नई दिल्ली. अफगानिस्तान के खिलाफ हाल ही में समाप्त हुई तीन मैचों की टी-20 सीरीज में 15 वर्षीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को एक भी मैच में मौका क्यों नहीं मिला, इस पर भारतीय टीम के हेड कोच गौतम गंभीर ने विराम लगा दिया है. गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान गंभीर ने साफ किया कि टीम में शामिल होने के लिए प्रतिभा के साथ-साथ सही समय और निरंतरता का होना जरूरी है.
गंभीर ने कहा, "वैभव के साथ हमारी बातचीत पूरी तरह स्पष्ट थी कि उसे अपने मौके का इंतजार करना होगा. खिलाड़ी की उम्र चाहे 15 साल हो या 30 साल, यदि उसे इंतजार करना है तो करना पड़ेगा. जब उसे मौका मिलेगा, तो लगातार मिलेगा."
लगातार प्रदर्शन करने वालों को प्राथमिकता
हेड कोच ने वैभव की प्रतिभा की तारीफ करते हुए कहा, "हम अच्छी तरह जानते हैं कि उसमें किस तरह की प्रतिभा है और वह मैदान पर क्या कर सकता है. लेकिन जो खिलाड़ी पिछले दो साल से टीम में रहकर लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहा है, वह उस नए खिलाड़ी से हमेशा आगे रहेगा जो अभी-अभी टीम में आया है."
गौरतलब है कि वैभव सूर्यवंशी ने कुछ महीने पहले इंग्लैंड दौरे पर अपना टी-20 अंतरराष्ट्रीय डेब्यू किया था, जहां उन्होंने तीन मैचों में 42 रन बनाए थे. इसके बाद जिम्बाब्वे के खिलाफ सीरीज में उन्होंने शानदार वापसी करते हुए 151 रन बनाए थे और सीरीज के टॉप स्कोरर रहे थे.
'संजू सैमसन को बाहर बैठाना सबसे कठिन फैसला था'
सीरीज के दौरान संजू सैमसन को फिर से प्लेइंग-XI में मौका देने के फैसले पर गंभीर ने खुलकर बात की. उन्होंने कहा, "वर्ल्ड कप में 'प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट' बनने वाला खिलाड़ी अचानक खराब नहीं हो जाता. इंग्लैंड सीरीज के दौरान संजू को टीम से बाहर रखना मेरे कोचिंग करियर का शायद सबसे मुश्किल फैसला था."
गंभीर ने आगे बताया कि अफगानिस्तान के खिलाफ इस सीरीज में वे टी-20 वर्ल्ड कप 2026 की अपनी मुख्य ओपनिंग जोड़ी के साथ ही मैदान में उतरना चाहते थे. इसी रणनीति के तहत अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन की जोड़ी को तीनों मैचों में बरकरार रखा गया. दोनों ओपनरों ने इस भरोसे पर खरे उतरते हुए तीन मैचों में कुल 346 रन जोड़े.
भारत ने तीसरे टी20 मुकाबले में अफगानिस्तान को 127 रनों के विशाल अंतर से हराकर सीरीज पर 3-0 से कब्जा किया.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

