जबलपुर. एमपी के जबलपुर से बम्हनी बंजर मंडला पहुंची लोकायुक्त की टीम ने उप तहसील कार्यालय में हरीश सिंगौर नामक युवक को 8 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा है. उक्त रिश्वत हरीश ने नायब तहसीलदार अजय श्रीवास्तव के कहने पर ली थी. क्योंकि नायब तहसीलदार अजय श्रीवास्त ने हरीश को प्राइवेट बाबू के तौर पर रखा था, जो रिश्वत लेकर अजय श्रीवास्तव तक पहुंचाता था.
जबलपुर लोकायुक्त एसपी अंजुलता पटले ने बताया कि रोहणी प्रसाद पिता झनक लाल चंद्रौल उम्र 55 वर्ष निवासी ग्राम सिल्गी जिला मंडला के पिताजी झनक लाल के नाम से ग्राम सिल्की में कृषि भूमि थी जो कि आवेदक के पिता द्वारा वसीयतनामा से आवेदक के बेटे आलोक चंद्रौल के नाम कर दी थी. उक्त कृषि भूमि के नामांतरण के लिए रोहणी प्रसाद द्वारा ऑनलाइन आवेदन किया. इसके बाद वह बम्हनी बंजर उप तहसील बम्हनी बंजर आफिस पहुंचा.
जहां पर नायब तहसीलदार अजय श्रीवास्तव तथा उसके बाबू के रूप में काम कर रहे प्राइवेट व्यक्ति हरीश पिता रमेश प्रसाद सिंगौर उम्र 42 वर्ष ग्राम ढेको तहसील मंडला द्वारा नामांकन आदेश करने के एवज आवेदक से 10000 की रिश्वत की मांग की गई. जिसकी शिकायत आवेदक द्वारा लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक कार्यालय जबलपुर में की थी. शिकायत सत्यापन के दौरान आरोपीगण 8000 रिश्वत लेने के लिए तैयार हो गए थे. आज रोहणी प्रसाद ने आफिस पहुंचकर हरीश सिंगौर को 8 हजार रुपए दिए तभी लोकायुक्त टीम के टी एल ओ निरीक्षक शशि कला मुस्कुले, निरीक्षक राहुल गजभिए निरीक्षक जितेंद्र यादव सहित अन्य सदस्यों ने दबिश देकर रंगे हाथ पकड़ लिया.

