बैंक को एफडी पर रोज बतानी होगी ब्याज दर, 10 बजे लगेगा पता, इन ग्राहकों को मिलेगा फायदा

बैंक को एफडी पर रोज बतानी होगी ब्याज दर, 10 बजे लगेगा पता, इन ग्राहकों को मिलेगा फायदा

प्रेषित समय :10:38:30 AM / Wed, Sep 30th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

नई दिल्ली. 1 अक्टूबर 2026 से बैंकिंग सिस्टम में बल्क फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) से जुड़ा अहम बदलाव लागू होने जा रहा है. भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के नए नियम के तहत बैंकों को अब हर कार्यदिवस अपनी वेबसाइट पर बल्क एफडी पर दी जा रही ब्याज दरें सार्वजनिक रूप से अपडेट करनी होंगी. इसका उद्देश्य बड़ी रकम जमा करने वाले ग्राहकों और संस्थानों के लिए ब्याज दरों में पारदर्शिता बढ़ाना है.

नए नियम के तहत बैंकों को हर कार्यदिवस सुबह 10 बजे तक बल्क एफडी की नई ब्याज दरें अपनी वेबसाइट पर अपडेट करनी होंगी. इसके लिए 10 मिनट की अतिरिक्त मोहलत दी गई है, यानी बैंक अधिकतम सुबह 10:10 बजे तक दरें अपडेट कर सकेंगे. वेबसाइट पर उस दिन प्रकाशित दर के अनुसार ही बैंक को बल्क एफडी स्वीकार करनी होगी.

3 करोड़ रुपये या उससे अधिक की एफडी पर लागू

यह बदलाव मुख्य रूप से बल्क डिपॉजिट पर लागू होगा. आमतौर पर कमर्शियल बैंकों में 3 करोड़ रुपये या उससे अधिक की जमा राशि को बल्क डिपॉजिट माना जाता है. ऐसे में सामान्य ग्राहकों की छोटी या नियमित एफडी पर इस बदलाव का सीधा असर नहीं पड़ेगा.

एक ही दिन अलग-अलग शाखाओं में अलग दर नहीं

नए नियम का एक महत्वपूर्ण पहलू यह है कि एक ही बैंक की अलग-अलग शाखाएं समान राशि और समान अवधि की बल्क एफडी पर मनमाने तरीके से अलग-अलग ब्याज दरें पेश नहीं कर सकेंगी. इससे बड़ी रकम जमा करने वाले ग्राहकों को अलग-अलग शाखाओं में जाकर ब्याज दर की जानकारी लेने या मोलभाव करने की जरूरत कम होगी. हालांकि, लिक्विडिटी कवरेज रेशियो (एलसीआर) से जुड़े विशेष नियमों के आधार पर कुछ परिस्थितियों में बैंकों को अलग ब्याज दर रखने की अनुमति होगी.

रोजाना मिलेगी ब्याज दर की जानकारी

इस बदलाव से बड़ी रकम जमा करने वाले ग्राहकों और संस्थानों को बल्क एफडी की ब्याज दरों की जानकारी रोजाना आसानी से मिल सकेगी. बैंक की वेबसाइट पर उपलब्ध दरों के कारण ग्राहकों के लिए अलग-अलग बैंकों की पेशकश की तुलना करना भी आसान होगा. आरबीआई का यह कदम बल्क एफडी बाजार में ब्याज दरों की पारदर्शिता और एकरूपता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-