इंदौर. मध्य प्रदेश में जमीन और मकान के स्वामित्व को कानूनी दस्तावेजों से जोड़ने की दिशा में सरकार ने स्वामित्व योजना के तहत पक्की रजिस्ट्री वितरण के नए चरण की शुरुआत की. इंदौर में आयोजित कार्यक्रम में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन की मौजूदगी रही. उनके इंदौर पहुंचने पर एयरपोर्ट से गांधीनगर मैदान तक रोड शो निकाला गया. मार्ग में विभिन्न स्थानों पर कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने स्वागत किया.
एयरपोर्ट से गांधीनगर मैदान तक रोड शो
नितिन नबीन के इंदौर आगमन को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह नजर आया. एयरपोर्ट से कार्यक्रम स्थल तक रोड शो के दौरान अलग-अलग स्थानों पर स्वागत मंच बनाए गए थे. कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया और रोड शो निर्धारित मार्ग से गांधीनगर मैदान की ओर बढ़ा.
रोड शो को लेकर प्रशासन और पुलिस की ओर से भी सुरक्षा तथा यातायात व्यवस्था के इंतजाम किए गए. कार्यक्रम के कारण शहर के संबंधित मार्गों पर आवाजाही को व्यवस्थित रखने के लिए व्यवस्थाएं की गईं.
स्वामित्व योजना के नए चरण की शुरुआत
कार्यक्रम का मुख्य केंद्र मध्य प्रदेश सरकार की स्वामित्व योजना रही. इसके तहत ग्रामीण और आबादी क्षेत्रों में संपत्ति के स्वामित्व को अधिक स्पष्ट और कानूनी आधार देने के लिए भूमि स्वामी अभिलेख तथा पक्की रजिस्ट्री उपलब्ध कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है.
सरकार के अनुसार, योजना का उद्देश्य उन लोगों को संपत्ति का औपचारिक दस्तावेज उपलब्ध कराना है, जिनके मकान या जमीन पर लंबे समय से स्वामित्व तो है, लेकिन उसके संबंध में विधिवत पंजीकृत दस्तावेज उपलब्ध नहीं थे. रजिस्ट्री मिलने के बाद संपत्ति से जुड़े अधिकारों को प्रमाणित करने में मदद मिलेगी.
सीएम मोहन यादव ने बताया बड़ा कदम
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश लगभग 50 लाख नागरिकों को उनके मकान और जमीन की नि:शुल्क रजिस्टर्ड डीड उपलब्ध कराने वाला देश का पहला राज्य बन गया है. मुख्यमंत्री ने इसे प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया.
सरकार का कहना है कि मुफ्त रजिस्ट्री की व्यवस्था से संपत्ति के दस्तावेज तैयार कराने का आर्थिक बोझ कम होगा और लोगों को अपनी संपत्ति के अधिकार का अधिक स्पष्ट कानूनी आधार मिलेगा.
संपत्ति के दस्तावेज से बढ़ेगी सुरक्षा
स्वामित्व का पक्का दस्तावेज केवल जमीन या मकान के अधिकार का प्रमाण नहीं होता, बल्कि इससे संपत्ति से जुड़े कई दूसरे काम भी आसान हो सकते हैं. संपत्ति के दस्तावेज उपलब्ध होने से भविष्य में हस्तांतरण, ऋण जैसी वित्तीय जरूरतों और विवाद की स्थिति में संबंधित रिकॉर्ड उपयोगी साबित हो सकते हैं.
इसी वजह से योजना को केवल रजिस्ट्री वितरण तक सीमित नहीं देखा जा रहा है. इसका संबंध ग्रामीण आबादी क्षेत्रों में संपत्ति के रिकॉर्ड को व्यवस्थित करने और लोगों को औपचारिक संपत्ति अधिकार उपलब्ध कराने से भी है.
इंदौर से व्यापक वितरण अभियान का संदेश
इंदौर में आयोजित कार्यक्रम के जरिए सरकार ने योजना के अगले चरण को व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाने का संदेश दिया. कार्यक्रम में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन की मौजूदगी और रोड शो ने आयोजन को राजनीतिक रूप से भी प्रमुख बनाया, जबकि मुख्य सरकारी कार्यक्रम का केंद्र संपत्ति संबंधी दस्तावेजों का वितरण रहा.
स्वामित्व योजना के तहत आगे बढ़ने वाली प्रक्रिया में अब यह महत्वपूर्ण होगा कि पात्र परिवारों तक दस्तावेज समय पर पहुंचें और संपत्ति रिकॉर्ड में किसी तरह की त्रुटि या विवाद होने पर उसके समाधान की व्यवस्था प्रभावी ढंग से काम करे.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

