ग्वालियर में विवेक हत्याकांड के आरोपियों का शॉर्ट एनकाउंटर, मुख्य आरोपी के पैर में गोली, दूसरा गिरफ्तार, तीसरे ने कोर्ट में किया आत्मसमर्पण

ग्वालियर में विवेक हत्याकांड के आरोपियों का शॉर्ट एनकाउंटर, मुख्य आरोपी के पैर में गोली, दूसरा गिरफ्तार, तीसरे ने कोर्ट में किया आत्मसमर्पण

प्रेषित समय :20:11:03 PM / Tue, Sep 1st, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

ग्वालियर. डिलीवरी बॉय विवेक मीणा हत्याकांड में मंगलवार तड़के पुलिस की कार्रवाई के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया. शंकरपुर स्टेडियम के पास पुलिस और हत्या के आरोपितों के बीच हुई मुठभेड़ में मुख्य आरोपित सौरभ यादव के पैर में गोली लगी, जबकि उसके साथी राहुल किरार को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया. तीसरा आरोपित लाला अग्रवाल मौके से निकल गया, लेकिन कुछ घंटे बाद वह जिला न्यायालय पहुंचा और न्यायाधीश मधुलिका खत्री के न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया. एक ही दिन में हुई इस कार्रवाई ने हत्याकांड की जांच को नई दिशा दे दी है. वहीं, तीसरे आरोपित के अचानक न्यायालय पहुंचकर आत्मसमर्पण करने पर मृतक के स्वजन ने सवाल उठाते हुए पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच की मांग की है.

शहर से बाहर निकलने की तैयारी में थे आरोपित
पुलिस के अनुसार विवेक मीणा हत्याकांड के बाद तीनों आरोपित लगातार पुलिस की गिरफ्त से बचने की कोशिश कर रहे थे. पुलिस को मंगलवार तड़के सूचना मिली कि सौरभ यादव, राहुल किरार और लाला अग्रवाल एक बाइक से तिघरा की तरफ से पुरानी छावनी होते हुए शहर से बाहर निकलने की तैयारी में हैं. आशंका थी कि वे ग्वालियर से बाहर निकलकर धौलपुर या आगरा की ओर जा सकते हैं.

सूचना मिलने के बाद पुलिस टीमों ने शंकरपुर स्टेडियम के आसपास घेराबंदी की. बैरिकेडिंग कर संदिग्ध बाइक सवारों को रोकने का प्रयास किया गया. पुलिस के मुताबिक, बाइक सवारों ने रुकने के बजाय पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी. इसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की. इसी दौरान मुख्य आरोपित सौरभ यादव के पैर में गोली लगी और वह बाइक से नीचे गिर गया. पुलिस ने उसे घायल हालत में गिरफ्तार कर लिया. उसके साथ मौजूद राहुल किरार को भी पकड़ लिया गया.

शॉर्ट एनकाउंटर के बाद अस्पताल पहुंचाया
पुलिस की जवाबी कार्रवाई में पैर में गोली लगने के बाद सौरभ यादव को तत्काल जयारोग्य अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया गया. वहां उसका उपचार कराया जा रहा है. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक उसकी स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है. कार्रवाई के दौरान पुलिस ने कई राउंड फायर किए जाने की जानकारी दी है.

इस शॉर्ट एनकाउंटर के बाद पुलिस ने मौके से मिले साक्ष्यों और घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ना शुरू कर दिया है. अब गिरफ्तार दोनों आरोपितों से पूछताछ के आधार पर यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि हत्या के बाद उन्होंने कहां-कहां शरण ली, किस रास्ते से भागे और फरार रहने के दौरान उन्हें किसी व्यक्ति ने मदद तो नहीं पहुंचाई.

पुलिस के लिए इस कार्रवाई का दूसरा महत्वपूर्ण पहलू लाला अग्रवाल का आत्मसमर्पण है. मुठभेड़ स्थल से निकलने के बाद वह सीधे न्यायालय पहुंच गया. कुछ घंटे पहले जिस आरोपित की तलाश में पुलिस टीमें जुटी थीं, उसका अदालत में पहुंचकर आत्मसमर्पण करना जांच का अलग बिंदु बन गया है.

मोमोज के विवाद में गई थी विवेक की जान
विवेक मीणा की हत्या 27 अगस्त की रात बहोड़ापुर थाना क्षेत्र के आनंद नगर में हुई थी. जनकगंज निवासी विवेक ऑनलाइन डिलीवरी बॉय के रूप में काम करता था. उस रात वह डिलीवरी देने के बाद इलाके में एक मोमोज के ठेले पर रुक गया था. इसी दौरान सौरभ यादव, राहुल किरार और लाला अग्रवाल वहां पहुंचे.

मोमोज खाने के बाद रुपये देने को लेकर तीनों का ठेला संचालक से विवाद हो गया. विवाद बढ़ता देख विवेक ने बीच-बचाव करने और मामला शांत कराने की कोशिश की. आरोप है कि इसी दौरान उसका आरोपितों से विवाद हो गया. पुलिस के अनुसार सौरभ यादव इससे नाराज हो गया और उसने विवेक के सिर में गोली मार दी. गोली लगने से विवेक की मौत हो गई. वारदात के बाद तीनों आरोपित बाइक से वहां से भाग निकले.

पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में भी रिकॉर्ड हुई थी. करीब 51 सेकंड के इस फुटेज को जांच में महत्वपूर्ण साक्ष्य माना गया. फुटेज सामने आने के बाद पुलिस ने आरोपितों की पहचान और उनकी गिरफ्तारी के लिए अभियान तेज किया.

कई जिलों में तलाश और इनाम घोषित
हत्याकांड के बाद पुलिस ने आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए छह विशेष टीमें गठित की थीं. पुलिस की टीमें ग्वालियर के अलावा मुरैना, धौलपुर, आगरा, भिंड, शिवपुरी, दतिया और भोपाल तक संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थीं. तीनों आरोपितों पर 10-10 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था.

लगातार दबिश के बावजूद जब आरोपित हाथ नहीं आए तो पुलिस ने उनके संभावित भागने के रास्तों और संपर्कों की जानकारी जुटानी शुरू की. इसी दौरान मंगलवार तड़के पुलिस को उनके एक साथ बाइक से निकलने की सूचना मिली. सूचना के आधार पर की गई घेराबंदी में दो आरोपित पुलिस के हाथ लग गए, जबकि तीसरा मौके से निकलने में सफल रहा.

मुठभेड़ और गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस की जांच का एक महत्वपूर्ण हिस्सा यह पता लगाना है कि तीनों आरोपित हत्या के बाद कहां रहे और उनके संपर्क में कौन-कौन लोग थे. इसके लिए गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ की जा रही है.

तीसरे आरोपित के आत्मसमर्पण पर उठे सवाल
लाला अग्रवाल के न्यायालय पहुंचकर आत्मसमर्पण करने के बाद हत्याकांड को लेकर नया विवाद भी खड़ा हो गया है. मृतक विवेक के भाई चेतन सोनी ने न्यायालय परिसर में इस घटनाक्रम को लेकर गंभीर सवाल उठाए. उनका आरोप है कि तीसरे आरोपित का आत्मसमर्पण सामान्य घटनाक्रम नहीं लगता और यह योजनाबद्ध तरीके से कराया गया हो सकता है.

चेतन सोनी ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है. उनका कहना है कि हत्या जैसे गंभीर मामले में हर घटनाक्रम की सच्चाई सामने आना जरूरी है. खासकर तब, जब एक आरोपित पुलिस की कार्रवाई के बीच गिरफ्तार होता है और दूसरा कुछ ही समय बाद सीधे न्यायालय पहुंचकर आत्मसमर्पण कर देता है. हालांकि आत्मसमर्पण को लेकर लगाए गए इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस की ओर से इसकी विस्तृत स्थिति सामने आना बाकी है.

पुलिस जांच के सामने अब कई सवाल
दो आरोपितों की गिरफ्तारी और तीसरे के आत्मसमर्पण के बाद पुलिस के सामने अब केवल गिरफ्तारी पूरी करने की चुनौती नहीं है, बल्कि हत्या की पूरी कड़ी को प्रमाणित करने की जिम्मेदारी भी है. पुलिस सीसीटीवी फुटेज, घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्य, आरोपितों के बयान और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों को आपस में जोड़ रही है.

यह भी जांच का हिस्सा होगा कि हत्या में इस्तेमाल हथियार कहां से आया, वारदात के बाद आरोपित किस रास्ते से भागे और उन्होंने किन लोगों से संपर्क किया. इसके अलावा पुलिस यह भी जानने की कोशिश करेगी कि क्या हत्या के पीछे केवल मौके पर हुआ विवाद था या आरोपितों और विवेक के बीच पहले से कोई विवाद या परिचय था.

शॉर्ट एनकाउंटर में घायल सौरभ यादव के अस्पताल में भर्ती होने के कारण उससे पूछताछ उसकी चिकित्सकीय स्थिति के अनुसार की जाएगी. राहुल किरार से भी पुलिस घटनाक्रम को लेकर जानकारी जुटा रही है. वहीं लाला अग्रवाल के न्यायालय में आत्मसमर्पण के बाद उससे पूछताछ और आगे की कानूनी प्रक्रिया के जरिए हत्या की घटनाओं की कड़ी स्पष्ट करने का प्रयास होगा.

विवेक मीणा की हत्या ने शहर में सुरक्षा और आपराधिक घटनाओं को लेकर भी चिंता पैदा की थी. एक मामूली विवाद के बीच एक युवक की जान चली गई और घटना के बाद आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस को कई दिनों तक तलाश अभियान चलाना पड़ा. अब मंगलवार की कार्रवाई से मामले में तीनों आरोपित पुलिस और न्यायिक प्रक्रिया के दायरे में आ गए हैं. लेकिन मृतक के स्वजन द्वारा उठाए गए सवालों के कारण जांच की निष्पक्षता और प्रत्येक घटनाक्रम की पारदर्शी पड़ताल भी उतनी ही महत्वपूर्ण हो गई है. मामले में आगे की जांच से ही यह स्पष्ट होगा कि हत्या की पूरी साजिश और उसके बाद आरोपितों की गतिविधियों की वास्तविक तस्वीर क्या थी.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-