जबलपुर. एमपी के जबलपुर में गढ़ा स्थित बोस नगर (गढ़ा) में एक ऐसी सनसनीखेज और दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने इंसानियत को झकझोर कर रख दिया है. एक बुजुर्ग महिला की 40 सालों की वफादार और निष्ठावान सेवा का सिला उसे और उसके परिवार को खूनी संघर्ष और अस्पताल के बिस्तर के रूप में मिला है. मकान खाली कराने के लिए रचे गए इस खौफनाक षड्यंत्र में डॉक्टर सुमिता मुखर्जी और एक कुख्यात बदमाश का नाम सामने आया है, जिसने घर के इकलौते चिराग को मौत के मुंह में धकेलने की कोशिश की.
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 26 वर्षीय दीपक बेन की नानी पिछले करीब 40 सालों से डॉक्टर सुमिता मुखर्जी के यहां लगातार काम कर रही थीं. इसी वफादारी और सेवा के बदले में डॉक्टर मुखर्जी ने उन्हें अस्पताल परिसर में ही रहने के लिए एक कमरा दिया था, जहाँ दीपक अपनी नानी के साथ रहता था. डॉक्टर मुखर्जी ने वादा किया था कि उन्होंने लंबी सेवा दी है, इसलिए वे उन्हें रहने के लिए मकान बनाकर देंगी. लेकिन वक्त बदला और डॉक्टर मुखर्जी का रवैया भी बदल गया. पिछले एक साल से डॉक्टर मुखर्जी किसी भी तरह उस कमरे को खाली करवाने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपना रही थीं.
बदमाशों का तांडव और सामान सड़क पर फेंका-
मामला तब बेहद गंभीर हो गया जब बीती शाम करीब 4 बजे दीपक की नानी घर में अकेली थीं. तभी ओमती का रहने वाला कुख्यात बदमाश बाबा भाईजान अपने दो अन्य साथियों के साथ वहाँ आ धमका. आरोप है कि वह डॉक्टर मुखर्जी के इशारे पर ही वहाँ पहुंचा था और उसने घर का सारा सामान खींचकर सड़क पर फेंकना शुरू कर दिया. जब दीपक को इसकी सूचना मिली और वह तुरंत घर पहुंचा, तो उसने देखा कि नीचे सड़क पर डॉक्टर मुखर्जी और बाबा भाईजान दोनों खड़े हुए थे. दीपक के विरोध करने पर आरोपियों ने उसे खुलेआम धमकी दी कि अगर तुरंत कमरा खाली नहीं किया, तो उसे जिंदा नहीं छोड़ेंगे. दीपक ने कुछ मोहलत और समय की गुहार लगाई, जिसके बाद वे लोग तो चले गए, लेकिन उनके मन में कुछ और ही खौफनाक साजिश पक रही थी.
आधी रात को चाकू लेकर घर में घुसे बदमाश-
खौफ का असली मंजर आधी रात को करीब एक बजे देखने को मिला. जब सन्नाटा पसरा हुआ था, तभी अचानक दो बदमाश फिर से वहां आ धमके. उन्होंने बिना कोई बात किए दीपक पर ताबड़तोड़ चाकुओं से वार करना शुरू कर दिया. चाकुओं के इन अंधाधुंध हमलों से दीपक के दोनों पैरों और कमर पर गंभीर और गहरे घाव हो गए और वह खून से लथपथ होकर जमीन पर गिर पड़ा. बेटे और पोते की ऐसी हालत देख बुजुर्ग नानी की चीख निकल गई. उन्होंने घबराकर जोर-जोर से शोर मचाया, जिससे आसपास के स्थानीय लोग नींद से जाग गए और अपने घरों से बाहर निकल आए. भीड़ को इक_ा होते देख दोनों हमलावर धमकी देते हुए फरार हो गए कि अगर डॉक्टर मुखर्जी का मकान खाली नहीं किया, तो अगली बार सीधे जान से ही खत्म कर देंगे.
पुलिस ने दर्ज किया गंभीर धाराओं में मामला
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों की मदद से पुलिस मौके पर पहुंची और लहूलुहान अवस्था में पड़े दीपक को तुरंत इलाज के लिए मेडिकल अस्पताल पहुंचाया. जहाँ उसकी हालत बेहद नाजुक बनी हुई है. गढ़ा पुलिस ने मुख्य आरोपी डॉक्टर सुमिता मुखर्जी, कुख्यात बदमाश बाबा भाईजान और दो अन्य अज्ञात लड़कों के खिलाफ बीएनएस की गंभीर धाराओं (धारा 296बी, 109(1), 61(2), 331(7)) के तहत मामला दर्ज कर लिया है. पुलिस अब आरोपियों की सरगर्मी से तलाश कर रही है.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

