जबलपुर. एमपी के जबलपुर में पूर्व क्षेत्र स्थित स्लाटर हाउस, चांदनी चौक सहित अन्य इलाकों में बिजली विभाग ने एक ऐसे हाई-टेक बिजली चोरी के बड़े खेल का पर्दाफाश किया है, जिसने अधिकारियों के भी होश उड़ा दिए. जिस 'स्मार्ट मीटरÓ को बिजली विभाग फुलप्रूफ व अत्याधुनिक तकनीक मानता था, उसी स्मार्ट मीटर से शातिर तरीके से बिजली चोरी की जा रही थी!
बताया गया है कि बिजली चोरी की खबर पर आज अधिकारियों की टीम ने अचानक स्लाटर हाउस की तंग गलियों में दबिश दी, तो इलाके में हड़कंप मच गया. बिजली विभाग का अमला जब डॉ. सेन वाली गली के भीतर तक दाखिल हुआ और एक-एक घर के मीटरों की सघन जांच शुरू की, तो हैरान कर देने वाले सच सामने आने लगे.
हाई-टेक मीटरों से खिलवाड़, केबल काटी, तार फंसाए-
जांच अधिकारी तब हैरान रह गए जब उन्होंने देखा कि डिजिटल और स्मार्ट कहे जाने वाले मीटरों के साथ धड़ल्ले से छेड़छाड़ की गई थी. मीटरों के भीतर पतले वायर फंसाकर उनकी रीडिंग को या तो धीमा कर दिया गया था या पूरी तरह रोक दिया गया था. इतना ही नहीं, मीटर तक बिजली पहुंचाने वाले मजबूत 'आर्मड केबलÓ को काटकर उससे सीधे अवैध कनेक्शन जोड़कर खुलेआम बिजली चुराई जा रही थी.
तुरंत कटे भारी-भरकम बिल, 30 दिन का अल्टीमेटम-
बिजली विभाग की इस अचानक हुई स्ट्राइक से इलाके के बिजली चोरों में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई. अमले ने मौके पर ही पंचनामा तैयार कर रंगे हाथों पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है. बिजली विभाग ने बिना कोई ढील दिए तुरंत प्रभाव से भारी-भरकम बिल निकालकर उपभोक्ताओं को थमा दिए हैं. विभाग की तरफ से साफ शब्दों में एक महीने (30 दिन) का अल्टीमेटम दिया गया है. एक माह के भीतर पूरा जुर्माना जमा करें, वरना सीधे अदालत के कटघरे में खड़े होने और जेल जाने के लिए तैयार रहें.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

