जबलपुर. एमपी के जबलपुर में ऑनलाइन धोखाधड़ी और साइबर अपराध के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं. ग्वारीघाट और रांझी थाना क्षेत्रों से ठगी के तीन ऐसे सनसनीखेज मामले सामने आए हैं, जहां जालसाजों ने 'वर्क फ्रॉम होमÓ और 'लिंक हैकÓ का जाल बिछाकर मासूम लोगों को लाखों रुपये का चूना लगा दिया. पुलिस ने तीनों मामलों में अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
हैदराबाद की फर्जी कंपनी का मायाजाल-
ग्वारीघाट निवासी अभिषेक डे मजुमदार (33 वर्ष) को ऑनलाइन वर्क फ्रॉम होम की तलाश भारी पड़ गई. हैदराबाद स्थित एक कंपनी के कथित एचआर जगदीश रविल्ला ने नौकरी का झांसा देकर अभिषेक से अलग-अलग खातों और यूपीआई के जरिए कुल 2 लाख रुपये ऐंठ लिए. झांसा देने के लिए अभिषेक को लेनोवो कंपनी का एक लैपटॉप भी थमा दिया गया. दो महीने तक जब अभिषेक को सैलरी नहीं मिली, तो उसने अन्य कर्मचारियों से संपर्क किया. तब खुलासा हुआ कि किसी भी कर्मचारी को सैलरी नहीं दी गई है और सभी से पैसे ठगे गए हैं. पैसे वापस मांगने पर आरोपी टालमटोल करने लगा, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया.
इंस्टाग्राम पर हैंडराइटिंग जॉब का लालच-
रांझी थाना क्षेत्र के रामनगर निवासी 20 वर्षीया छात्रा सृष्टि कुलस्ते इंस्टाग्राम पर वर्क फ्रॉम होम हैंडराइटिंग' का विज्ञापन देखकर साइबर ठगों के जाल में फंस गई. व्हाट्सएप पर संपर्क करने वाले विनय अग्रवाल और सुशांत अरोड़ा नामक ठगों ने पहले रजिस्ट्रेशन शुल्क के नाम पर ?499 और फिर सामान डिलीवरी चार्ज के नाम पर ?1,599 ट्रांसफर करवाए. इसके बाद अलग-अलग चार्ज का बहाना बनाकर 7 अक्टूबर तक कुल ?50,793 हड़प लिए. बार-बार पैसे मांगने पर जब छात्रा ने इंस्टाग्राम आईडी के कमेंट्स चेक किए, तो वहां कई लोगों ने उस आईडी को फ्रॉड लिखा हुआ था.
मोबाइल फोन हैक कर डिलीवरी बॉय के बैंक किया साफ-
रांझी के शारदा नगर में रहने वाले डिलीवरी बॉय शुभम पटेल (30 वर्ष) के साथ रात के अंधेरे में खौफनाक वारदात हुई. 9 अक्टूबर की देर रात करीब 11.30 बजे शुभम के मोबाइल पर अचानक एक मैसेज आया कि उसके खाते से 74,954 कट चुके हैं. जब उसने बैंक जाकर स्टेटमेंट निकाला, तो पता चला कि किसी अज्ञात शातिर ने उसके मोबाइल पर संदिग्ध लिंक भेजकर फोन हैक कर लिया था और पूरी रकम निखिल नाम के व्यक्ति के खाते में ट्रांसफर कर ली.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

