जबलपुर. त्योहारों का मौसम शुरू होने के साथ ही खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर प्रशासन ने निगरानी बढ़ा दी है. खासतौर पर दूध और उससे तैयार होने वाले उत्पादों की बढ़ती खपत को देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग ने डेयरियों और दुग्ध उत्पादों की जांच का सिलसिला तेज किया है. इसी क्रम में खाद्य सुरक्षा प्रशासन की टीम ने अधारताल स्थित कृष्णा डेरी और त्रिमूर्ति नगर की कपिला डेरी में अचानक पहुंचकर विभिन्न खाद्य पदार्थों की जांच की. कार्रवाई के दौरान दूध के साथ मावा, पनीर, घी, क्रीम और दही के नमूने लिए गए हैं.
जांच की खास बात यह रही कि विभागीय टीम ने मौके पर आधुनिक मिल्क टेस्टिंग किट के माध्यम से प्राथमिक स्तर पर उत्पादों की जांच की. हालांकि किसी खाद्य पदार्थ को मानक अथवा अमानक घोषित करने का अंतिम आधार प्रयोगशाला की रिपोर्ट होगी. इसी वजह से अधिकारियों ने लिए गए नमूनों को विस्तृत परीक्षण के लिए राज्य खाद्य प्रयोगशाला भोपाल भेजने की प्रक्रिया शुरू की है. प्रयोगशाला से प्राप्त परिणामों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी.
त्योहारों के दौरान दूध से बनने वाले उत्पादों की खपत सामान्य दिनों की तुलना में काफी बढ़ जाती है. मिठाइयों, पनीर आधारित व्यंजनों और अन्य खाद्य पदार्थों में दूध, मावा, घी और क्रीम का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होता है. मांग बढ़ने के साथ ही इन उत्पादों की आपूर्ति भी बढ़ती है. ऐसे समय में खाद्य सामग्री की गुणवत्ता बनाए रखना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती होती है. इसी को ध्यान में रखते हुए विभाग ने डेयरी प्रतिष्ठानों को निगरानी के दायरे में लिया है.
कलेक्टर राघवेंद्र सिंह के निर्देश पर की गई इस कार्रवाई के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारी अमित गुप्ता के नेतृत्व में टीम ने दोनों प्रतिष्ठानों में उपलब्ध खाद्य सामग्री की स्थिति का जायजा लिया. केवल उत्पादों के नमूने लेने तक कार्रवाई सीमित नहीं रही, बल्कि वहां रखे खाद्य पदार्थों के भंडारण, बर्तनों और साफ-सफाई की व्यवस्था को भी देखा गया. अधिकारियों ने यह भी परखा कि खाद्य सामग्री को किस तरह रखा जा रहा है और बिक्री के लिए रखे उत्पादों की स्थिति निर्धारित खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप है या नहीं.
प्रशासन की इस कार्रवाई का एक महत्वपूर्ण पहलू यह है कि जांच का उद्देश्य केवल किसी एक प्रतिष्ठान के खिलाफ कार्रवाई करना नहीं, बल्कि त्योहारों के दौरान बाजार में आने वाली खाद्य सामग्री की गुणवत्ता पर नियंत्रण बनाए रखना है. विभाग आने वाले दिनों में शहर के अन्य क्षेत्रों में भी इसी तरह की जांच कर सकता है. इससे उन कारोबारियों पर निगरानी बढ़ेगी, जो बढ़ी हुई मांग का फायदा उठाकर गुणवत्ता से समझौता कर सकते हैं.
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार नमूनों की प्रयोगशाला जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि संबंधित उत्पाद निर्धारित मानकों पर खरे उतरते हैं या नहीं. यदि परीक्षण में किसी उत्पाद में मिलावट, अमानकता या नियमों का उल्लंघन सामने आता है, तो संबंधित संचालक के खिलाफ खाद्य सुरक्षा कानून के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी. वहीं, रिपोर्ट में किसी तरह की गड़बड़ी नहीं मिलने पर मामला उसी आधार पर आगे बढ़ाया जाएगा.
इस कार्रवाई के बाद शहर के दुग्ध कारोबार से जुड़े प्रतिष्ठानों में भी सतर्कता बढ़ने की संभावना है. प्रशासन ने साफ संकेत दिया है कि त्योहारों के दौरान आम लोगों तक पहुंचने वाली खाद्य सामग्री की गुणवत्ता से समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा. आने वाले दिनों में जांच का दायरा बढ़ने के साथ दूध और उससे बने उत्पादों के कारोबारियों की जवाबदेही भी बढ़ेगी. ऐसे में त्योहारों के बाजार में उपभोक्ताओं को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी केवल प्रशासन की नहीं, बल्कि कारोबारियों की भी होगी.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

