जबलपुर. एमपी के जबलपुर में ऐतिहासिक बूढ़ी खेरमाई मंदिर के पास स्थित नर्मदा मैदान में हर साल की तरह इस बार भी दुर्गा उत्सव की तैयारियां चल रही हैं, लेकिन इस बार उत्सव से पहले ही मैदान में दुकानें लगाने को लेकर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि रविवार देर रात करीब 2 बजे हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए.
बताया गया है कि हिंदू संगठनों ने हाल ही में एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर मांग की थी कि नर्मदा मैदान में लगने वाली दुकानों में एक विशेष समुदाय के लोगों को अनुमति न दी जाए. प्रशासनिक निर्णय से पहले ही मैदान में दुकानें लगने की सुगबुगाहट पर हिंदू संगठन के कार्यकर्ता रात में ही वहां पहुंच गए और दुकानदारों से दुकानें न लगाने का आग्रह किया, जिसके बाद दोनों पक्षों में गरमा-गरम बहस छिड़ गई. विवाद की सूचना मिलते ही हनुमानताल थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची. थाना प्रभारी सुभाषचंद्र बघेल ने दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर शांत कराया. पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नर्मदा मैदान पूरी तरह से नगर निगम के अधिकार क्षेत्र में आता है. इसलिए मैदान में दुकानें लगेंगी या नहीं, इसका अंतिम निर्णय नगर निगम ही लेगा.
हिंदू संगठन का पक्ष-
विश्व हिंदू परिषद के जिला सह-संयोजक अमित जाट का कहना है कि नर्मदा मैदान नगर निगम के अधीन आता है. दुर्गा उत्सव के दौरान यहां भारी भीड़ के कारण जाम की समस्या उत्पन्न होती है, इसलिए इस क्षेत्र में पार्किंग की पुख्ता व्यवस्था होनी चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया कि यहां लगाई जाने वाली दुकानें अवैध हैं और दुकानदार मंदिर समिति के नाम पर पैसे देने की बात कह रहे हैं.
दुकानदारों और स्थानीय नागरिकों का पक्ष-
हनुमानताल के रहने वाले मोहम्मद शमीम जो चूड़ी, बिंदी और मनियारी का व्यापार करते हैं उन्होने बताया कि वे पिछले 25 साल से यहां अपनी दुकान लगा रहे हैं. उन्होंने सवाल उठाया कि क्या अब व्यापार भी धर्म देखकर किया जाएगा. इस तरह अचानक धमकाकर रोजी-रोटी छीनने की कोशिश की जा रही है.
स्थानीय समर्थन-
स्थानीय निवासी साईं कोरी ने बताया कि इस मैदान में पिछले 50 वर्षों से दुकानें लगती आ रही हैं और मां दुर्गा की प्रतिमा भी स्थापित होती है. उनका कहना है कि यदि दुकानों पर रोक लगानी है, तो सभी पर एक जैसी कार्रवाई होनी चाहिए, न कि चुनिंदा.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

