जबलपुर. एमपी के जबलपुर में साइबर अपराधियों के हौसले इस कदर बुलंद हो चुके हैं कि अब वे आम जनता की गाढ़ी कमाई पर पलक झपकते ही डाका डाल रहे हैं. शहर के अलग-अलग थाना क्षेत्रों से सामने आए धोखाधड़ी के इन तीन सनसनीखेज मामलों ने पुलिस विभाग के भी होश उड़ा दिए हैं.
पुलिस के अनुसार घमापुर थाना क्षेत्र के बरऊ मोहल्ला निवासी 34 वर्षीय श्रीमती रंजीता केवट के साथ जो हुआ, वह किसी फिल्मी थ्रिलर से कम नहीं है. 25 सितंबर की दोपहर अचानक एक अज्ञात नंबर से कॉल आया कि आपका कोरियर आया है. ठग ने आधार कार्ड की फोटो वॉट्सऐप पर मंगवाई और जैसे ही रंजीता ने फोटो भेजी, शातिर ने एक स्कैनर थमा दिया. स्कैनर के जरिए पहले 29 हजार, फिर 10 हजार, 11 हजार और 14 हजार रुपये ट्रांसफर करवा लिए गए. अंत में धमकी दी गई कि अगर 30 हजार और नहीं भेजे तो कोरियर वापस लौट जाएगा! देखते ही देखते पलक झपकते ही पेटीएम के माध्यम से कुल 64,000 रुपये साफ हो गए. पुलिस ने धारा 318(4) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध कर लिया है और शातिरों की तलाश जारी है.
एकाउंट से उड़ा लिए 77 हजार रुपए-
पनागर थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम कसही के रहने वाले संदीप गडारी एफसीआई में प्राइवेट काम करते हैं. उनकी पत्नी कामिनी गड़ारी का बैंक ऑफ इंडिया का खाता खाली होने लगा. 25 सितंबर को खाते से 1.80 रुपये कटे तो उन्होंने इसे मामूली बैंक मैसेज समझा. 26 सितंबर को शातिर ठग का फोन आया जिसने कहा आपके वॉट्सऐप पर जो मैसेज आए, उसे तुरंत डिलीट कर देना! काम में व्यस्त संदीप ने बात को सामान्य समझकर फोन काट दिया—और यही उनकी सबसे बड़ी भूल साबित हुई. फिर एक के बाद एक कई ट्रांजैक्शन के जरिए—10,000, 20,000, 10,000, 20,000 से लेकर चंद पैसों तक—कुल 77,524.70 रुपये गायब हो गए.
रोहित मेहरा का खाता हुआ पूरी तरह हो गया खाली-
माढ़ोताल के खजरी बायपास निवासी रोहित मेहरा उम्र 23 वर्ष के मोबाइल पर रात दस बजे के लगभग धड़ाधड़ मैसेज की घंटियां बजने लगीं. जब उसने अपना फोनपे ऐप खोलकर देखा, तो उसके पैरों तले जमीन खिसक चुकी थी. उसके बैंक खाते से एक झटके में 99,900 रुपये की भारी-भरकम रकम उड़ चुकी थी. बिना किसी ओटीपी या कॉल के हुए इस फ्रॉड ने सभी को हैरान कर दिया है. माढ़ोताल पुलिस ने ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जालसाजों का सुराग लगाना शुरू कर दिया है.

