जबलपुर। एमपी के जबलपुर में माढ़ोताल स्थित श्रीराम इंजीनियरिंग कालेज का एकाउंटेट चंद्रमोहन सिंह ठाकुर ने 36 लाख रुपए से ज्यादा का गबन किया है। चंद्रमोहन छात्रों द्वारा जमा की जाने वाली फीस अपने निजी खाते में जमा करता रहा। इस बात की जानकाारी लगने पर कालेज के प्राचार्य शैलेष गुप्ता ने थाना में शिकायत की, जिसपर पुलिस ने चंद्रमोहन सिंह के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया है।
पुलिस को लिखित शिकायत देते हुए श्रीराम इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलाजी के प्राचार्य शैलेष गुप्ता उम्र 45 वर्ष ने बताया कि चंद्रमोहन सिंह ठाकुर श्रीराम इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलाजी जबलपुर में लेखाकार के पद पर वर्ष 2017 से कार्यरत थे उनके कार्यों में विद्यार्थियों से संबंधित फीस का लेखा जोखा फीस संबंधी रिकार्ड का उचित संधारण तथ छात्रों को फीस लेखा संबंधी नोड्यूज जारी करना आदि महत्वपूर्ण दायित्व दिये गये थे संस्था द्वारा स्पष्ट एवं स्थायी निर्देश दिये गये थे कि छात्रों की समस्त फीस केवल संस्था के अधिकृत बैंक खाते में ही जमा की जानी है, लेखाकार अथवा किसी कर्मचारी द्वारा नगद फीस स्वीकार नहीं की जानी है, फीस प्राप्त होने पर केवल संस्था की अधिकृत रसीद ही जारी की जानी है, फीस की समस्त राशि एवं लेखा जोखा संस्था के रिकार्ड में विधिवत दर्ज किया जाना अनिवार्य था लेकिन बाद में संस्था के संज्ञान में यह गंभीर तथ्य आया कि श्री चंद्रमोहन सिंह ठाकुर द्वारा विगत कई वर्षों से कुछ छात्रों की फीस संस्था के अधिकृत खाते में जमा कराने के स्थान पर अपने व्यक्तिगत बैंक खाते में जमा करवाई गई तथा उक्त राशि संस्था के खाते में जमा नहीं की गई। छात्रों द्वारा फीस जमा करने के संबंध में संस्था द्वारा निर्धारित एसओपी के अनुसार, फीस केवल कॉलेज के अधिकृत बैंक खाते में ही जमा की जानी थी इसके बावजूद संबंधित कर्मचारी ने 2024 से ऐसी फीस की राशि अपने व्यक्तिगत बैंक खाते में प्राप्त की, जिसके लिये उक्त कर्मचारी को किसी भी प्रकार से अधिकृत नहीं किया गया उक्त एसओपी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध हहै और जिसमें स्पष्ट रूप से निर्धारित है कि छात्रों द्वारा किसी प्रकार की फीस कॉलेज के अधिकृत खाते में जमा की जानी है तथा किसी कर्मचारी के व्यक्तिगत खाते में फीस जमा करने का कोई प्रावधान नहीं है। छात्रों के लिये ऐसा कोई अवसर या प्रावधान नहीं था कि वे कॉलेज की फीस चंद्रमोहन के व्यक्तिगत बैंक खाते में जमा करें इस संबंध में छात्रों को नोटिस दिया गया है इसके बावजूद कॉलेज केा प्राप्त शिकायतों के अनुसार कुछ छात्रों द्वारा चंद्रमोहन के व्यक्तिगत खाते में फीस जमा की गई है चंद्रमोहन द्वारा कॉलेज की फीस रसीद से संबंधित कथित रूप से फर्जी एवं कूटरचित दस्तावेज तैयार किये गये तथा उनके माध्यम से कॉलेज की फीस प्राप्त किये जाने की पुष्टि स्वीकृत की गई। इसके अतिरिक्त कॉलेज में नगद फीस जमा करने का कोई प्रावधान नहीं है। कुछ शिकायतें प्राप्त हुयी जिनमें छात्रों ने बताया कि चंद्रमोहन ने उनसे फीस की राशि नगद रूप से प्राप्त की तथा रसीद स्वीकार की इसके अतिरिक्त, छात्रों द्वारा प्रस्तुत शिकायतों एवं दस्तावेजों से यह भी सामने आया कि उनके द्वारा संस्था की अधिकृत रसीद के स्थान पर कथित फर्जी कूटरचित रसीदें जारी की गई हैं इस संबंध में अभी तक 14 छात्रों द्वारा लिखित में बताया गया कि उन्हौने चंद्रमोहन सिंह ठाकुर को नगद राशि के रूप में फीस दी थी। जबकि संस्था के स्पष्ट निर्देश थे कि नगद फीस स्वीकार नहीं की जानी है। छात्रों की फीस की राशि के अनुचित उपयोग/गबन संस्था के साथ विश्वासघात, छात्रों के साथ धोखाधड़ी तथा कथित फर्जी कूटरचित दस्तावेजों के उपयोग से संबंधित अत्यंत गम्भीर मामला है जब छात्रों की शिकायतों एवं अनिमित्ताओं की जानकारी प्राप्त हुयी जिसके बाद चंद्रमोहन सिंह ठाकुर ने जनवरी 2026 से संस्था में आना बंद कर दिया था। कॅालेज के द्वारा उनके घर पर सम्पर्क करने की कोशिश की गई किन्तु उनसे मुलाकात नहीं हो पायी न ही फोन करने पर कोई्र जवाब दिया गया। छात्रों द्वारा शिकायत आवेदन 3 लाख 80 हजार 20 रूपये भुगतान प्रमाण पत्र द्वारा 1782148 रूपये एवं मौखिक शिकायत अनुसार 36 लाख 81 हजार 730 रूपये का गबन करना पाया गया। जो कि और बढऩे की सम्भावना है। लिखित शिकायत में संलग्न दस्तावेजों के आधार पर आरोपी चंद्रमोहन सिंह ठाकुर के विरूद्ध धारा 318(4), 316(4) बीएनएस का अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।
जबलपुर में श्रीराम इंजीनियरिंग कालेज के एकाउंट ने किया 36 लाख रुपए का गबन, छात्रों की फीस निजी खाते में करता रहा जमा
प्रेषित समय :16:28:14 PM / Mon, Sep 14th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर



