राजपाल यादव को सुप्रीम कोर्ट से फिलहाल राहत, पुश्तैनी संपत्ति बेचकर चुकाएंगे बकाया; CJI बोले- अब अच्छी फिल्म बनाइए

राजपाल यादव को सुप्रीम कोर्ट से फिलहाल राहत, पुश्तैनी संपत्ति बेचकर चुकाएंगे बकाया; CJI बोले- अब अच्छी फिल्म बनाइए

प्रेषित समय :16:47:46 PM / Wed, Oct 7th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

नई दिल्ली. चेक बाउंस से जुड़े मामले में अभिनेता राजपाल यादव को सुप्रीम कोर्ट से फिलहाल राहत मिलती दिख रही है. अभिनेता की ओर से अदालत में बकाया रकम चुकाने का प्रस्ताव रखा गया, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने रिकॉर्ड पर लिया है. प्रस्ताव के मुताबिक, राजपाल यादव तत्काल 1.15 करोड़ रुपये जमा करेंगे, जबकि उनकी पुश्तैनी संपत्ति के संभावित खरीदार की ओर से 85 लाख रुपये दिए जाने की बात कही गई है.

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने मामले की सुनवाई की. पीठ में न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना भी शामिल रहे.

दो करोड़ रुपये जमा करने की तैयारी
राजपाल यादव के वकील ने अदालत को बताया कि अभिनेता के पास 1.15 करोड़ रुपये की राशि उपलब्ध है और इसका डिमांड ड्राफ्ट तैयार है. यह रकम सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री में जमा की जानी है.

इसके अलावा अभिनेता की पुश्तैनी संपत्ति खरीदने में रुचि रखने वाले अनंत प्रकाश यादव ने भी 85 लाख रुपये देने की पेशकश की है. अदालत के समक्ष बताया गया कि यह रकम सोमवार को जमा की जा सकती है.

कोर्ट ने संकेत दिया कि शुरुआती भुगतान के बाद राजपाल यादव को सशर्त राहत देने पर विचार किया जा सकता है. इसके साथ ही शेष बकाया चुकाने के लिए भुगतान का शेड्यूल भी तय किया जा सकता है.

नवरात्र के बाद संपत्ति की रजिस्ट्री
अदालत को बताया गया कि राजपाल यादव की पुश्तैनी संपत्ति का सौदा तय होने की प्रक्रिया में है. हालांकि पितृ पक्ष के चलते संभावित खरीदार फिलहाल संपत्ति की रजिस्ट्री कराने से बच रहा है. नवरात्र शुरू होने के बाद रजिस्ट्री कराने की बात कही गई है.

वकील के मुताबिक, संपत्ति की कीमत 30 करोड़ रुपये से अधिक है और खरीदार के पास भुगतान करने की क्षमता है. फिलहाल वह 85 लाख रुपये अग्रिम तौर पर जमा करने को तैयार है.

पांच करोड़ रुपये के कर्ज से शुरू हुआ विवाद
पूरा विवाद वर्ष 2012 में राजपाल यादव की फिल्म ‘अता पता लापता’ के निर्माण के लिए लिए गए करीब पांच करोड़ रुपये के कर्ज से जुड़ा है. फिल्म के लिए अभिनेता और उनकी पत्नी को मुर्ली प्रोजेक्ट्स से रकम मिली थी.

फिल्म समय पर पूरी नहीं हो सकी. इसके बाद दोनों पक्षों के बीच रकम और भुगतान को लेकर कई समझौते हुए. इसी दौरान सुरक्षा के तौर पर दिए गए चेक को लेकर विवाद खड़ा हो गया.

राजपाल यादव का पक्ष है कि पुराने चेक वापस नहीं किए गए और उनमें से सात बैंक में प्रस्तुत किए गए, जो बाउंस हो गए. इसके बाद उनके और उनकी पत्नी के खिलाफ चेक बाउंस से संबंधित आपराधिक मामले शुरू हुए.

छह महीने की सजा से तीन महीने तक पहुंचा मामला
मई 2024 में सत्र अदालत ने राजपाल यादव को दोषी ठहराते हुए छह महीने की सजा सुनाई थी. इसके बाद दिल्ली हाईकोर्ट ने उनकी सजा पर रोक लगाई, लेकिन अभिनेता को विवाद का समाधान करने और बकाया राशि चुकाने का आश्वासन देना पड़ा.

मामला मध्यस्थता केंद्र तक भी पहुंचा. हालांकि भुगतान से जुड़े कई आश्वासन पूरे नहीं होने पर मामला दोबारा गंभीर हो गया. फरवरी 2026 में हाईकोर्ट ने राजपाल यादव को जेल अधिकारियों के सामने आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया था.

इसके बाद उन्होंने 5 फरवरी को सरेंडर किया. बाद में रकम जमा करने के आधार पर उन्हें अंतरिम राहत मिली, लेकिन भुगतान की शर्तें पूरी नहीं होने पर तीन महीने की सजा का आदेश सामने आया.

सुप्रीम कोर्ट में अभिनेता ने बताई अपनी परेशानी
सुप्रीम कोर्ट में राजपाल यादव की ओर से दलील दी गई कि बाद में हुए समझौते के कारण पहले जारी किए गए चेक की वैधता पर सवाल उठता है. इसी आधार पर उन्होंने चेक बाउंस मामले में दर्ज शिकायतों को चुनौती दी है.

सुनवाई के दौरान जस्टिस जॉयमाल्य बागची ने भुगतान को लेकर अभिनेता के पिछले रुख पर नाराजगी जताई. अदालत ने यह भी संकेत दिया कि परिस्थितियों के अनुसार सजा बढ़ाने का विकल्प भी उसके सामने है.

हालांकि, पीठ ने स्पष्ट किया कि मौजूदा स्तर पर उसका प्रमुख उद्देश्य शिकायतकर्ता को उसकी रकम वापस दिलाना है.

भावुक हुए राजपाल यादव, CJI ने कही हल्की-फुल्की बात
सुनवाई के दौरान राजपाल यादव ने अदालत के सामने अपनी आर्थिक स्थिति का जिक्र किया. अभिनेता ने बताया कि वह अब तक करीब 250 फिल्मों में काम कर चुके हैं और इस विवाद में उन्हें काफी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है. उन्होंने कहा कि पांच करोड़ रुपये के कर्ज ने उनकी स्थिति मुश्किल कर दी.

अभिनेता की बात सुनने के बाद मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने हल्के अंदाज में कहा कि अब अच्छी फिल्म बनाइए और लोगों का मनोरंजन कीजिए.

फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ने 1.15 करोड़ रुपये तत्काल जमा करने और 85 लाख रुपये संभावित खरीदार की ओर से जमा किए जाने के प्रस्ताव को रिकॉर्ड पर लिया है. आगे की सुनवाई में शेष राशि के भुगतान की समयसीमा और राहत की शर्तों पर फैसला हो सकता है.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-