वॉशिंगटन सुंदर की फिटनेस पर श्रीकांत ने उठाए सवाल, बोले भारत के लिए चुने जाने से पहले प्रतिस्पर्धी क्रिकेट खेलना चाहिए था

वॉशिंगटन सुंदर की फिटनेस पर श्रीकांत ने उठाए सवाल, बोले भारत के लिए चुने जाने से पहले प्रतिस्पर्धी क्रिकेट खेलना चाहिए था

प्रेषित समय :22:32:31 PM / Fri, Sep 4th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

नई दिल्ली. अफगानिस्तान के खिलाफ आगामी तीन मैचों की टी-20 अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला के लिए भारतीय टीम में वॉशिंगटन सुंदर की वापसी ने चयन को लेकर बहस छेड़ दी है. पूर्व भारतीय कप्तान कृष्णमाचारी श्रीकांत ने सुंदर के चयन पर सवाल उठाते हुए कहा है कि राष्ट्रीय टीम में वापसी से पहले खिलाड़ी को प्रतिस्पर्धी क्रिकेट खेलकर अपनी मैच फिटनेस साबित करनी चाहिए. श्रीकांत का कहना है कि सुंदर लगातार चोटों से जूझते रहे हैं और ऐसे में केवल चिकित्सकीय मंजूरी के आधार पर उन्हें अंतरराष्ट्रीय मुकाबले के लिए चुनना उचित नहीं है. सुंदर को अफगानिस्तान श्रृंखला के लिए टीम में शामिल किया गया है, लेकिन उनकी उपलब्धता फिटनेस मंजूरी पर निर्भर है.

श्रीकांत ने अपने यू-ट्यूब चैनल पर सुंदर की फिटनेस और मौजूदा सफेद गेंद के प्रदर्शन को लेकर अपनी चिंता जाहिर की. उनका कहना था कि यदि किसी खिलाड़ी ने लंबे समय से प्रतिस्पर्धी मुकाबला नहीं खेला है तो अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी से पहले उसे किसी स्तर पर मैच खेलकर अपनी फिटनेस और लय साबित करनी चाहिए. श्रीकांत के मुताबिक सुंदर ने टेस्ट क्रिकेट में शानदार बदलाव किया है, लेकिन छोटे प्रारूप में उनकी लय को लेकर सवाल बने हुए हैं.

सुंदर को जुलाई में इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे एकदिवसीय मुकाबले के दौरान हैमस्ट्रिंग चोट लगी थी. इसके बाद वह पुनर्वास के लिए भारतीय क्रिकेट बोर्ड के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में रहे. अब उन्हें अफगानिस्तान के खिलाफ टी-20 श्रृंखला के लिए टीम में जगह दी गई है, लेकिन अंतिम रूप से खेलने के लिए फिटनेस मंजूरी जरूरी होगी. यही स्थिति श्रीकांत के सवाल का मुख्य आधार बनी है.

श्रीकांत ने सुंदर के लगातार चोटिल होने को लेकर भी चिंता जताई. उनका कहना था कि सुंदर दो-तीन श्रृंखलाओं के बाद चोट की समस्या से घिरते रहे हैं. उनके अनुसार, खिलाड़ी की चिकित्सकीय स्थिति और वास्तविक मैच फिटनेस में अंतर होता है. किसी खिलाड़ी का उपचार पूरा हो जाना अलग बात है और उच्च स्तर के प्रतिस्पर्धी मुकाबले के दबाव को संभालने के लिए पूरी तरह तैयार होना अलग.

भारतीय टीम में सुंदर के साथ जसप्रीत बुमराह, नीतिश कुमार रेड्डी और हर्षित राणा को भी फिटनेस मंजूरी के अधीन रखा गया है. इसका मतलब है कि चयनकर्ताओं ने इन खिलाड़ियों को संभावित टीम में तो शामिल किया है, लेकिन उनकी उपलब्धता का अंतिम फैसला फिटनेस आकलन के बाद होगा. भारतीय टीम की 15 सदस्यीय सूची में चार खिलाड़ियों की फिटनेस को लेकर यह शर्त लगी हुई है.

सुंदर के मामले में श्रीकांत की आपत्ति केवल चोट से जुड़ी नहीं है. उन्होंने सफेद गेंद के क्रिकेट में उनके हालिया प्रदर्शन और लय पर भी सवाल उठाया. श्रीकांत के अनुसार सुंदर ने टेस्ट क्रिकेट में अपने खेल को प्रभावशाली ढंग से विकसित किया है, लेकिन टी-20 और एकदिवसीय क्रिकेट में उनकी निरंतरता वैसी नहीं रही है. उन्होंने आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ उनके प्रदर्शन का संदर्भ देते हुए कहा कि छोटे प्रारूप में सुंदर को अपनी लय फिर हासिल करने की जरूरत है.

यह बहस ऐसे समय सामने आई है जब भारतीय टीम अपने व्यस्त अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम के अगले चरण की तैयारी कर रही है. अफगानिस्तान के खिलाफ तीनों टी-20 मुकाबले नई दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेले जाएंगे. पहला मुकाबला 13 सितंबर, दूसरा 15 सितंबर और तीसरा 17 सितंबर को होगा. यही टीम आगे एशियाई खेलों के लिए भी भारत की तैयारियों का हिस्सा बनेगी.

अफगानिस्तान श्रृंखला के लिए भारतीय टीम में श्रेयस अय्यर को कप्तान और तिलक वर्मा को उपकप्तान बनाया गया है. टीम में अभिषेक शर्मा, वैभव सूर्यवंशी, संजू सैमसन, ईशान किशन, शिवम दुबे, नीतिश कुमार रेड्डी, अक्षर पटेल, वॉशिंगटन सुंदर, वरुण चक्रवर्ती, रवि बिश्नोई, जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह और हर्षित राणा शामिल हैं.

इस टीम चयन में फिटनेस एक अहम मुद्दा बनकर उभरा है. बुमराह, सुंदर, नीतिश और हर्षित को टीम में शामिल किए जाने के बावजूद उनकी अंतिम उपलब्धता चिकित्सकीय आकलन पर निर्भर है. इससे चयनकर्ताओं के सामने एक साथ दो चुनौती हैं—एक ओर अनुभवी और महत्वपूर्ण खिलाड़ियों को टीम में बनाए रखना और दूसरी ओर यह सुनिश्चित करना कि वे अंतरराष्ट्रीय स्तर के मुकाबले के लिए पूरी तरह तैयार हों.

वॉशिंगटन सुंदर का महत्व भारतीय टीम के लिए इसलिए भी है क्योंकि वह गेंद और बल्ले दोनों से योगदान देने की क्षमता रखते हैं. एक ऑफ स्पिन गेंदबाज के रूप में वह टीम को अतिरिक्त विकल्प देते हैं और निचले क्रम में बल्लेबाजी भी कर सकते हैं. ऐसी स्थिति में उनका पूरी तरह फिट होना टीम संयोजन के लिए महत्वपूर्ण हो जाता है. लेकिन श्रीकांत का तर्क है कि इस बहुआयामी भूमिका के कारण ही उनकी फिटनेस को केवल चिकित्सकीय रिपोर्ट से नहीं, बल्कि मैदान पर प्रदर्शन के जरिये भी परखा जाना चाहिए.

भारतीय टीम हाल के टी-20 मुकाबलों में अपेक्षित परिणाम हासिल नहीं कर सकी है. आईसीसी की जानकारी के अनुसार भारत को आयरलैंड के खिलाफ श्रृंखला में 2-0 और इंग्लैंड के खिलाफ 4-0 से हार का सामना करना पड़ा था, हालांकि जिम्बाब्वे में टीम को सफलता मिली. ऐसे में अफगानिस्तान के खिलाफ श्रृंखला टीम के लिए वापसी और नए संयोजन को आजमाने का अवसर भी होगी.

श्रीकांत ने इसी पृष्ठभूमि में चयन प्रक्रिया को लेकर अपनी राय रखी है. उनका मानना है कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी से पहले खिलाड़ी को प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में अपनी तैयारी दिखानी चाहिए. उनके अनुसार चिकित्सकीय रूप से फिट होने का अर्थ यह जरूरी नहीं कि खिलाड़ी तुरंत अंतरराष्ट्रीय मुकाबले के लिए मैच फिट भी हो.

इस बहस में यह तथ्य भी महत्वपूर्ण है कि सुंदर को अभी अंतिम फिट घोषित नहीं किया गया है. उन्हें टीम में शामिल करते समय ही उनकी उपलब्धता को फिटनेस मंजूरी से जोड़ा गया है. इसलिए चयनकर्ताओं ने उनके लिए दरवाजा खुला रखा है, लेकिन अंतिम फैसला उनकी फिटनेस जांच के बाद ही होगा.

श्रीकांत ने नीतिश कुमार रेड्डी को लेकर भी अपनी राय रखी और कहा कि यदि रेड्डी अपनी मैच फिटनेस साबित करते हैं तो वह उन्हें शिवम दुबे के ऊपर प्राथमिकता देंगे. हालांकि उन्होंने यह भी माना कि अफगानिस्तान श्रृंखला से पहले मैच खेलकर फिटनेस साबित करने के लिए समय सीमित है. इस टिप्पणी से साफ है कि श्रीकांत की चिंता केवल सुंदर तक सीमित नहीं, बल्कि चोट से वापसी करने वाले खिलाड़ियों के चयन की प्रक्रिया से भी जुड़ी है.

अफगानिस्तान के खिलाफ पहला मुकाबला शुरू होने में अभी समय है और इस दौरान फिटनेस परीक्षण निर्णायक होंगे. यदि सुंदर फिटनेस मंजूरी हासिल कर लेते हैं तो उनके पास अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी का मौका होगा. लेकिन श्रीकांत की टिप्पणी ने एक बड़ा सवाल जरूर सामने रख दिया है कि चोट से लौटने वाले खिलाड़ी के लिए चिकित्सकीय रूप से फिट होना पर्याप्त मानदंड होना चाहिए या उसे अंतरराष्ट्रीय टीम में शामिल करने से पहले प्रतिस्पर्धी क्रिकेट के जरिये अपनी मैच तैयारी भी साबित करनी चाहिए.

फिलहाल भारतीय चयनकर्ताओं ने सुंदर पर भरोसा जताया है, जबकि उनकी उपलब्धता को फिटनेस मंजूरी से जोड़कर अंतिम निर्णय बाद के लिए रखा है. दूसरी ओर श्रीकांत ने चयन प्रक्रिया में मैच फिटनेस को अधिक महत्व देने की वकालत की है. अब सुंदर की फिटनेस रिपोर्ट और मैदान पर उनकी वापसी ही यह तय करेगी कि वह अफगानिस्तान के खिलाफ टी-20 श्रृंखला में भारतीय टीम की योजनाओं का हिस्सा बन पाते हैं या नहीं.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-