गणेशोत्सव में हर दिन बदलें बप्पा का भोग: 10 दिनों के लिए बनाएं 10 तरह के स्वादिष्ट मोदक

गणेशोत्सव में हर दिन बदलें बप्पा का भोग: 10 दिनों के लिए बनाएं 10 तरह के स्वादिष्ट मोदक

प्रेषित समय :23:16:20 PM / Sat, Sep 12th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

गणेशोत्सव का उत्साह केवल पूजा और सजावट तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इस दौरान बनने वाले पारंपरिक व्यंजन भी उत्सव का अहम हिस्सा होते हैं. गणपति बप्पा को मोदक का भोग लगाने की परंपरा रही है. यही वजह है कि गणेशोत्सव के दिनों में घरों में मोदक बनाने की खास तैयारी की जाती है. हालांकि हर दिन एक ही तरह के मोदक बनाने से स्वाद में एकरसता आ सकती है. ऐसे में इस बार 10 दिनों के उत्सव को 10 अलग-अलग स्वाद के मोदक के साथ खास बनाया जा सकता है.

पारंपरिक उकड़ी वाले मोदक से लेकर चॉकलेट, सूखे मेवे, पनीर और चना दाल तक कई तरह के विकल्प घर पर तैयार किए जा सकते हैं. खास बात यह है कि इनमें से कई मोदक बिना बहुत जटिल प्रक्रिया के बनाए जा सकते हैं. यहां 10 अलग-अलग मोदक की रेसिपी और उन्हें बनाने की आसान विधि दी जा रही है, जिन्हें अलग-अलग दिन भोग में शामिल किया जा सकता है.

पहला दिन चॉकलेट मोदक से करें स्वादिष्ट शुरुआत
बच्चों को पारंपरिक मिठाइयों की तुलना में चॉकलेट का स्वाद अधिक पसंद आता है. गणेशोत्सव की शुरुआत चॉकलेट मोदक से की जा सकती है. इसे मावा, चॉकलेट और सूखे मेवों की मदद से बनाया जा सकता है.

सामग्री:
मावा 250 ग्राम, चॉकलेट 100 ग्राम, पिसी चीनी 50 ग्राम, कटे हुए काजू-बादाम और एक चुटकी इलायची पाउडर.

बनाने की विधि:

सबसे पहले कड़ाही में मावा डालकर धीमी आंच पर भूनें.

मावा का कच्चापन दूर होने के बाद गैस बंद कर दें.

इसमें चॉकलेट डालकर अच्छी तरह मिलाएं.

मिश्रण थोड़ा ठंडा होने पर पिसी चीनी, इलायची और सूखे मेवे मिलाएं.

मिश्रण को हाथ से अच्छी तरह गूंथकर चिकना करें.

मोदक के सांचे में मिश्रण भरकर दबाएं और आकार दें.

तैयार मोदक को कुछ देर ठंडा होने दें और फिर भोग में शामिल करें.

दूसरा दिन सूखे मेवों से तैयार करें पौष्टिक स्वाद
काजू, बादाम और पिस्ता से बने मोदक देखने में आकर्षक होने के साथ स्वाद में भी खास होते हैं. इन्हें कम समय में तैयार किया जा सकता है.

सामग्री:
काजू 100 ग्राम, बादाम 100 ग्राम, पिस्ता 50 ग्राम, मावा 150 ग्राम, पिसी चीनी 75 ग्राम और इलायची पाउडर.

बनाने की विधि:

काजू, बादाम और पिस्ता को अलग-अलग हल्का भून लें.

ठंडा होने पर इन्हें दरदरा पीस लें.

कड़ाही में मावा डालकर धीमी आंच पर भूनें.

इसमें सूखे मेवों का मिश्रण डालकर अच्छी तरह मिलाएं.

गैस बंद करके मिश्रण को थोड़ा ठंडा करें.

पिसी चीनी और इलायची मिलाएं.

मिश्रण को मोदक के सांचे में भरकर आकार दें.

तीसरा दिन केसर की खुशबू से सजाएं भोग की थाली
केसर वाला मोदक गणेशोत्सव की पूजा की थाली को खास बना सकता है. इसमें दूध और मावे का इस्तेमाल किया जा सकता है.

सामग्री:
मावा 250 ग्राम, दूध 3-4 बड़े चम्मच, चीनी 75 ग्राम, केसर के कुछ रेशे, इलायची पाउडर और पिस्ता.

बनाने की विधि:

सबसे पहले गुनगुने दूध में केसर भिगो दें.

कड़ाही में मावा डालकर धीमी आंच पर भूनें.

मावा हल्का सुनहरा होने लगे तो केसर वाला दूध डालें.

इसमें चीनी और इलायची मिलाएं.

मिश्रण को लगातार चलाते हुए गाढ़ा होने तक पकाएं.

गैस बंद करके मिश्रण को ठंडा करें.

हाथों पर हल्का घी लगाकर मिश्रण को सांचे में भरें और मोदक तैयार करें.

ऊपर से पिस्ते की हल्की सजावट की जा सकती है.

चौथा दिन मलाई मोदक से लाएं नरम और क्रीमी स्वाद
मलाई मोदक का स्वाद सामान्य मोदक से थोड़ा अलग और नरम होता है. दूध, मावा और चीनी से इसकी अच्छी बनावट तैयार की जा सकती है.

सामग्री:
मावा 200 ग्राम, दूध 100 मिलीलीटर, चीनी 75 ग्राम, मिल्क पाउडर 2 बड़े चम्मच, इलायची और कटे हुए पिस्ते.

बनाने की विधि:

कड़ाही में दूध और मिल्क पाउडर डालकर धीमी आंच पर मिलाएं.

इसमें मावा डालें और लगातार चलाते रहें.

मिश्रण गाढ़ा होने लगे तो चीनी डालें.

इलायची मिलाकर मिश्रण को तब तक पकाएं जब तक वह कड़ाही छोड़ने लगे.

मिश्रण को थोड़ा ठंडा करें.

मोदक के सांचे में भरकर आकार दें.

ऊपर से पिस्ते से सजाकर भोग लगाएं.

पांचवां दिन चना दाल मोदक में मिलेगा देसी स्वाद
चना दाल, गुड़ और नारियल से तैयार मोदक पारंपरिक स्वाद से जुड़ा एक अच्छा विकल्प है. इसमें चीनी की जगह गुड़ का इस्तेमाल किया जा सकता है.

सामग्री:
चना दाल 1 कप, गुड़ ¾ कप, कद्दूकस किया नारियल ½ कप, इलायची पाउडर और थोड़ा घी.

बनाने की विधि:

चना दाल को धोकर पर्याप्त पानी में नरम होने तक पकाएं.

पानी अच्छी तरह निकालकर दाल को हल्का मैश करें.

कड़ाही में थोड़ा घी डालकर दाल को कुछ मिनट भूनें.

इसमें गुड़ और नारियल डालें.

धीमी आंच पर मिश्रण को तब तक पकाएं जब तक वह गाढ़ा होकर कड़ाही छोड़ने लगे.

इलायची डालकर गैस बंद कर दें.

मिश्रण ठंडा होने पर छोटे हिस्से लें.

मोदक के सांचे में भरकर आकार दें.

छठा दिन पनीर मोदक से करें कुछ अलग प्रयोग
अगर परिवार में लोग पारंपरिक मोदक से हटकर कुछ नया स्वाद चाहते हैं तो पनीर मोदक अच्छा विकल्प हो सकता है. इसे नरम और हल्के मीठे स्वाद में तैयार किया जा सकता है.

सामग्री:
ताजा पनीर 250 ग्राम, पिसी चीनी 75 ग्राम, मिल्क पाउडर 2 बड़े चम्मच, इलायची पाउडर और कुछ पिस्ते.

बनाने की विधि:

पनीर को अच्छी तरह मसलकर चिकना कर लें.

कड़ाही में पनीर और मिल्क पाउडर डालें.

धीमी आंच पर मिश्रण को लगातार चलाएं.

इसमें पिसी चीनी और इलायची डालें.

मिश्रण थोड़ा गाढ़ा होने पर गैस बंद कर दें.

इसे ठंडा होने दें और फिर हाथ से चिकना करें.

सांचे में भरकर मोदक का आकार दें.

ऊपर से पिस्ते के छोटे टुकड़े लगाएं.

सातवां दिन केसरिया मोदक से बढ़ाएं उत्सव का रंग
केसरिया मोदक को खासतौर पर उसके रंग और खुशबू के लिए पूजा की थाली में शामिल किया जा सकता है. इसे मावा और दूध से आसानी से तैयार किया जा सकता है.

सामग्री:
मावा 250 ग्राम, दूध 3 बड़े चम्मच, चीनी 75 ग्राम, केसर कुछ रेशे, इलायची और कटे हुए बादाम.

बनाने की विधि:

केसर को गुनगुने दूध में भिगो दें.

मावे को कड़ाही में धीमी आंच पर भूनें.

इसमें केसर वाला दूध डालकर अच्छी तरह मिलाएं.

चीनी और इलायची डालें.

मिश्रण को तब तक पकाएं जब तक वह गाढ़ा न हो जाए.

गैस बंद कर इसे ठंडा करें.

सांचे में मिश्रण भरकर मोदक बनाएं.

बादाम से सजाकर भोग लगाएं.

आठवां दिन नारियल-गुड़ के पारंपरिक मोदक की खुशबू
10 दिनों के भोग में एक दिन पूरी तरह पारंपरिक स्वाद को दिया जा सकता है. नारियल और गुड़ से तैयार मोदक इस दिन के लिए बेहतर विकल्प है.

सामग्री:
कद्दूकस किया ताजा नारियल 1 कप, गुड़ ¾ कप, इलायची पाउडर, थोड़ा घी और मोदक का बाहरी आवरण बनाने के लिए चावल का आटा.

बनाने की विधि:

कड़ाही में थोड़ा घी डालकर नारियल को हल्का भूनें.

इसमें गुड़ डालकर धीमी आंच पर पकाएं.

मिश्रण गाढ़ा होने लगे तो इलायची डालें.

गैस बंद करके भरावन को ठंडा करें.

अब चावल के आटे में गर्म पानी डालकर नरम आटा गूंथें.

आटे की छोटी लोई बनाकर उसे हथेली से कटोरी जैसा फैलाएं.

इसमें नारियल-गुड़ की भरावन रखें.

किनारों को मोड़कर मोदक का आकार दें.

मोदक को भाप में करीब 10-15 मिनट पकाएं.

तैयार मोदक को थोड़ा ठंडा करके भोग में रखें.

नौवां दिन आम का स्वाद लेकर आएगा नया ट्विस्ट
गणेशोत्सव के दौरान पारंपरिक मिठाई में फल का स्वाद जोड़कर भी नया प्रयोग किया जा सकता है. आम का मोदक विशेष रूप से उन लोगों के लिए अच्छा विकल्प है जो हल्का फ्रूटी स्वाद पसंद करते हैं.

सामग्री:
मावा 200 ग्राम, आम का गाढ़ा पल्प ½ कप, मिल्क पाउडर 2 बड़े चम्मच, चीनी स्वादानुसार और इलायची पाउडर.

बनाने की विधि:

कड़ाही में मावा डालकर धीमी आंच पर भूनें.

इसमें मिल्क पाउडर डालकर अच्छी तरह मिलाएं.

आम का गाढ़ा पल्प डालें और लगातार चलाते रहें.

जरूरत के अनुसार थोड़ी चीनी मिलाएं.

मिश्रण को तब तक पकाएं जब तक अतिरिक्त नमी कम होकर मिश्रण गाढ़ा न हो जाए.

इलायची डालकर गैस बंद कर दें.

मिश्रण को पूरी तरह ठंडा होने दें.

सांचे में भरकर मोदक का आकार दें.

चाहें तो ऊपर से आम के छोटे टुकड़े या पिस्ते से सजावट करें.

दसवें दिन पिस्ता मोदक के साथ करें गणेशोत्सव का समापन
उत्सव के अंतिम दिन पिस्ते की खुशबू और मावे की मिठास वाला मोदक तैयार किया जा सकता है. इसका हरा रंग भी इसे दूसरी किस्मों से अलग दिखाता है.

सामग्री:
मावा 250 ग्राम, पिस्ता 100 ग्राम, पिसी चीनी 75 ग्राम, मिल्क पाउडर 1 बड़ा चम्मच और इलायची पाउडर.

बनाने की विधि:

पिस्ते को बारीक पीस लें, लेकिन उसे पूरी तरह पेस्ट न बनाएं.

मावे को धीमी आंच पर हल्का भूनें.

इसमें पिसा हुआ पिस्ता और मिल्क पाउडर डालें.

मिश्रण को अच्छी तरह मिलाते हुए कुछ मिनट पकाएं.

चीनी और इलायची डालें.

मिश्रण गाढ़ा होने पर गैस बंद कर दें.

थोड़ा ठंडा होने के बाद हाथ से मिश्रण को चिकना करें.

मोदक के सांचे में भरकर आकार दें.

ऊपर से पिस्ते की कतरन लगाकर सजाएं.

10 दिन 10 स्वाद से भोग में आएगी विविधता
गणेशोत्सव में मोदक का महत्व केवल उसके स्वाद तक सीमित नहीं है. घर पर परिवार के साथ मिलकर अलग-अलग तरह के मोदक बनाना भी त्योहार की खुशियों को बढ़ाने वाला अनुभव हो सकता है. एक दिन चॉकलेट और दूसरे दिन सूखे मेवों का स्वाद बच्चों को पसंद आ सकता है, तो चना दाल, नारियल-गुड़ और केसर वाले मोदक पारंपरिक स्वाद की याद दिलाएंगे. वहीं पनीर, आम और पिस्ता जैसे प्रयोग भोग की थाली में नया स्वाद जोड़ सकते हैं.

इस तरह 10 दिनों में 10 तरह के मोदक बनाकर हर दिन के भोग को अलग बनाया जा सकता है. हालांकि भोग के लिए मिठाई बनाते समय सामग्री की ताजगी, साफ-सफाई और सही तरीके से पकाने का ध्यान रखना जरूरी है. विशेष रूप से दूध, मावा और पनीर से बने मोदक तैयार होने के बाद उचित तापमान पर रखें और लंबे समय तक खुले में न छोड़ें.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-