राहुल द्रविड़ ने चुना दुनिया का नंबर-1 कप्तान, धोनी ने कोहली पोंटिंग और कपिल देव को छोड़ा पीछे

राहुल द्रविड़ ने चुना दुनिया का नंबर-1 कप्तान, धोनी ने कोहली पोंटिंग और कपिल देव को छोड़ा पीछे

प्रेषित समय :19:53:21 PM / Sun, Sep 13th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

राहुल द्रविड़ का क्रिकेट को लेकर नजरिया हमेशा ही बेहद संतुलित और गहराई वाला माना जाता है. बल्लेबाज के रूप में लंबा अंतरराष्ट्रीय करियर बिताने के बाद भारतीय टीम की कप्तानी और फिर मुख्य कोच की जिम्मेदारी संभाल चुके द्रविड़ ने अब अपने पसंदीदा कप्तान का नाम बताया है. खास बात यह है कि उनकी पसंद भारतीय क्रिकेट के कई बड़े नामों से अलग रही. विराट कोहली, रोहित शर्मा, कपिल देव और ऑस्ट्रेलिया के रिकी पोंटिंग जैसे दिग्गजों के बीच द्रविड़ ने महेंद्र सिंह धोनी को अपनी पहली पसंद बनाया.

यह चयन एक विशेष क्रिकेट चैलेंज के दौरान सामने आया, जिसमें द्रविड़ को अलग-अलग दौर के 15 महान कप्तानों में से अपनी पसंद चुननी थी. मुकाबला आगे बढ़ने के साथ विकल्प कम होते गए और आखिर में उनके सामने कुछ बेहद सफल कप्तानों में से चुनाव करने की स्थिति आई. द्रविड़ ने उपलब्धियों और कप्तानी के रिकॉर्ड को आधार बनाते हुए धोनी को सबसे ऊपर रखा.

15 महान कप्तानों में से करना था चुनाव
ईएसपीएनक्रिकइन्फो के एक क्विज में राहुल द्रविड़ को क्रिकेट इतिहास के 15 महान कप्तानों में से अपनी पसंद चुननी थी. इसमें अलग-अलग दौर और देशों के ऐसे कप्तान शामिल थे, जिन्होंने अपनी टीमों को विश्व क्रिकेट में बड़ी सफलताएं दिलाई थीं.

इस सूची में पाकिस्तान के 1992 विश्व कप विजेता कप्तान इमरान खान, वेस्टइंडीज के महान कप्तान क्लाइव लॉयड, भारत के कपिल देव, विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे नाम शामिल थे. ऑस्ट्रेलिया के रिकी पोंटिंग, स्टीव वॉ और अन्य सफल कप्तान भी इस चुनौती का हिस्सा थे.

द्रविड़ को हर चरण में दो या उससे अधिक विकल्पों में से एक कप्तान को आगे बढ़ाना था. इसी क्रम में उनकी पसंद कई बार बदली और अलग-अलग कप्तानों के बीच मुकाबला देखने को मिला.

शुरुआती दौर में स्टीवन स्मिथ को दी प्राथमिकता
चैलेंज के शुरुआती दौर में द्रविड़ ने ऑस्ट्रेलिया के स्टीवन स्मिथ को अपनी पसंद बनाया. स्मिथ का मुकाबला बेन स्टोक्स, केन विलियमसन, अर्जुन रणतुंगा, ग्रीम स्मिथ और स्टीफन फ्लेमिंग जैसे कप्तानों से हुआ. इन मुकाबलों में द्रविड़ ने कई बार स्मिथ को तरजीह दी.

ऑस्ट्रेलियाई कप्तानों के बीच भी स्मिथ द्रविड़ की पसंद बने रहे. माइकल क्लार्क, इयोन मॉर्गन और पैट कमिंस जैसे कप्तानों की तुलना में द्रविड़ ने स्मिथ को आगे चुना. हालांकि जब रिकी पोंटिंग सामने आए तो उनकी पसंद बदल गई.

इसके बाद पोंटिंग का मुकाबला एलन बॉर्डर से हुआ. आगे चलकर स्टीव वॉ ने पोंटिंग को पीछे छोड़ दिया. इस तरह ऑस्ट्रेलियाई कप्तानों के इस हिस्से में स्टीव वॉ आगे निकल गए.

विराट कोहली और स्टीव वॉ के बीच भी हुआ चुनाव
चैलेंज का एक दिलचस्प दौर तब आया जब द्रविड़ के सामने स्टीव वॉ और विराट कोहली में से एक को चुनने का विकल्प था. यहां उन्होंने विराट कोहली को अपनी पसंद बनाया.

यह चुनाव इसलिए भी खास माना गया क्योंकि द्रविड़ स्वयं भारतीय क्रिकेट के अलग दौर का हिस्सा रहे हैं और उन्होंने कोहली की कप्तानी को करीब से देखा है. कोहली ने टेस्ट क्रिकेट में भारतीय टीम को विदेशी परिस्थितियों में मजबूत बनाने के साथ-साथ फिटनेस और आक्रामक क्रिकेट की संस्कृति को भी बढ़ावा दिया.

लेकिन चैलेंज के अंतिम चरण में द्रविड़ की सबसे बड़ी पसंद विराट कोहली नहीं बल्कि महेंद्र सिंह धोनी बने.

धोनी के सामने इमरान खान और क्लाइव लॉयड
अंतिम दौर में द्रविड़ के सामने कप्तानी की दुनिया के बेहद बड़े नाम मौजूद थे. इनमें पाकिस्तान को 1992 विश्व कप जिताने वाले इमरान खान और वेस्टइंडीज को विश्व क्रिकेट में लंबे समय तक दबदबा दिलाने वाले क्लाइव लॉयड जैसे कप्तान शामिल थे.

इमरान खान की कप्तानी में पाकिस्तान ने 1992 का वनडे विश्व कप जीता था. वहीं क्लाइव लॉयड के नेतृत्व में वेस्टइंडीज ने विश्व क्रिकेट पर अपना दबदबा कायम किया और 1975 तथा 1979 में विश्व कप जीता.

इसके बावजूद जब द्रविड़ को अपनी अंतिम पसंद बतानी थी तो उन्होंने महेंद्र सिंह धोनी को चुना. यही इस पूरे चैलेंज का सबसे बड़ा आकर्षण रहा.

धोनी को क्यों चुना द्रविड़ ने
राहुल द्रविड़ ने धोनी को चुनने के पीछे उनकी ऐतिहासिक उपलब्धियों को सबसे महत्वपूर्ण कारण बताया. उनके मुताबिक धोनी ऐसे कप्तान हैं, जिन्होंने तीन अलग-अलग प्रमुख आईसीसी ट्रॉफियां जीतीं.

धोनी की कप्तानी में भारत ने 2007 का टी20 विश्व कप जीता. इसके बाद 2011 में भारतीय टीम ने वनडे विश्व कप अपने नाम किया. 2013 में भारत ने चैंपियंस ट्रॉफी भी जीती. इस तरह धोनी तीनों प्रमुख आईसीसी सीमित ओवरों की ट्रॉफियां जीतने वाले कप्तान बने.

द्रविड़ के लिए यही उपलब्धि धोनी को दूसरे महान कप्तानों से अलग करती है. उनके सामने मौजूद कप्तानों की अपनी-अपनी ऐतिहासिक उपलब्धियां थीं, लेकिन तीनों प्रमुख खिताब जीतने का धोनी का रिकॉर्ड उनकी नजर में बेहद महत्वपूर्ण रहा.

द्रविड़ खुद रह चुके हैं धोनी की कप्तानी में
राहुल द्रविड़ के धोनी को चुनने के पीछे एक व्यक्तिगत अनुभव का पहलू भी है. द्रविड़ धोनी की कप्तानी में भारतीय टीम के लिए खेल चुके हैं. इसलिए उन्हें धोनी की कप्तानी को केवल आंकड़ों के आधार पर नहीं बल्कि मैदान पर करीब से देखने का भी अनुभव रहा है.

धोनी की कप्तानी की सबसे चर्चित विशेषताओं में दबाव के समय शांत रहना, कठिन परिस्थितियों में फैसले लेना और खिलाड़ियों पर भरोसा करना शामिल रहा है. बड़े मुकाबलों में उनके निर्णयों और मैच की परिस्थितियों को पढ़ने की क्षमता की अक्सर चर्चा होती रही है.

हालांकि यह भी स्पष्ट है कि द्रविड़ का यह चयन किसी आधिकारिक रैंकिंग का हिस्सा नहीं है. यह एक क्रिकेट चैलेंज में उनकी व्यक्तिगत पसंद थी. इसलिए इसे विश्व क्रिकेट के सभी कप्तानों की आधिकारिक रैंकिंग के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए.

धोनी के रिकॉर्ड ने बनाया अंतर
धोनी की कप्तानी का सबसे मजबूत पक्ष उनका आईसीसी टूर्नामेंट रिकॉर्ड माना जाता है. 2007 से 2013 के बीच भारतीय टीम ने सीमित ओवरों के तीन बड़े आईसीसी खिताब जीते और इन सभी अभियानों में धोनी कप्तान थे.

2007 में युवा भारतीय टीम ने टी20 विश्व कप का पहला संस्करण जीता. चार साल बाद 2011 में भारत ने घरेलू जमीन पर वनडे विश्व कप जीता. इसके बाद 2013 में इंग्लैंड में चैंपियंस ट्रॉफी जीतकर धोनी ने एक ऐसी उपलब्धि हासिल की, जिसने उन्हें विश्व क्रिकेट के सबसे सफल सीमित ओवरों के कप्तानों में स्थापित कर दिया.

यही वह बिंदु था जिसे द्रविड़ ने दूसरे महान कप्तानों के मुकाबले धोनी की सबसे बड़ी ताकत के रूप में देखा.

सोशल मीडिया पर भी चर्चा
द्रविड़ के इस चुनाव के सामने आने के बाद क्रिकेट प्रशंसकों के बीच भी चर्चा शुरू हो गई है. धोनी के समर्थक उनके तीन आईसीसी खिताबों को सबसे बड़ा आधार बता रहे हैं, जबकि दूसरे कप्तानों के प्रशंसक उनके दौर की परिस्थितियों, टीम की गुणवत्ता और टेस्ट क्रिकेट में प्रदर्शन जैसे पहलुओं को भी तुलना में शामिल करने की बात कर सकते हैं.

दरअसल महान कप्तान चुनना हमेशा आसान नहीं होता. अलग-अलग दौर में क्रिकेट का स्वरूप, नियम, प्रतियोगिताओं की संख्या और टीमों की परिस्थितियां अलग रही हैं. इसलिए किसी एक कप्तान को सर्वश्रेष्ठ बताने का पैमाना भी व्यक्ति की प्राथमिकताओं पर निर्भर करता है.

फिर भी राहुल द्रविड़ जैसे क्रिकेट के अनुभवी और भारतीय टीम के पूर्व कप्तान की पसंद का महत्व इसलिए बढ़ जाता है क्योंकि उन्होंने खुद कई महान खिलाड़ियों और कप्तानों के साथ क्रिकेट खेला है. उनकी नजर में धोनी का तीनों प्रमुख आईसीसी सीमित ओवरों की ट्रॉफियां जीतना उन्हें बाकी दिग्गजों से अलग खड़ा करता है.

यानी द्रविड़ की कप्तानों वाली इस खास पसंद में अंतिम बाजी महेंद्र सिंह धोनी ने मारी और विराट कोहली, रिकी पोंटिंग, कपिल देव, इमरान खान तथा क्लाइव लॉयड जैसे दिग्गज पीछे रह गए.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-