जबलपुर. एमपी के जबलपुर में शराब माफियाओं के बढ़ते नेटवर्क, तय मूल्य से अधिक दामों पर शराब की बिक्री और जहरीली शराब के कारोबार के विरोध में जबलपुर युवा कांग्रेस ने जोरदार प्रदर्शन किया. युवा कांग्रेस नेता विजय रजक के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने प्रदेश के मुख्यमंत्री का अर्थी जुलूस निकाला और आबकारी विभाग व पुलिस प्रशासन के खिलाफ उग्र नारेबाजी की. इस दौरान पुलिस से युवक कांग्रेस के कार्यकर्ताओं की जमकर झड़प व धक्का-मुक्की हुई.
युवा कांग्रेस नेता विजय रजक ने आरोप लगाया कि जबलपुर में शराब ठेकेदारों और आबकारी अधिकारियों की मिलीभगत से अवैध शराब सिंडिकेट चलाया जा रहा है. ग्राहकों द्वारा एमआरपी से अधिक मूल्य पर शराब बेचने की शिकायतें और वीडियो सबूत देने के बावजूद आबकारी उप आयुक्त संजीव दुबे द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई. विजय रजक ने कहा कि हाल ही में आई सरकारी रिपोर्ट के अनुसार जबलपुर जिले में 62 स्थानों पर जहरीली और अवैध शराब बेची जा रही है. इसके बावजूद आबकारी और पुलिस प्रशासन आंखें मूंदे बैठा है. करोड़ों रुपये की रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार के संरक्षण में यह सब फल-फूल रहा है.
प्रदर्शन के दौरान कटंगा स्थित अवैध शराब सिंडिकेट कार्यालय से आबकारी उप आयुक्त के आवास तक अर्थी जुलूस निकालने की योजना थी. हालांकि, मौके पर तैनात पुलिस बल ने प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश की, जिससे पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच तीखी झड़प और धक्का-मुक्की हुई. पुलिस ने कार्यकर्ताओं से अर्थी छीनकर जुलूस को विफल कर दिया. मामले में पुलिस अधिकारियों ने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा आबकारी विभाग के विरोध में जुलूस निकालने और पुतला दहन का प्रयास किया गया था, जिसे पुलिस ने तत्परता से विफल कर दिया. उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारियों से लिखित मांग पत्र लिया जाएगा और उसे वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचाकर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी. युवा कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि अवैध शराब बिक्री और आबकारी विभाग के भ्रष्ट अधिकारियों पर जल्द कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा.

