जबलपुर. एमपी के जबलपुर में गढ़ा थाना क्षेत्र के अंतर्गत पंचशील कॉलोनी और रामपुर इलाके में आधी रात को जो खौफनाक ड्रामा हुआ, उसने हर किसी को सन्न कर दिया है. एकतरफा प्रेम प्रसंग और वर्चस्व की सनक में पांच दबंग युवकों ने मिलकर एक मासूम स्विगी डिलीवरी बॉय का फिल्मी स्टाइल में अपहरण कर डाला. सन्नाटे में लिपटी आधी रात को सूने रास्ते पर चले इस खूनी खेल ने पुलिस महकमे में भी हड़कंप मचा दिया है.
घटना सोमवार, 28 सितंबर की रात करीब दो बजे की है. इंद्रपुरी निवासी अभिषेक पासी, जो अपनी आजीविका चलाने के लिए दिन-रात मेहनत कर स्विगी में डिलीवरी बॉय का काम करता है, उसे क्या पता था कि यह रात उसके जीवन की सबसे डरावनी रात बनने वाली है. अभिषेक के मुताबिक, रात के ठीक दो बजे उसके मोहल्ले में रहने वाले मानव चौधरी का अचानक फोन आया.
मानव ने घबराए हुए स्वर में कहा कि गुलाटी पेट्रोल पंप के पास उसकी गाड़ी का पेट्रोल खत्म हो गया है और वह मुसीबत में है. अभिषेक ने जब वहां जाने में असमर्थता जताई, तो शातिर मानव ने उसे सुविधा मार्केट के पास आने को कहा. सीधा-साधा अभिषेक जब तयशुदा जगह यानी सुविधा मार्केट पहुंचा और मानव को फोन मिलाया, तो उसने कॉल रिसीव करना मुनासिब नहीं समझा. यहीं से रची गई एक खतरनाक साजिश का पर्दाफाश होना शुरू हुआ.
फिल्मी अंदाज में घेराबंदी और जबरन बाइक पर बैठाया-
जैसे ही अभिषेक असमंजस में खड़ा था, अचानक अंधेरे को चीरती हुई दो तेज रफ्तार मोटरसाइकिलें आकर रुकीं. उन बाइकों पर रोहन ठाकुर, चीकू पटेल, युवी, कृष्णा तिवारी और नितेश सवार थे. बिना किसी बात के इन बदमाशों ने अभिषेक को घेर लिया और गंदी-गंदी गालियां बकनी शुरू कर दीं. जब अभिषेक ने अपनी इज्जत बचाने के लिए इन बदमाशों को गालियां देने से रोका, तो उनका गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया.
बदमाशों ने गुस्से में आकर कानून को ताक पर रख दिया और अभिषेक को जबरन अपनी मोटरसाइकिल के बीच में दबोच लिया. गाड़ी चीकू पटेल खतरनाक तरीके से चला रहा था, जबकि युवी ने पीछे से अभिषेक को कसकर जकड़ रखा था. एक अन्य लड़का उनकी मोटरसाइकिल के साथ-साथ चल रहा था. सन्नाटे में डूबी सड़कों पर किसी को कुछ समझ आता, इससे पहले ही ये दरिंदे उसे सीधे गंगासागर की सुनसान वादियों की तरफ खींच ले गए.
प्रेम प्रसंग की रंजिश, हाथों-मुक्कों से बेदम होने तक पीटा
गंगासागर के अंधेरे और वीरान इलाके में पहुंचते ही इन पांचों युवकों का असली चेहरा सामने आ गया. असली वजह सामने आई तो अभिषेक के पैरों तले जमीन खिसक गई. दरअसल, मुख्य आरोपी रोहन ठाकुर को शक और नाराजगी थी कि बदनपुर निवासी एक लड़की रोहन के बजाय अभिषेक से बातचीत करने लगी थी. इसी बात की खुन्नस और जलन में इन बदमाशों का खून खौल उठा था. बदमाशों ने अभिषेक को चारों तरफ से घेर लिया. लड़की से बातचीत करने के नाम पर पांचों ने मिलकर लात-घूंसों और थप्पड़ों की बरसात कर दी. अभिषेक चीखता-चिल्लाता रहा.
किसी तरह बचकर पहुंचा थाना-
किसी तरह अपनी जान बचाकर डरा-सहमा अभिषेक गढ़ा थाने पहुंचा और आपबीती पुलिस को सुनाई. स्विगी डिलीवरी बॉय के साथ सरेराह हुई इस सनसनीखेज वारदात, अपहरण और मारपीट की रिपोर्ट दर्ज होने के बाद गढ़ा पुलिस हरकत में आ गई है. पुलिस ने आरोपियों की तलाश में दबिश देना शुरू कर दिया है.

