जबलपुर. एमपी के जबलपुर में करीब साढ़े चार सौ करोड़ रुपए की लागत से विस्तारित डुमना एयरपोर्ट को एक और झटका लगा है. इंडिगो ने जबलपुर से इंदौर होते हुए हैदराबाद जाने वाली फ्लाइट को 24 अक्टूबर से बंद करने का निर्णय लिया है. विंटर शेड्यूल में इस उड़ान को शामिल नहीं किया गया है. यह जबलपुर-इंदौर के बीच एकमात्र फ्लाइट थी. इसके बंद होने से इंदौर जाने वाले यात्रियों को सड़क या अन्य माध्यमों का सहारा लेना पड़ेगा.
डुमना एयरपोर्ट से हैदराबाद के बीच चलने वाली फ्लाइट में इजाफा किया जा रहा है. अभी इस रूट पर 78 सीट का विमान संचालित होता है. इसे बदलकर 186 सीट का बड़ा एयरक्राफ्ट चलाने की तैयारी है. इंडिगो अधिकारियों के मुताबिक छोटे एटीआर विमान के मेंटेनेंस के चलते जबलपुर-इंदौर फ्लाइट बंद की जा रही है. जबलपुर चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष प्रेम दुबे ने उड़ान सेवा बंद होने को जबलपुर के लिए दुर्भाग्यपूर्ण बताया.
उन्होंने कहा कि इसका असर पर्यटन के साथ व्यापार, शिक्षा और उद्योग पर भी पड़ेगा. व्यापारिक गतिविधियों में समय महत्वपूर्ण होता है. व्यापारी कम समय में दूसरे शहरों तक पहुंचने के लिए विमान सेवा का इस्तेमाल करते हैं. ऐसे में जबलपुर-इंदौर सीधी उड़ान बंद होने से उन्हें लंबी सड़क यात्रा करनी पड़ेगी. उन्होंने कहा कि फ्लाइट से इंदौर पहुंचने में करीब दो घंटे लगते हैं. उड़ान बंद होने के बाद सड़क मार्ग से आने-जाने में अधिक समय लगेगा. इसका असर व्यापार और कारोबार पर पड़ेगा.
कनेक्टिंग रूट का विकल्प तलाशने का सुझाव-
प्रेम दुबे ने कहा कि जबलपुर एयरपोर्ट के सुधार पर चार सौ करोड़ रुपए से अधिक खर्च किए गए हैं. यदि यहां से फ्लाइट ही संचालित नहीं होगी तो एयरपोर्ट के विकास का क्या मतलब रह जाएगा. उन्होंने कहा कि बीते चार वर्षों में जबलपुर से कई बार फ्लाइट शुरू और बंद हुई हैं. इससे बाहर से आने वाले व्यापारी असमंजस में रहते हैं. उन्होंने जबलपुर-इंदौर उड़ान को पूरी तरह बंद करने के बजाय जबलपुर-इंदौर-अहमदाबाद या जबलपुर-इंदौर-पुणे जैसे रूट तलाशने का सुझाव दिया. इससे जबलपुर के यात्रियों को इंदौर के जरिए दूसरे बड़े शहरों तक पहुंचने की सुविधा मिल सकती है.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

