जबलपुर : कठौंदा में गरजा प्रशासन, 28 पटाखा दुकानें सील, फायर सेफ्टी एनओसी भी नहीं मिली

जबलपुर : कठौंदा में गरजा प्रशासन, 28 पटाखा दुकानें सील, फायर सेफ्टी एनओसी भी नहीं मिली

प्रेषित समय :11:03:18 AM / Tue, Oct 13th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

जबलपुर. संस्कारधानी जबलपुर शहर के कठौंदा इलाके में जनसुरक्षा और तय कानूनी मापदंडों की खुली अनदेखी करने वाले पटाखा कारोबारियों के खिलाफ जिला प्रशासन ने बेहद कड़ा रुख अख्तियार किया है. कलेक्टर राघवेंद्र सिंह के सीधे दिशा-निर्देश पर चली इस व्यापक मुहिम के अंतर्गत कुल 28 स्थायी दुकानों के अनुज्ञप्ति पत्र  (लायसेंस) निरस्त करते हुए उन पर ताले जड़ दिए गए.

एसडीएम अधारताल मदन सिंह रघुवंशी की अगुवाई में अंजाम दी गई इस संयुक्त मुहिम में तहसीलदार, नगर निगम अमला और स्थानीय पुलिस बल सक्रिय रूप से शामिल रहा. अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले किसी भी संस्थान को बख्शा नहीं जाएगा.

अग्नि सुरक्षा प्रमाण पत्र का अभाव पड़ा भारी

दुकान संचालकों के स्तर पर बरती जा रही गंभीर लापरवाहियों की समीक्षा के दौरान यह उजागर हुआ कि परिसर में अनिवार्य फायर एनओसी मौजूद नहीं थी. अग्निशमन अनापत्ति प्रमाण पत्र के बिना विस्फोटक सामग्री का भंडारण और व्यापार कानूनन पूर्णत: प्रतिबंधित है. जांच दल को भौतिक सत्यापन के दौरान कई महत्वपूर्ण तकनीकी खामियां तथा जीवन सुरक्षा से जुड़े उपकरणों का अभाव मिला. आपात स्थिति से निपटने के पुख्ता इंतजाम न होने के कारण इन प्रतिष्ठानों को जनहित के लिए जोखिम भरा माना गया. राजस्व और अग्नि सुरक्षा नियमावली के प्रावधानों का खुला उल्लंघन पाए जाने पर प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से सभी स्वीकृतियां समाप्त कर वैधानिक जब्ती और बंदी की प्रक्रिया पूरी की.

संयुक्त प्रशासनिक बल की मौजूदगी में हुई तालाबंदी

एसडीएम मदन सिंह रघुवंशी के नेतृत्व में राजस्व, पुलिस और नगर पालिका की साझा टीम ने कठौंदा पहुंचकर क्रमवार तरीके से 28 दुकानों के मुख्य शटर बंद कर सील चस्पा की. अभियान के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहा, जिससे पूरी प्रक्रिया बिना किसी विरोध या व्यवधान के पूरी कराई गई. अचानक हुई इस सख्त कार्रवाई से पटाखा व्यापार से जुड़े हलकों में गहरा असर देखा जा रहा है. प्रशासनिक अधिकारियों ने खुले शब्दों में चेतावनी दी है कि शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में विस्फोटक नियम 2008 के मानकों का शत-प्रतिशत पालन अनिवार्य रहेगा, अन्यथा आगे भी ऐसी दंडात्मक मुहिम लगातार संचालित की जाएगी.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-