छत्तीसगढ़ : दो पत्नियां हैं तो किसे मिलेगा संपत्ति में अधिकार, हाई कोर्ट ने सुनाया ऐतिहासिक फैसला

छत्तीसगढ़ : दो पत्नियां हैं तो किसे मिलेगा संपत्ति में अधिकार, हाई कोर्ट ने सुनाया ऐतिहासिक फैसला

प्रेषित समय :18:27:27 PM / Thu, Oct 15th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

बिलासपुर. छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने राजनांदगांव के दिवंगत सरकारी कर्मचारी सुखीदास कुर्रे की संपत्ति और बकाये को लेकर स्पष्ट किया है कि मृतक की दोनों में से कोई भी पत्नी कानूनी रूप से वैध नहीं मानी जाएगी. हालांकि, दोनों पत्नियों से जन्मे तीन बच्चों को उनकी अचल संपत्ति में बराबर-बराबर हिस्सा मिलेगा.

साथ ही वेतन, पेंशन, सामान्य भविष्य निधि (जीपीएफ), उपादान और अन्य सेवा लाभों के करीब 17 लाख रुपये पाने के लिए सक्षम न्यायालय से उत्तराधिकार प्रमाणपत्र लेना होगा. न्यायमूर्ति पार्थ प्रतीम साहू और न्यायमूर्ति सुषमा सावंत की खंडपीठ ने निर्णय सुनाया.

किसे मिलेगी संपत्ति?

बता दें कि पशु चिकित्सा विभाग में सहायक क्षेत्र अधिकारी रहे सुखीदास की मृत्यु 12 अगस्त 2015 को हुई थी. पहली पत्नी शोभा साहू से उनका बेटा अविनाश और दूसरी पत्नी अशोक लता कुर्रे से बेटियां लक्ष्मी व बेबी उर्फ दीपिका हैं. शोभा ने 10 जुलाई 2000 के सहमतिनामे में सुखीदास से अलग होने की बात स्वीकार की थी और बाद में अरुण साहू से विवाह किया.

कोई पत्नी वैध नहीं

हाई कोर्ट ने पाया कि शोभा के सेवा अभिलेखों में अरुण साहू का नाम पति के रूप में दर्ज था. सेवा पुस्तिका में उनकी तस्वीर थी और उन्हें सेवा लाभों के लिए नामांकित किया गया था. अशोक लता ने भी पहले पति से विवाह विच्छेद न होने की बात स्वीकार की थी. इन तथ्यों के आधार पर कोर्ट ने दोनों को सुखीदास की वैध पत्नी मानने से इनकार कर दिया. कोर्ट ने कहा कि तीनों बच्चे सुखीदास की संतान हैं, इसलिए उनकी वैवाहिक स्थिति का विवाद बच्चों के संपत्ति अधिकार को प्रभावित नहीं करेगा.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-