जबलपुर. एमपी के जबलपुर में केंद्र सरकार के 2000 रुपये से ज्यादा के यूपीआई भुगतान पर कथित शुल्क लगाने के फैसले का विरोध तेज हो गया है. आज घंटाघर में नागरिक उपभोक्ता मंच के पीजी नाजपांडे की अगुवाई में व्यापारियों और आम लोगों ने इस फैसले का खुलकर विरोध किया.
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इस शुल्क से आम आदमी और छोटे व्यापारियों पर सीधा आर्थिक बोझ पड़ेगा. इससे डिजिटल इंडिया के सपने को भी झटका लगेगा. इस विरोध के तहत 23 सितंबर को जबलपुर में 'नो यूपीआई डे' मनाने का ऐलान किया गया है. इस दिन सभी लोग मालवीय चौक पर जमा होकर केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे. वे लोगों में जागरूकता फैलाने के लिए पर्चे भी बांटेंगे.
प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि सरकार इस फैसले को तुरंत वापस ले. आंदोलनकारियों का दावा है कि यह गुस्सा सिर्फ जबलपुर तक सीमित नहीं है. यह पूरे मध्यप्रदेश और देशभर में फैल रहा है. इंदौर में विरोध शुरू हो चुका है. वहीं, भोपाल में पेट्रोल पंप चलाने वालों ने 2000 रुपए से ज्यादा का ऑनलाइन भुगतान लेना बंद कर दिया है. उन्होंने नकद लेनदेन शुरू करने का ऐलान किया है. प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने यह शुल्क वापस नहीं लिया तो यह आंदोलन और तेज होगा. उन्होंने कहा कि जनता में नाराजगी है और इसका असर केंद्र सरकार पर पड़ेगा
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