1 नवंबर से बदलेगी सफाई व्यवस्था, 35 निविदाकारों की प्रतिस्पर्धा के बाद 15 एजेंसियां सूचीबद्ध; दो चौराहों के नाम भी बदलेंगे

1 नवंबर से बदलेगी सफाई व्यवस्था, 35 निविदाकारों की प्रतिस्पर्धा के बाद 15 एजेंसियां सूचीबद्ध; दो चौराहों के नाम भी बदलेंगे

प्रेषित समय :20:03:07 PM / Sat, Oct 17th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

नगर प्रतिनिधि, जबलपुर. शहर की सफाई व्यवस्था में बदलाव, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए एजेंसियों का चयन, प्रमुख चौराहों के नामकरण और त्योहारी सीजन में पटाखा कारोबारियों को राहत देने से जुड़े प्रस्तावों पर नगर निगम की मेयर इन काउंसिल (एमआईसी) की बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए. महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू की अध्यक्षता में हुई बैठक में बताया गया कि शहर के संभाग क्रमांक 1 से 16 तक सफाई और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के कार्यों के लिए आमंत्रित ऑनलाइन निविदा में 35 निविदाकारों ने भाग लिया. तकनीकी परीक्षण के बाद 17 निविदाकार पात्र पाए गए, जबकि 18 को अपात्र घोषित किया गया. वित्तीय प्रस्तावों और निर्धारित सर्विस चार्ज की शर्तों के परीक्षण के बाद 15 एजेंसियों को सूचीबद्ध करने की प्रक्रिया को मंजूरी दी गई.

नगर निगम के अनुसार, नई सफाई व्यवस्था आगामी 1 नवंबर से लागू करने की तैयारी है. इसके लिए संभागवार समितियों के माध्यम से कार्यों का वितरण और निगरानी की व्यवस्था की जाएगी. बैठक में सिविल लाइंस स्थित इलाहाबाद चौक का नाम बदलकर विकसित भारत संकल्प सेवा चौक और कैरव्स चौक का नाम ईश्वरदास रोहाणी चौक करने के प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई. इसके अलावा लीज प्रकरणों के निराकरण और पटाखा कारोबारियों को सुविधा देने से संबंधित प्रस्तावों पर भी चर्चा कर निर्णय लिए गए.

सफाई व्यवस्था के लिए 35 निविदाकारों ने दिखाई रुचि

महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू ने बताया कि शहर की सफाई व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए नगर निगम ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और सफाई कार्यों के लिए ऑनलाइन निविदाएं आमंत्रित की थीं. इस प्रक्रिया में कुल 35 निविदाकारों ने अपनी बोलियां प्रस्तुत कीं. नगर निगम ने इसे सफाई व्यवस्था से जुड़े कार्यों में प्रतिस्पर्धा और एजेंसियों की रुचि के लिहाज से महत्वपूर्ण बताया.

निविदा प्रक्रिया में तकनीकी दस्तावेजों की जांच और प्राप्त आपत्तियों तथा स्पष्टीकरणों के विश्लेषण के बाद 17 निविदाकार तकनीकी रूप से पात्र पाए गए. शेष 18 निविदाकार निर्धारित शर्तों के परीक्षण में अपात्र रहे. इसके बाद पात्र निविदाकारों के वित्तीय प्रस्ताव 5 अक्टूबर 2026 को ऑनलाइन खोले गए.

नगर निगम के सामने चुनौती ऐसी एजेंसियों को सूचीबद्ध करने की थी, जो निर्धारित नियमों और वित्तीय शर्तों के अनुरूप काम कर सकें. इस प्रक्रिया में सर्विस चार्ज की न्यूनतम सीमा को लेकर भी परीक्षण किया गया.

सर्विस चार्ज की शर्त पर दो निविदाएं अमान्य

नगर निगम की ओर से बैठक में दी गई जानकारी के अनुसार, मूल निविदा प्रपत्र में न्यूनतम 5 प्रतिशत सर्विस चार्ज का प्रावधान था. प्री-बिड बैठक के बाद जारी शुद्धिपत्र और प्री-बिड रिस्पॉन्स में मध्य प्रदेश शासन के वित्त विभाग के दिशा-निर्देशों तथा परिचालन व्यय को ध्यान में रखते हुए न्यूनतम सर्विस चार्ज की संशोधित दर 10 प्रतिशत निर्धारित की गई.

वित्तीय निविदाओं की जांच में दो निविदाकारों ने 10 प्रतिशत से कम सर्विस चार्ज की दर प्रस्तुत की. इनमें सेंगर सिक्योरिटी एंड सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड और कामथेन सिक्योरिटी सर्विस के नाम शामिल बताए गए. संशोधित शर्तों के अनुसार, 10 प्रतिशत से कम दर वाली निविदाएं अमान्य या अस्वीकृत किए जाने योग्य थीं.

यह शर्त निविदा मूल्यांकन का महत्वपूर्ण हिस्सा रही. हालांकि, सर्विस चार्ज की दर के आधार पर निविदाओं की पात्रता और एजेंसियों के सूचीबद्ध होने की प्रक्रिया को समझने के लिए संशोधित निविदा दस्तावेज तथा अंतिम स्वीकृति आदेश का विवरण महत्वपूर्ण होगा.

15 एजेंसियां सूचीबद्ध, संभागवार बांटे जाएंगे कार्य

नगर निगम की जानकारी के अनुसार, सफाई और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन से जुड़े कार्यों के लिए 15 एजेंसियों को सूचीबद्ध किया गया है. इनमें आर. प्रियांशी कंस्ट्रक्शन एंड फैसिलिटी, मां नर्मदा साईं सेवा समिति, महाराष्ट्र विकास ग्रुप कंपनी, एच.एस. सर्विस प्रोवाइडर, थर्डआई सिक्योरिटी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड, सक्षम फैसिलिटी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड, किंग सिक्योरिटी गार्ड्स सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड और रक्षक सिक्योरिटास प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं.

इसके अलावा क्रिएन्टम सिक्योरिटी सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड, बिलीव सॉल्यूशन सर्विसेज, ब्रम्हन्हे मल्टीसर्विस प्राइवेट लिमिटेड, श्री बर्फानी सिक्योरिटी सर्विस, मां नर्मदा सफाई संरक्षक कामगार एंड लेबर कॉन्ट्रैक्ट कोऑपरेटिव सोसायटी, टैक्सी जंक्शन और अल्ट्रा क्लीन एंड केयर सर्विसेज के नाम भी सूची में शामिल बताए गए हैं.

एजेंसियों को सूचीबद्ध करने के बाद अगला महत्वपूर्ण चरण कार्यों का वितरण और निगरानी होगा. नगर निगम ने संभागवार समितियों के माध्यम से जिम्मेदारियां निर्धारित करने की बात कही है. इससे सफाई कार्यों के संचालन और मैदानी स्तर पर निगरानी की व्यवस्था को व्यवस्थित करने की योजना है.

1 नवंबर से लागू होगी नई सफाई व्यवस्था

एमआईसी के निर्णय के अनुसार, आगामी 1 नवंबर से शहर में नई सफाई व्यवस्था लागू करने की तैयारी है. नगर निगम का उद्देश्य वार्डों और गलियों में सफाई तथा कचरा संग्रहण की व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाना है.

नई व्यवस्था में संभागवार कार्यों के वितरण के साथ निगरानी की जिम्मेदारी भी महत्वपूर्ण होगी. शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में सफाई कार्य समय पर हो, कचरे का संग्रहण व्यवस्थित रहे और शिकायतों पर कार्रवाई की जा सके, इसके लिए संबंधित एजेंसियों तथा निगम अधिकारियों के बीच समन्वय आवश्यक होगा.

हालांकि, व्यवस्था में बदलाव का वास्तविक असर उसके क्रियान्वयन के बाद ही स्पष्ट होगा. एजेंसियों की जवाबदेही, निर्धारित कार्यों का नियमित निरीक्षण और शिकायतों का समय पर निराकरण यह तय करेंगे कि नागरिकों को सफाई व्यवस्था में कितना सुधार महसूस होता है.

इलाहाबाद चौक बनेगा विकसित भारत संकल्प सेवा चौक

एमआईसी की बैठक में शहर के प्रमुख चौराहों के नाम बदलने के प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई. सिविल लाइंस स्थित इलाहाबाद चौक का नाम अब विकसित भारत संकल्प सेवा चौक होगा. नगर निगम ने इस नामकरण को विकसित भारत की संकल्पना और जनसेवा की भावना से जोड़कर प्रस्तुत किया है.

चौराहों के नामकरण से संबंधित निर्णय शहर की पहचान और सार्वजनिक स्थलों के नामों में बदलाव का हिस्सा हैं. इन प्रस्तावों को मंजूरी मिलने के बाद संबंधित औपचारिकताओं और आवश्यक अभिलेखीय बदलावों की प्रक्रिया भी महत्वपूर्ण होगी.

कैरव्स चौक अब कहलाएगा ईश्वरदास रोहाणी चौक

बैठक में कैरव्स चौक का नाम बदलकर ईश्वरदास रोहाणी चौक करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई. इस निर्णय के बाद शहर के दो प्रमुख चौराहों की पहचान नए नामों से होगी.

नाम परिवर्तन के साथ संबंधित स्थानों पर संकेतक बोर्ड, नगर निगम के रिकॉर्ड और अन्य आवश्यक दस्तावेजों में संशोधन की जरूरत पड़ सकती है. इन बदलावों का क्रियान्वयन संबंधित प्रशासनिक प्रक्रिया के अनुसार किया जाएगा.

पटाखा कारोबारियों को राहत, लीज प्रकरणों पर भी निर्णय

त्योहारी सीजन को देखते हुए एमआईसी ने पटाखा कारोबारियों के हित से जुड़े एक प्रस्ताव को भी मंजूरी दी. नगर निगम के अनुसार, इसका उद्देश्य कारोबारियों को स्थान आवंटन और अन्य औपचारिकताओं में सुविधा उपलब्ध कराना है.

पटाखा कारोबारियों के लिए यह विषय इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि त्योहारों के दौरान व्यापारिक गतिविधियों के संचालन में स्थान और आवश्यक अनुमतियों की भूमिका रहती है. हालांकि, राहत का वास्तविक स्वरूप, पात्र कारोबारियों की श्रेणी और लागू शर्तों का विवरण संबंधित आदेश से स्पष्ट होगा.

बैठक में लीज प्रकरणों के निराकरण से जुड़े प्रस्तावों पर भी निर्णय लिए गए. इन मामलों में संबंधित अभिलेखों और निर्धारित नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी.

बैठक में एमआईसी सदस्य डॉ. सुभाष तिवारी, विवेक राम सोनकर, दामोदर सोनी और अंशुल राघवेन्द्र यादव सहित निगमायुक्त रामप्रकाश अहिरवार, अपर आयुक्त देवेंद्र सिंह चौहान, अशफाक परवेज कुरैशी सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे.

बैठक में लिए गए निर्णयों में सफाई व्यवस्था का बदलाव सबसे प्रमुख रहा, क्योंकि इसका सीधा संबंध शहर के सभी वार्डों और नागरिकों की दैनिक जरूरतों से है. वहीं, चौराहों के नामकरण, लीज प्रकरणों और पटाखा कारोबारियों को राहत देने वाले प्रस्तावों का असर अलग-अलग वर्गों पर पड़ेगा.

अब इन फैसलों का अगला चरण उनके प्रभावी क्रियान्वयन का होगा. विशेष रूप से 1 नवंबर से शुरू होने वाली सफाई व्यवस्था की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि एजेंसियों को कार्यों का वितरण कितनी स्पष्टता से किया जाता है और नगर निगम निगरानी तथा जवाबदेही की व्यवस्था को कितना प्रभावी बनाता है.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-