एआई से नाबालिग बहनों की फर्जी अश्लील तस्वीरें बनाकर इंस्टाग्राम पर वायरल, सहपाठियों तक पहुंचा मामला

एआई से नाबालिग बहनों की फर्जी अश्लील तस्वीरें बनाकर इंस्टाग्राम पर वायरल, सहपाठियों तक पहुंचा मामला

प्रेषित समय :22:00:36 PM / Sat, Oct 3rd, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

नगर संवाददाता, ग्वालियर. जनकगंज क्षेत्र में एआई तकनीक के दुरुपयोग का गंभीर मामला सामने आया है. दो नाबालिग बहनों की सामान्य तस्वीरों को कथित तौर पर कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई की मदद से आपत्तिजनक रूप में बदलकर सोशल मीडिया पर प्रसारित किया गया. आरोपित ने फर्जी इंस्टाग्राम पहचान बनाकर तस्वीरें रिश्तेदारों और छात्राओं के सहपाठियों तक भी पहुंचा दीं. मामला सामने आने के बाद दोनों छात्राएं मानसिक तनाव में हैं और स्कूल जाना तक छोड़ दिया है. पुलिस ने शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

फर्जी इंस्टाग्राम आईडी से शुरू हुआ मामला
पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार पीड़ित परिवार की महिला के पास ‘नेहा-1417’ नाम की इंस्टाग्राम आईडी से फॉलो रिक्वेस्ट आई थी. महिला ने रिक्वेस्ट स्वीकार कर ली. इसके बाद आरोपित ने उनकी सोशल मीडिया प्रोफाइल से परिवार की तस्वीरें हासिल कर लीं.

इन्हीं तस्वीरों में दोनों नाबालिग बेटियों की तस्वीरें भी शामिल थीं. आरोप है कि इन सामान्य तस्वीरों के साथ एआई तकनीक का इस्तेमाल कर छेड़छाड़ की गई और उन्हें आपत्तिजनक रूप में तैयार किया गया.

रिश्तेदारों तक भेजी गईं फर्जी तस्वीरें
आरोपित ने कथित तौर पर पीड़ित परिवार के नाम से एक फर्जी इंस्टाग्राम प्रोफाइल भी तैयार की. इसके जरिए परिवार के रिश्तेदारों और परिचितों को फॉलो रिक्वेस्ट भेजी गई. इसके बाद मैसेंजर के माध्यम से आपत्तिजनक तस्वीरें भेजी जाने लगीं.

जब कुछ रिश्तेदारों के पास ऐसी तस्वीरें पहुंचीं तो उन्होंने पीड़ित परिवार की महिला से संपर्क किया. बातचीत के बाद परिवार को पूरे मामले की जानकारी मिली. इसके बाद जब छात्राओं के सहपाठियों तक भी तस्वीरें पहुंचने की बात सामने आई तो परिवार ने पुलिस से शिकायत की.

स्कूल जाने से भी डर रहीं छात्राएं
मामला सामने आने के बाद दोनों नाबालिग छात्राएं बेहद तनाव में हैं. कथित तौर पर उनके सहपाठियों तक आपत्तिजनक सामग्री पहुंचने के कारण वे स्कूल जाने से भी बच रही हैं. परिवार को आशंका है कि सोशल मीडिया के माध्यम से तस्वीरों को और लोगों तक पहुंचाया जा सकता है.

परिजनों ने पुलिस से आरोपित की पहचान कर उसके खिलाफ कार्रवाई करने और सोशल मीडिया पर प्रसारित की गई सामग्री को हटवाने की मांग की है.

साइबर टीम जुटा रही डिजिटल साक्ष्य
पुलिस ने मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. जांच के दौरान फर्जी इंस्टाग्राम खाते, उसके पीछे इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबर, उपकरण और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जानकारी जुटाई जा रही है. पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि तस्वीरों से छेड़छाड़ किस तकनीक से की गई और इन्हें किन-किन लोगों तक भेजा गया.

एआई के दुरुपयोग ने बढ़ाई चिंता
इस घटना ने एक बार फिर सोशल मीडिया पर उपलब्ध तस्वीरों के गलत इस्तेमाल और एआई आधारित छेड़छाड़ को लेकर चिंता बढ़ा दी है. सामान्य तस्वीरों को भी डिजिटल तकनीक से आपत्तिजनक सामग्री में बदले जाने के बाद उसे सोशल मीडिया पर प्रसारित किया जा सकता है.

पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आरोपित तक पहुंचने के प्रयास किए जा रहे हैं. नाबालिग पीड़िताओं की पहचान और उनकी निजता को सुरक्षित रखना भी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा है.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-