रांची। वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे टी-20 में 249 रन बनाने के बावजूद भारतीय टीम को 6 विकेट से हार का सामना करना पड़ा। इस हार के बाद पूर्व भारतीय स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने भारतीय गेंदबाजी की गुणवत्ता और कप्तान श्रेयस अय्यर की रणनीति पर सवाल उठाए हैं। अश्विन ने कहा कि भारत को भविष्य के लिए बेहतर गेंदबाज तैयार करने पर ध्यान देना होगा। उन्होंने मौजूदा गेंदबाजी संसाधनों पर चिंता जताते हुए कहा, “मुझे सच में भारतीय बॉलिंग के भविष्य की चिंता है।”
अश्विन बोले- गेंदबाज तैयार करने पर देना होगा ध्यान
अश्विन ने अपने यूट्यूब चैनल पर मैच का विश्लेषण करते हुए कहा कि वह गेंदबाजों को अकेले हार के लिए जिम्मेदार नहीं ठहरा रहे हैं, लेकिन भारतीय गेंदबाजी में गुणवत्ता बढ़ाने की जरूरत है। उनके मुताबिक, बड़े स्कोर वाले मुकाबलों में गेंदबाजी करने के लिए सिर्फ गति ही नहीं, बल्कि खेल की समझ और परिस्थितियों के अनुसार रणनीति बनाना भी जरूरी है।
उन्होंने कहा कि भारत को ऐसे गेंदबाज तैयार करने में समय और संसाधन लगाने चाहिए, जो दबाव की स्थिति में भी प्रभावी प्रदर्शन कर सकें।
बुमराह को बताया ‘चीट कोड’
अश्विन ने जसप्रीत बुमराह की क्षमता का जिक्र करते हुए कहा कि रोहित शर्मा और सूर्यकुमार यादव को कप्तानी के दौरान उनके रूप में एक खास विकल्प मिला था। बुमराह की विविधता, स्लोअर गेंदें और दबाव में गेंदबाजी करने की क्षमता कप्तानों को रणनीतिक विकल्प देती है।
अश्विन के अनुसार, हर गेंदबाज में ऐसी विशेषताएं नहीं होतीं। इसलिए भारतीय टीम को बुमराह जैसे मैच जिताने वाले गेंदबाजों पर निर्भर रहने के बजाय गेंदबाजी की पूरी इकाई मजबूत करने की जरूरत है।
श्रेयस अय्यर की रणनीति को बताया औसत
दूसरे टी-20 में भारतीय गेंदबाजों के इस्तेमाल पर सवाल उठाते हुए अश्विन ने कप्तान श्रेयस अय्यर की रणनीति को औसत बताया। उन्होंने कहा कि शुरुआती ओवरों में मयंक यादव ने विकेट लेकर भारत को अच्छी स्थिति में पहुंचाया था, लेकिन इसके बाद गेंदबाजों के चयन और बदलावों पर बेहतर निर्णय लिए जा सकते थे।
अश्विन ने शिवम दुबे को पावरप्ले के तुरंत बाद गेंदबाजी देने पर सवाल उठाया। उनका मानना था कि उस समय कुलदीप यादव को पहले आक्रमण पर लाने का विकल्प आजमाया जा सकता था।
501 रन के मुकाबले में वेस्टइंडीज ने मारी बाजी
भारत और वेस्टइंडीज के बीच दूसरे टी-20 मुकाबले में कुल 501 रन बने। भारतीय टीम ने संजू सैमसन के 41 गेंदों पर 82 रन और तिलक वर्मा के 18 गेंदों पर 44 रन की मदद से 249/5 का स्कोर बनाया।
जवाब में वेस्टइंडीज ने 18.3 ओवर में 252/4 रन बनाकर मुकाबला अपने नाम कर लिया। कप्तान शाई होप ने 45 गेंदों पर नाबाद 102 रन बनाए, जबकि शेरफेन रदरफोर्ड ने 37 गेंदों पर 84 रन की तूफानी पारी खेली।
मयंक यादव की रफ्तार ने दिलाई शुरुआती सफलता
भारतीय तेज गेंदबाज मयंक यादव ने पावरप्ले में विकेट लेकर टीम को शुरुआती बढ़त दिलाई। उन्होंने 140 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक की रफ्तार से गेंदबाजी करते हुए अपनी गति और क्षमता का प्रदर्शन किया।
हालांकि, शुरुआती सफलता के बावजूद भारतीय गेंदबाज वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों को रोकने में नाकाम रहे। अश्विन की टिप्पणी ने एक बार फिर भारतीय गेंदबाजी की गहराई, कप्तानी के फैसलों और भविष्य के लिए प्रतिभाशाली गेंदबाज तैयार करने की जरूरत पर बहस छेड़ दी है।
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

