी, लेकिन पूछे गए कई सवालों के सीधे जवाब देने से बचती रही. इसके बाद बैग की तलाशी ली गई तो उसमें कैप्सूल मिले. जांच में इन कैप्सूल के भीतर कोकीन छिपाए जाने की बात सामने आई. पुलिस ने मादक पदार्थ जब्त करने के साथ युवती का मोबाइल फोन भी कब्जे में लिया है.

इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण कड़ी मोबाइल फोन को माना जा रहा है. पुलिस के मुताबिक युवती ने मोबाइल से डेटा हटाने की कोशिश की है. इसके बाद साइबर विशेषज्ञों की मदद से डिलीट किए गए डाटा, बातचीत और अन्य डिजिटल साक्ष्यों को खंगाला जा रहा है. जांचकर्ताओं की नजर विशेष रूप से उन संपर्कों पर है, जिनसे युवती ने भारत आने के बाद बातचीत की. यह भी पता लगाया जा रहा है कि मुंबई से इंदौर आने से पहले और यहां पहुंचने के बाद उसने किन लोगों से संपर्क किया था.

पुलिस के सामने दूसरा बड़ा सवाल मुंबई कनेक्शन का है. आरोपित युवती पहले दिल्ली पहुंची थी और बाद में मुंबई के बांद्रा ईस्ट इलाके में अपनी बहन के साथ हेयर सैलून में काम करने लगी. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि मुंबई में रहने के दौरान उसका संपर्क किन लोगों से हुआ. इसी अवधि में उसे मादक पदार्थ की खेप मिली या नहीं और क्या वह पहले भी किसी शहर में इसकी सप्लाई कर चुकी है, इसकी भी जांच की जा रही है.

पुलिस के अनुसार युवती 14 अगस्त को बिजनेस वीजा पर भारत आई थी और उसे 10 फरवरी 2027 तक भारत में रहने की अनुमति मिली हुई है. अब उसके भारत आने की परिस्थितियों, यात्रा विवरण और अलग-अलग शहरों में उसके संपर्कों की जानकारी जुटाई जा रही है. दिल्ली से मुंबई और फिर मुंबई से इंदौर तक की उसकी गतिविधियां जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गई हैं. पुलिस यह भी देख रही है कि उसके यात्रा कार्यक्रम में कोई ऐसी कड़ी तो नहीं, जो मादक पदार्थ की तस्करी से जुड़ी हो.

इस मामले में एयरपोर्ट सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ा सवाल भी जांच के दायरे में आ गया है. पुलिस के मुताबिक कोकीन को कैप्सूल में छिपाकर लाया गया था और मुंबई से इंदौर की हवाई यात्रा के दौरान यह खेप सुरक्षा जांच में पकड़ में नहीं आई. हालांकि, एयरपोर्ट पर वास्तव में किस स्तर पर जांच हुई और वहां कोई चूक हुई या नहीं, इसका आधिकारिक निष्कर्ष जांच के बाद ही सामने आएगा. पुलिस फिलहाल इस पहलू को भी मामले की कड़ियों से जोड़कर देख रही है.

पूछताछ के दौरान युवती के व्यवहार ने भी पुलिस का ध्यान खींचा. पुलिस के अनुसार वह कई सवालों का स्पष्ट जवाब नहीं दे रही थी. गिरफ्तारी के बाद उसने हंगामा किया और जब्ती पंचनामा पर हस्ताक्षर करने से भी इनकार कर दिया. पुलिस को उसके बैंगलुरु के एक वकील से संपर्क की जानकारी भी मिली है. जांचकर्ता अब यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि गिरफ्तारी के तुरंत बाद कानूनी सहायता के लिए उसने किस माध्यम से संपर्क किया और इसके पीछे कोई अन्य व्यक्ति या नेटवर्क सक्रिय था या नहीं.

जांच में वाट्सऐप कॉलिंग का इस्तेमाल किए जाने की जानकारी भी सामने आई है. पुलिस के मुताबिक मोबाइल में उपलब्ध जानकारी को हटाया गया है. ऐसे में साइबर टीम की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है. डिजिटल साक्ष्यों की मदद से संपर्कों, बातचीत और संभावित लेन-देन की कड़ियों को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है. जांचकर्ताओं की कोशिश यह पता लगाने की है कि मोबाइल से हटाई गई जानकारी में किसी आपूर्तिकर्ता, स्थानीय संपर्क या संभावित खरीदार से संबंधित कोई सुराग मौजूद है या नहीं.

पुलिस को आशंका है कि यह मामला केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं हो सकता. 57.18 ग्राम कोकीन की बरामदगी के बाद अब जांच का फोकस उस व्यक्ति या समूह तक पहुंचने पर है, जिसने यह खेप उपलब्ध कराई. यदि मुंबई से इंदौर तक इस खेप की पूरी कड़ी सामने आती है तो दूसरे शहरों में सक्रिय संपर्कों की जानकारी भी मिल सकती है. इसी वजह से पुलिस मुंबई के साथ दिल्ली और अन्य संभावित शहरों से जुड़े संपर्कों की भी पड़ताल कर रही है.

मादक पदार्थ की बरामदगी के साथ पुलिस युवती के भारत में रहने और काम करने के रिकॉर्ड का भी सत्यापन करा रही है. पासपोर्ट, वीजा, आव्रजन दस्तावेज और यात्रा से संबंधित जानकारी को जांच में शामिल किया गया है. इससे यह स्पष्ट करने में मदद मिलेगी कि वह भारत में किन कारणों से आई, किन स्थानों पर रही और उसकी गतिविधियां उसके घोषित उद्देश्य के अनुरूप थीं या नहीं.

पुलिस अब युवती से यह भी जानने का प्रयास करेगी कि इससे पहले उसने किसी अन्य व्यक्ति के लिए मादक पदार्थ की आपूर्ति की थी या नहीं. यदि पुराने संपर्कों का पता चलता है तो उन लोगों की भूमिका की जांच की जा सकती है. पुलिस की आशंका है कि इंदौर में बरामद खेप किसी स्थानीय ग्राहक तक पहुंचाई जानी थी. हालांकि, फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि संभावित खरीदार कौन था और युवती से संपर्क किस माध्यम से हुआ था.

पूरे घटनाक्रम में सबसे अहम बात यह है कि पुलिस के हाथ 29 लाख रुपये मूल्य की कोकीन लगी है, लेकिन जांच की दिशा बरामदगी से आगे बढ़कर नेटवर्क तक पहुंचने की है. मुंबई में रहने से लेकर इंदौर पहुंचने तक की गतिविधियों, मोबाइल संपर्कों, डिजिटल साक्ष्यों और यात्रा रिकॉर्ड को जोड़कर पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस खेप की असली कड़ी कहां से शुरू हुई थी. युवती की गिरफ्तारी के बाद अब जांच का अगला चरण उन लोगों तक पहुंचने का है, जिनकी मदद के बिना इतनी बड़ी कीमत की कोकीन एक शहर से दूसरे शहर तक पहुंचना संभव नहीं होता.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-