जबलपुर. एमपी के जबलपुर में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने तथा अपराधियों पर शिकंजा कसने के लिए पुलिस अधीक्षक जबलपुर श्री संपत उपाध्याय (भा.पु.से.) के सख्त निर्देशों पर एक विशेष 'कांबिंग गश्त' अभियान चलाया गया. 3 अक्टूबर 2026 की रात 9 बजे से शुरू होकर 4 अक्टूबर 2026 की रात 2 बजे तक चले इस मैराथन अभियान में पुलिस ने शहर और देहात के कई ठिकानों पर एक साथ ताबड़तोड़ दबिश दी.
इस पूरी कार्रवाई का संचालन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर डॉ. आयुष जाखड़, एएसपी अपराध जितेन्द्र सिंह, एएसपी जोन-2 पल्लवी शुक्ला, एएसपी जोन-4 अंजना तिवारी, एएसपी मुख्यालय सूर्यकांत शर्मा, और एएसपी यातायात अखिलेश तिवारी के साथ-साथ सभी नगर पुलिस अधीक्षकों और थाना प्रभारियों के मार्गदर्शन में किया गया.
224 वारंट हुए तामील, सालों से फरार आरोपी चढ़े हत्थे-
लंबे समय से कोर्ट की पेशियों से बचकर भाग रहे और पेंडिंग मामलों में फरार चल रहे आरोपियों की धरपकड़ के लिए पुलिस की दर्जनों टीमें बनाई गईं, जिनका नेतृत्व खुद थाना प्रभारी कर रहे थे. कांबिंग गश्त के दौरान पुलिस टीमों ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए कुल 224 वारंट तामील किए.
-112 गैर-म्यादी वारंट
-83 गिरफ्तारी वारंट
-29 जमानती वारंट
अवैध शराब और हथियारों के खिलाफ भी बड़ा प्रहार-
अपराधियों और असामाजिक तत्वों पर नकेल कसने के अभियान के तहत पुलिस ने अवैध कारोबारियों के ठिकानों पर भी छापेमारी की. पुलिस ने अवैध शराब के कारोबार में लिप्त 24 आरोपियों को धर दबोचा. इनके कब्जे से 7 बॉटल, 96 पाव (देशी/अंग्रेजी शराब) और 47 लीटर कच्ची शराब भारी मात्रा में जब्त की गई.
चाकू लेकर घूमने वाले बदमाश-
गश्त के दौरान संदिग्ध गतिविधियों में शामिल 4 आरोपियों को अवैध हथियार (चाकू) के साथ गिरफ्तार कर उनके पास से 4 चाकू बरामद किए गए.
संदिग्धों की चेकिंग और सख्त पहरा-
कांबिंग गश्त के दौरान पुलिस ने केवल वारंट और अवैध सामान तक सीमित न रहकर शहर के सक्रिय गुंडे-बदमाशों के ठिकानों को भी चेक किया. इसके अलावा रेलवे स्टेशनों, बस स्टैंडों और मुसाफिरखानों में देर रात आने-जाने वाले संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की सघन तलाशी ली गई तथा पूछताछ की गई.
एसपी का सख्त संदेश-
पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय ने स्पष्ट किया है कि जनता में सुरक्षा की भावना पैदा करना और कानून का राज स्थापित करना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है. लंबे समय से कानून से आंख मिचौली खेल रहे अपराधियों को सलाखों के पीछे पहुंचाना बेहद जरूरी था. उन्होंने चेतावनी दी है कि अपराधियों पर अंकुश लगाने के लिए जबलपुर पुलिस का यह अभियान भविष्य में भी लगातार जारी रहेगा.

