अनजान नंबर से कॉल आने पर स्क्रीन पर 1 नवंबर से चमकेगा कॉलर का नाम, बिना किसी ऐप के दिखेगी पहचान

अनजान नंबर से कॉल आने पर स्क्रीन पर 1 नवंबर से चमकेगा कॉलर का नाम, बिना किसी ऐप के दिखेगी पहचान

प्रेषित समय :14:18:35 PM / Thu, Oct 15th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

नई दिल्ली. मोबाइल फोन पर अनजान नंबरों से आने वाली अनचाही और फर्जी कॉल्स से परेशान उपभोक्ताओं के लिए दूरसंचार विभाग ने एक बड़ा और क्रांतिकारी कदम उठाया है. विभाग ने देश की सभी टेलीकॉम कंपनियों को 1 नवंबर 2026 से कॉलिंग नेम प्रेजेंटेशन (सीएनएपी) सेवा अनिवार्य रूप से लागू करने का निर्देश दिया है. 

इस नई व्यवस्था के प्रभावी होते ही फोन पर आने वाली किसी भी इनकमिंग कॉल के दौरान स्क्रीन पर केवल नंबर ही नहीं, बल्कि कॉल करने वाले व्यक्ति का आधिकारिक नाम भी साफ दिखाई देगा. दूरसंचार विभाग ने 13 अक्टूबर को जारी अपने परिपत्र में स्पष्ट किया है कि यह सुविधा देश के सभी सर्विस एरिया में लागू की जाएगी.

स्क्रीन पर दिखेगा सिम कार्ड धारक का असली नाम 

सीएनएपी सेवा के लागू होने के बाद यूजर्स के मोबाइल पर कॉल आने पर दो मुख्य जानकारियां प्रदर्शित होंगी—कॉल करने वाले का मोबाइल नंबर और उसकी कानूनी पहचान से जुड़ा नाम. यदि कॉल करने वाले का नंबर रिसीवर की कॉन्टैक्ट लिस्ट में पहले से सेव है, तो स्क्रीन पर वही नाम दिखेगा जो यूजर ने सेव कर रखा है. वहीं, अगर नंबर सेव नहीं है, तो टेलीकॉम ऑपरेटर के डेटाबेस और सब्सक्राइबर रिकॉर्ड में सिम वेरिफिकेशन के दौरान दर्ज असली नाम स्क्रीन पर आएगा. अंतरराष्ट्रीय नंबरों से आने वाली कॉल्स के मामले में सुरक्षा और सतर्कता के लिहाज से नंबर के साथ स्क्रीन पर इंटरनेशनल कॉल लिखा नजर आएगा.

ग्राहकों को अलग से नहीं करानी होगी सर्विस एक्टिवेट

दूरसंचार विभाग के निर्देशों के अनुसार, आम उपभोक्ताओं को इस सुविधा का लाभ लेने के लिए किसी तरह की अर्जी देने या अतिरिक्त शुल्क देकर इसे एक्टिवेट कराने की जरूरत नहीं होगी. टेलीकॉम कंपनियां यह सर्विस डिफॉल्ट रूप से अपने नेटवर्क पर उपलब्ध कराएंगी. शुरुआती चरण में इस तकनीक को 4जी और उससे आधुनिक वायरलेस नेटवर्क्स (जैसे 5 जी) पर अनिवार्य रूप से लागू किया जा रहा है. पुराने 2 जी, 3 जी नेटवर्क और पारंपरिक लैंडलाइन कनेक्शनों पर इस व्यवस्था को किस तरह लागू किया जाए, इस पर विभाग बाद में अलग से विचार करेगा.

स्पैम और साइबर फ्रॉड पर कसेगा शिकंजा

इस नई व्यवस्था का प्राथमिक उद्देश्य अनजान कॉलर्स की पहचान उजागर कर उपभोक्ताओं को फ्रॉड, फिशिंग और स्पैम कॉल्स से बचाना है ताकि वे कॉल उठाने से पहले सतर्क फैसला ले सकें. हालांकि, जिन उपभोक्ताओं ने तय कानूनी नियमों के तहत कॉलिंग लाइन आइडेंटिफिकेशन रिस्ट्रिक्शन (सीएलआईआर) की सुविधा ले रखी है, उनका नाम स्क्रीन पर नहीं दिखाया जाएगा. वहीं, कॉरपोरेट और बल्क कनेक्शन का उपयोग करने वाली व्यावसायिक कंपनियों या संस्थानों को यह छूट दी जाएगी कि वे उचित सत्यापन के बाद अपने रजिस्टर्ड ट्रेडमार्क या जीएसटी पोर्टल पर दर्ज व्यापारिक नाम को कॉलर स्क्रीन पर प्रदर्शित करवा सकें. कंपनियों को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि यदि किसी उपभोक्ता का नाम गलत प्रदर्शित होता है, तो उसकी शिकायत का समयबद्ध समाधान किया जाए.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-