जबलपुर. बिलहरी बिजली कार्यालय के अंतर्गत कजरवारा समीप कांतिविला क्षेत्र में र 5 सितंबर को तेज बारिश के दौरान जर्जर सीमेंट का बिजली खंभा अचानक गिर गया. खंभे के गिरने के बाद बिजली लाइन से करंट सड़क और आसपास की गीली सतह पर फैल गया. इसकी चपेट में आने से एक गर्भवती गाय की मौके पर ही तड़पकर मौत हो गई. गाय के पेट में पल रहे अजन्मे बछड़े की भी असमय मृत्यु हो गई. घटना दोपहर करीब 1 बजे से 1:55 बजे के बीच की बताई गई है. हादसे के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया.
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सड़क पर फैला करंट इतना खतरनाक था कि यदि उस समय कोई राहगीर इसकी चपेट में आ जाता तो बड़ा हादसा हो सकता था. बारिश के दौरान सड़क पर पानी और गीली जमीन के बीच बिजली का प्रवाह फैलने से आसपास के लोगों में भी भय बना रहा. घटना के बाद स्थानीय नागरिकों ने बिजली व्यवस्था और जर्जर खंभों की स्थिति को लेकर रोष जताया.
क्षेत्रीय नागरिक अटल उपाध्याय, रवि सेन, अशोक पटेल, विवेक उपाध्याय, प्रशांत चौकसे, अभय उपाध्याय, सुधीश सोनी, सतेंद्र सोनी, निक्की तथा अंकित ने घटना पर कड़ा रोष जताया है. नागरिकों का कहना है कि सड़क पर बिजली का करंट फैलने की स्थिति में किसी भी व्यक्ति के इसकी चपेट में आने की आशंका थी. मवेशियों की मौत के बाद लोगों ने घटना को गंभीरता से लेते हुए बिजली व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठाए हैं.
हादसे में मारी गई गर्भवती गाय के साथ उसके गर्भ में पल रहे अजन्मे बछड़े की मौत ने घटना को और दर्दनाक बना दिया. चारा तलाश रही बेसहारा मवेशी करंट की चपेट में आ गई और उसकी मौके पर ही मौत हो गई. बिजली के संपर्क में आने के कारण गर्भ में पल रहा बछड़ा भी नहीं बच सका.
स्थानीय लोगों के अनुसार सड़क किनारे स्थापित कंक्रीट का यह बिजली खंभा काफी समय से कमजोर था. खंभे के आंतरिक सरिए जंग लगने से कमजोर पड़ चुके थे. क्षेत्रवासियों द्वारा पूर्व में कई बार आगाह किए जाने की बात भी सामने आई है. इसके बावजूद खंभे की स्थिति में सुधार नहीं किया गया. तेज बारिश के दौरान पानी के रिसाव और जमीन के ढीली पड़ने के बाद खंभा अचानक भरभराकर गिर गया.
खंभा गिरने के साथ ही बिजली लाइन भी नीचे आ गई. सक्रिय विद्युत प्रवाह गीली जमीन और जलभराव के संपर्क में आ गया, जिसके कारण आसपास के मार्ग पर करंट फैल गया. यही स्थिति हादसे का तत्काल कारण बनी और इसकी चपेट में आने से मवेशी की मौत हो गई.
घटना के बाद स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर भी नाराजगी रही कि हादसे के बाद मृत मवेशी को सड़क से हटाने और उसके सम्मानजनक विसर्जन की व्यवस्था में भी देरी हुई. लोगों के अनुसार मृत जानवर को उठाने के लिए जिम्मेदार अमला कई घंटों तक मौके पर नहीं पहुंचा. इससे क्षेत्र में दुर्गंध के साथ संक्रमण का खतरा भी बना रहा.
मृत मवेशियों के मालिक मोहित यादव, अनिल यादव, शक्ति यादव, शौरभ पटेल और दिन्नू यादव ने मुआवजे की मांग की है. उनका कहना है कि बिजली खंभे के गिरने और करंट फैलने की घटना में उनके मवेशियों की जान गई है, इसलिए उन्हें मुआवजा दिया जाना चाहिए.
घटना ने बारिश के दौरान बिजली व्यवस्था को लेकर स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है. क्षेत्रवासियों का कहना है कि जर्जर बिजली खंभे और कमजोर ढांचे को समय रहते दुरुस्त नहीं किया गया तो भविष्य में किसी व्यक्ति की जान भी जा सकती है. उनका कहना है कि जिस स्थान पर करंट फैला, वहां से लोगों और मवेशियों का आवागमन होता है. ऐसे में बिजली लाइन के खुले संपर्क में आने की स्थिति गंभीर खतरा पैदा कर सकती है.
स्थानीय नागरिकों ने पूरे मामले की तकनीकी जांच कराने की मांग की है. उनका कहना है कि बिजली के बुनियादी ढांचे की स्थिति की जांच कर कमजोर और जर्जर खंभों को समय रहते बदला जाना चाहिए. साथ ही बारिश के दौरान बिजली लाइनों और खंभों से जुड़े संभावित खतरों को लेकर भी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए.
क्षेत्रवासियों ने जिम्मेदार कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच कराने की मांग की है. उनका कहना है कि यदि किसी बिजली खंभे की हालत लंबे समय से खराब थी और इसकी जानकारी संबंधित स्तर तक पहुंचाई गई थी तो उसकी मरम्मत या उसे बदलने की कार्रवाई समय पर होनी चाहिए थी. घटना के बाद लोगों में इस बात को लेकर नाराजगी है कि एक जर्जर खंभे के गिरने से न केवल दो बेजुबान जानें गईं, बल्कि सड़क पर मौजूद लोगों के लिए भी जान का खतरा पैदा हो गया.
5 सितंबर की दोपहर हुई इस घटना ने कजरवारा के कांतिविला क्षेत्र में बिजली के जर्जर ढांचे की स्थिति को सामने ला दिया है. तेज बारिश के दौरान सीमेंट का पुराना खंभा गिरा, बिजली लाइन से करंट फैला और उसकी चपेट में आकर गर्भवती गाय तथा उसके गर्भ में पल रहे अजन्मे बछड़े की मौत हो गई. घटना के बाद नागरिकों ने रोष जताया और मवेशी मालिकों ने मुआवजे की मांग की है. क्षेत्रवासियों की मांग है कि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो, इसके लिए कमजोर बिजली ढांचे की जांच कर आवश्यक सुधार किए जाएं.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

