जबलपुर. एमपी की संस्कारधानी जबलपुर के रक्षा मंत्रालय की व्हीकल फैक्ट्री (व्हीएफजे) के पास एक संदिग्ध युवक पाया गया. स्थानीय लोगों ने उसकी हरकतों को देखकर उसे पकड़ लिया और पुलिस को सूचना दी. स्थानीय लोगों का दावा है कि, पूछताछ के बाद युवक ने बताया कि, वह पाकिस्तान के रावलपिंडी का रहने वाला है और भारत में बाघा बॉर्डर से आया था. उसने बताया कि, उसके साथ 11 और लोग भारत आए हैं. पुलिस ने उसे पकड़ लिया है और उसका मेडिकल टेस्ट करवाया जाएगा. इसके बाद उससे पूछता शुरू की जाएगी.
जबलपुर के रांझी में सतपुला ब्रिज के पास रक्षा मंत्रालय की व्हीकल फैक्ट्री है. व्हीकल फैक्ट्री की कॉलोनी में एक मंदिर है. आज बुधवार सुबह मॉर्निंग वॉक करने वाले लोगों ने देखा कि मंदिर के पास एक लड़का बैठा हुआ है और उसकी गतिविधियां कुछ ठीक नहीं लग रही हैं. मौके पर मौजूद एडवोकेट आशीष प्रजापति ने उसका वीडियो भी बनाया.
खुद को बता रहा रावलपिंडी का रहने वाला
सतपुला के रहने वाले सचिन विश्वकर्मा ने बताया कि, जब हमने इससे पूछताछ की तो उसने बताया कि, वह पाकिस्तान के रावलपिंडी का रहने वाला है और भारत में वह कराची से होता हुआ बाघा बॉर्डर क्रॉस करके आया है. सचिन ने बताया कि, उसने यह स्वीकार किया है कि उसके साथ 11 और लोग आए हैं जब स्थानीय लोगों को इस बात की पूरी तसदीक हो गई की यह विदेशी है और गलत ढंग से भारत में आया है तब उन्होंने पुलिस को सूचना दी.
पुलिस ने संदिग्ध को लिया हिरासत में
मौके पर पहुंचे जबलपुर के रांझी पुलिस के एएसआई सीताराम ने लड़के की गतिविधियों को संदिग्ध मानते हुए उसे हिरासत में ले लिया है. सीताराम का कहना है कि, हम सबसे पहले उसका मेडिकल टेस्ट करवाएंगे. क्योंकि ऐसा लग रहा है कि वह बीमार है फिर उससे पूछताछ की जाएगी कि आखिर वह पाकिस्तान से भारत क्यों आया है. दरअसल, उसका जबलपुर के रक्षा मंत्रालय के फैक्ट्री के पास पाया जाना भी उसे और संदिग्ध बना देता है. क्योंकि जबलपुर की इन फैक्ट्री में भारतीय सेना के लिए जरूरत के सामान बनाए जाते हैं और यहां पर किसी भी संदिग्ध को आने जाने की अनुमति नहीं है. ऐसी स्थिति में उसकी फैक्ट्री के पास पाया जाना और भी सवाल खड़े करता है.
भारत में कैसे प्रवेश कर गया संदिग्ध, उठे सवाल
जबलपुर के इस क्षेत्र में पहले भी पाकिस्तानियों की आने की सूचनाओं मिलती रही है. भारत-पाकिस्तान के संबंध हमेशा ही ठीक नहीं रहे हैं. इसलिए किसी पाकिस्तान का बिना अनुमति इस तरह भारत की केंद्र तक पहुंचाना संदिग्ध है. अब सवाल यह भी उठता है कि यह बाघा बॉर्डर में कैसे प्रवेश कर गया फिर यह बॉर्डर से लेकर लगभग डेढ़ हजार किलोमीटर दूर जबलपुर तक कैसे पहुंच गया. इस बीच में किसी ने रोका क्यों नहीं और इसकी जांच क्यों नहीं की गई.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-


