जबलपुर. रेलवे स्टेशन जबलपुर में बुधवार 7 सितम्बर की सुबह जब जीआरपी कर्मचारी प्लेटफार्म पर रूटीन चैकिं में लगे थे, तभी एक सुंदर सी दिखने वाली युवती के हावभाव अचानक बदल गये और पुलिसकर्मियों को देख घबरा गई. जिस पर जब उसे रोककर चैकिंग की गई तो उसके पास से 5.342 ग्राम गांजा बरामद किया गया. जिस पर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है. पूछताछ में महिला ने अपना नाम बैदेही बाई पति सुजीत शिल्पी, उम्र 35 वर्ष, निवासी ग्राम चैनपुर, थाना बाड़ी, जिला रायसेन (म.प्र.), हाल निवासी गौडढ़ाबा दुलमपुर, थाना आताबेरा, जिला बरगढ़ (उड़ीसा) बताया है.
जीआरपी के मुताबिक त्योहारों की भीड़ भाड़ को देखते हुए घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस अधीक्षक रेल सुंदर सिंह कनेश व अति पुलिस अधीक्षक आशुतोष मिश्रा एवं उप पुलिस अधीक्षक रेल अंकिता सुल्या के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी संजीवनी राजपूत द्वारा लगातार स्टेशन पर चैकिंग कराई जरही है, जिसके तारतम्य में बुधवार 7 सितम्बर को थाना जीआरपी जबलपुर पुलिस स्टाफ द्वारा रेलवे स्टेशन जबलपुर स्टेशन पर चेकिंग के दौरान प्लेटफॉर्म क्रमांक 02-03 इटारसी एंड पर एक महिला संदिग्ध अवस्था में दिखाई दी, जिसके हाव-भाव एवं गतिविधियां संदिग्ध प्रतीत होने पर उसे रोककर पूछताछ की गई.
महिला द्वारा अपना नाम बैदेही बाई पति सुजीत शिल्पी, उम्र 35 वर्ष बताया गया. महिला के पास रखे कपड़े के थैले में मादक पदार्थ होने का संदेह होने पर नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई करते हुए उसकी तलाशी ली गई. तलाशी के दौरान थैले में सफेद रंग के कपड़े में लिपटे हुए 05 पैकेट मिले, जिन्हें खोलकर देखने पर उनमें मादक पदार्थ गांजा होना पाया गया. बरामद गांजे को इलेक्ट्रॉनिक तौल कांटे से तौल करने पर कुल वजन 5.342 किलोग्राम पाया गया, जिसकी अनुमानित कीमत 1,33,550 रुपये है. बरामद पांचों पैकेटों को विधिवत जप्त किया गया. पूछताछ में आरोपिया से उक्त गांजा उपलब्ध कराने वाले व्यक्ति एवं मादक पदार्थ के स्रोत के संबंध में भी विवेचना की जा रही है.
आरोपिया के कब्जे से बरामद 5.342 किलोग्राम गांजा एवं अन्य सामग्री को विधिवत जप्त कर आरोपिया के विरुद्ध थाना जीआरपी जबलपुर में धारा 8/20 एनडीपीएस एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध कर वैधानिक कार्रवाई की गई है.
उल्लेखनीय कार्रवाई करने वाले पुलिस अधिकारी/कर्मचारियों में थाना प्रभारी संजीवनी राजपूत एएसआई बी सी उद्दे, प्र.आर. अरुण तिवारी, प्र.आर. मनोज मिश्रा, प्र आर परशुराम, प्र आर रविकांत, प्र आर गोपाल, प्र आर सत्येंद, प्र आर अजय तिवारी, प्र आर राजेंद्र मरकाम, प्र आर सागर उपाध्याय, महिला आरक्षक वर्षा दुबे व मनीषा का विशेष योगदान रहा.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

