एक बैंक खाते ने खोला 10 राज्यों के साइबर फ्रॉड नेटवर्क का राज, 26 शिकायतों के बाद खाताधारक गिरफ्तार

एक बैंक खाते ने खोला 10 राज्यों के साइबर फ्रॉड नेटवर्क का राज, 26 शिकायतों के बाद खाताधारक गिरफ्तार

प्रेषित समय :21:17:50 PM / Sun, Sep 20th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

इंदौर. साइबर ठगी के मामलों में इस्तेमाल होने वाले बैंक खातों की पड़ताल कर रही इंदौर क्राइम ब्रांच को एक ऐसे खाते का पता चला है, जिससे देश के 10 राज्यों में दर्ज 26 साइबर अपराध की शिकायतों का कनेक्शन सामने आया है. पुलिस ने ऑपरेशन मैट्रिक्स-2 के तहत कार्रवाई करते हुए खाते के धारक तनिश को गिरफ्तार किया है. जांच में पुलिस का दावा है कि खाते का इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम को हासिल करने और आगे पहुंचाने के लिए किया जा रहा था.

शिकायतों ने खोली खाते की परत
मामला बैंक आफ इंडिया की कस्तूरबा, तेजाजी नगर शाखा से जुड़े एक खाते की जांच के दौरान सामने आया. राज्य साइबर पुलिस मुख्यालय से मिली जानकारी के बाद क्राइम ब्रांच ने खाते को I4C, एनसीआरपी और साइबर क्राइम पोर्टल पर दर्ज शिकायतों से मिलाया. इस पड़ताल में एक ही खाते के खिलाफ अलग-अलग राज्यों में 26 शिकायतें दर्ज होने की जानकारी सामने आई.

पुलिस के अनुसार शिकायतों में उत्तर प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली, हरियाणा, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, असम, बिहार, गुजरात और हिमाचल प्रदेश शामिल हैं. अलग-अलग राज्यों में दर्ज मामलों की रकम के इस खाते के जरिए ट्रांसफर होने के तथ्य मिलने के बाद जांच को आगे बढ़ाया गया.

खाते में रकम आई और फिर शुरू हुई निकासी
पूछताछ में पुलिस के अनुसार तनिश ने बताया कि खाते में आने वाली रकम का एक हिस्सा परिजनों के बैंक खातों में ट्रांसफर किया जाता था. इसके अलावा रकम का कुछ हिस्सा एटीएम के जरिए निकाला जाता था. पुलिस अब यह पता लगा रही है कि निकाली गई रकम किसे और किस माध्यम से दी जाती थी.

जांच का अहम हिस्सा अब खाते से जुड़े लेन-देन की पूरी कड़ी तैयार करना है. पुलिस बैंक स्टेटमेंट, ट्रांजेक्शन डिटेल और एटीएम निकासी की जानकारी के आधार पर यह पता लगाने में जुटी है कि ठगी की रकम किस-किस स्तर से होकर आगे पहुंची.

मनी ट्रेल से सामने आएंगे नेटवर्क के और नाम
क्राइम ब्रांच अब सिर्फ खाताधारक की भूमिका तक जांच सीमित नहीं रख रही है. पुलिस यह भी पता लगा रही है कि तनिश को खाता उपलब्ध कराने या उसका इस्तेमाल करने के लिए किसने संपर्क किया था. इसके अलावा खाते से जुड़े दूसरे लोगों और रकम प्राप्त करने वालों की भूमिका भी जांच के दायरे में है.

पुलिस के अनुसार साइबर अपराध में बैंक खातों का इस्तेमाल रकम को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने के लिए किया जाता है. ऐसे मामलों में खाते से जुड़े लेन-देन की कड़ी महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि इससे रकम के स्रोत और उसके अंतिम प्राप्तकर्ता तक पहुंचने में मदद मिल सकती है.

बीएनएस की धाराओं में प्रकरण दर्ज
पुलिस ने तनिश के खिलाफ बीएनएस की संबंधित धाराओं में प्रकरण दर्ज किया है. गिरफ्तारी के बाद अब खाते के पुराने और हालिया लेन-देन की पड़ताल की जा रही है. एटीएम से निकाली गई रकम, परिजनों के खातों में हुए ट्रांसफर और अन्य बैंक खातों में भेजी गई राशि की जानकारी जुटाई जा रही है.

क्राइम ब्रांच यह भी जांच कर रही है कि इस खाते के जरिए कितने मामलों में रकम का लेन-देन हुआ और क्या गिरफ्तार आरोपित के अलावा इस नेटवर्क में अन्य लोग भी सक्रिय थे. 10 राज्यों से जुड़ी 26 शिकायतों के कारण जांच का दायरा अब अंतरराज्यीय साइबर नेटवर्क तक पहुंच गया है.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-