जबलपुर के विकास मॉडल को देखने पहुंचे MANIT के छात्र, वेस्ट टू एनर्जी प्लांट से डुमना नेचर पार्क तक समझीं तकनीकें

जबलपुर के विकास मॉडल को देखने पहुंचे MANIT के छात्र, वेस्ट टू एनर्जी प्लांट से डुमना नेचर पार्क तक समझीं तकनीकें

प्रेषित समय :20:24:56 PM / Tue, Oct 13th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

जबलपुर. नगरीय विकास में तकनीक और पर्यावरण संरक्षण की भूमिका समझने के लिए मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (MANIT), भोपाल के छात्र-छात्राओं ने जबलपुर का अध्ययन भ्रमण किया. इस दौरान विद्यार्थियों ने नगर निगम के विभिन्न विकास कार्यों, आधुनिक संयंत्रों और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी व्यवस्थाओं का अवलोकन किया. भ्रमण के बाद विद्यार्थियों ने निगम प्रशासन की कार्यप्रणाली और अपनाए जा रहे नवाचारों की सराहना की.

कचरे से ऊर्जा बनाने की तकनीक को करीब से जाना

अध्ययन भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने वेस्ट टू एनर्जी प्लांट और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) का दौरा किया. यहां उन्होंने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, कचरे से ऊर्जा तैयार करने और गंदे पानी के उपचार से जुड़ी प्रक्रियाओं की तकनीकी जानकारी प्राप्त की. विद्यार्थियों ने डुमना नेचर पार्क का भी भ्रमण किया और वहां की प्राकृतिक सुंदरता तथा जैव-विविधता को करीब से देखा.

निगमायुक्त से चर्चा में समझा प्रशासनिक नजरिया

भ्रमण के बाद विद्यार्थियों और संकाय सदस्यों ने निगमायुक्त राम प्रकाश अहिरवार से सौजन्य भेंट की. इस दौरान शहर के विकास कार्यों और नगर निगम द्वारा अपनाए जा रहे नवाचारों पर चर्चा हुई. निगमायुक्त ने अपने अनुभव साझा करते हुए विद्यार्थियों को नगरीय प्रशासन की कार्यप्रणाली और विकास योजनाओं के विभिन्न पहलुओं से अवगत कराया.

मां नर्मदा के संरक्षण पर शोध की प्रेरणा

बैठक में मां नर्मदा की स्वच्छता और संरक्षण पर विशेष जोर दिया गया. निगमायुक्त अहिरवार ने नर्मदा के महत्व, उसके प्रवाह और पारिस्थितिकी तंत्र के बारे में जानकारी देते हुए विद्यार्थियों को नदी संरक्षण के विषय पर शोध करने के लिए प्रेरित किया. उन्होंने तकनीकी शिक्षा प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों को अकादमिक अध्ययन के साथ पर्यावरणीय चुनौतियों को समझने की दिशा में आगे बढ़ने का संदेश दिया.

तकनीकी शिक्षा और जमीनी अनुभव का मेल

इस अध्ययन भ्रमण ने विद्यार्थियों को कक्षा में प्राप्त तकनीकी ज्ञान को शहरी व्यवस्थाओं से जोड़कर देखने का अवसर दिया. अपशिष्ट प्रबंधन, सीवेज उपचार और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण जैसी व्यवस्थाओं का प्रत्यक्ष अवलोकन उनके लिए उपयोगी रहा. विद्यार्थियों ने निगमायुक्त के मार्गदर्शन के लिए आभार जताया.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-