जबलपुर. चलती ट्रेन से 13 वर्षीय यात्री के गिरकर घायल होने की सूचना ने रेलवे के आपातकालीन तंत्र को सक्रिय कर दिया. ट्रेन के जबलपुर पहुंचने से पहले ही रेल मदद 139 और वार रूम के माध्यम से मिली सूचना पर जबलपुर मंडल ने उपचार और अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था शुरू कर दी. ट्रेन के स्टेशन पहुंचते ही रेलवे के कर्मचारी और चिकित्सा दल घायल बच्चे की मदद के लिए पहुंच गए. प्राथमिक उपचार के बाद रेलवे एंबुलेंस से उसे शासकीय चिकित्सालय विक्टोरिया भेजा गया.
घायल यात्री की पहचान मोहम्मद नसरूल के रूप में हुई है. वह शहडोल-नागपुर ट्रेन संख्या 11202 में यात्रा कर रहा था. चलती ट्रेन से गिरने के कारण वह घायल हो गया था और उसे अधारताल से जबलपुर लाया जा रहा था. घटना की जानकारी मिलते ही जबलपुर मंडल के वार रूम, रेल मदद 139 और उप स्टेशन प्रबंधक परिचालन के स्तर पर समन्वय शुरू किया गया, ताकि स्टेशन पहुंचते ही घायल को तत्काल सहायता मिल सके.
जबलपुर स्टेशन पर ट्रेन के पहुंचने के साथ ही अनन्या क्लिनिक के ईएमआर स्टाफ अतुल राव, ड्यूटी पर तैनात टिकट जांच कर्मचारियों और उप स्टेशन प्रबंधक वाणिज्य निखिल शुक्ला ने घायल यात्री को अटेंड किया. रेलवे कर्मचारियों ने बिना समय गंवाए बच्चे की स्थिति का जायजा लिया और तत्काल प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया. इसके बाद चिकित्सकीय उपचार के लिए उसे अस्पताल ले जाना जरूरी माना गया.
मामला एक नाबालिग यात्री से जुड़ा होने के कारण रेलवे ने केवल प्राथमिक चिकित्सा तक व्यवस्था सीमित नहीं रखी. बेहतर उपचार के लिए रेलवे एंबुलेंस की व्यवस्था की गई. साथ ही रेलवे सुरक्षा बल, राजकीय रेलवे पुलिस और रेलवे अस्पताल को भी सूचना दी गई, जिससे घायल यात्री को अस्पताल पहुंचाने और आगे की आवश्यक कार्रवाई में समन्वय बना रहे.
रेलवे की ओर से की गई इस त्वरित कार्रवाई का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह रहा कि ट्रेन के स्टेशन पहुंचने से पहले ही सहायता की तैयारी शुरू कर दी गई थी. आमतौर पर किसी यात्री के घायल होने की सूचना मिलने के बाद उपचार की व्यवस्था करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है, लेकिन इस मामले में सूचना तंत्र के सक्रिय होने से स्टेशन पर चिकित्सा सहायता उपलब्ध रही और घायल बच्चे को ज्यादा देर तक इंतजार नहीं करना पड़ा.
प्राथमिक उपचार मिलने के बाद घायल यात्री की स्थिति संतोषजनक बताई गई. उसे आगे के चिकित्सकीय उपचार के लिए शासकीय चिकित्सालय विक्टोरिया भेजा गया. रेलवे कर्मचारियों की सतर्कता और विभिन्न विभागों के बीच तत्काल समन्वय से नाबालिग यात्री को समय पर चिकित्सा सुविधा मिल सकी.
इस घटना ने रेल यात्रा के दौरान आपातकालीन सहायता तंत्र की उपयोगिता भी सामने ला दी. किसी यात्री के बीमार होने, घायल होने या किसी अन्य आपात स्थिति में रेल मदद 139 के माध्यम से सूचना दी जा सकती है.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

