जबलपुर में बीच त्योहार दूध के दाम फिर बढ़ा, अब इतने का मिल रहा, खाद्य विभाग प्रशासन पूरी तरह मौन

जबलपुर में बीच त्योहार दूध के दाम फिर बढ़ा, अब इतने का मिल रहा, खाद्य विभाग प्रशासन पूरी तरह मौन

प्रेषित समय :15:22:52 PM / Sat, Oct 17th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

जबलपुर. संस्कारधानी शहर में बीच त्योहार नवरात्रि पर निजी डेयरी संचालकों और घर-घर दूध सप्लाई करने वाले दूधियों ने अचानक 2 से 5 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी कर दी है. इस ताजा वृद्धि के बाद अब खुले दूध का न्यूनतम भाव 80 रुपए प्रति लीटर तय हो गया है. खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग और जिला प्रशासन की खामोशी के चलते कारोबारियों की मनमानी पर कोई लगाम नहीं लग पा रही है.

शहर में सांची के अलावा बड़ी मात्रा में खुले दूध की खपत होती है. इस मूल्य वृद्धि का सीधा असर आम परिवारों के बजट, बच्चों, बुजुर्गों और गंभीर मरीजों की दैनिक जरूरतों पर पड़ा है. जब उपभोक्ताओं ने बढ़ी दरों पर सवाल उठाए तो विक्रेताओं ने साफ कह दिया कि रेट आज से ही बढ़ चुके हैं और सस्ते दूध की दशा में गुणवत्ता की कोई गारंटी नहीं रहेगी.

अचानक बढ़ोतरी से लोगों का बजट बिगड़ा

शहर के मध्यमवर्गीय और कमजोर आय वर्ग के लोग इस अप्रत्याशित मूल्य वृद्धि से हैरान हैं. घरों तक दूध पहुंचाने वाले हॉकर्स ने बिना पूर्व सूचना दिए नई दरें लागू कर दी हैं. उपभोक्ताओं के पास विरोध जताने का कोई रास्ता नहीं बचा है, क्योंकि संगठित न होने के कारण उनकी आवाज कहीं नहीं सुनी जा रही. सांची जैसे पैकेटबंद दूध के विकल्प मौजूद होने के बाद भी आबादी का एक बड़ा हिस्सा रोजमर्रा के लिए स्थानीय डेयरियों पर निर्भर है.

उत्पादन बढऩे के मौसम में भी दाम बढ़े

करीब 6 माह पूर्व गर्मी के दिनों में चारा और दाना महंगा होने का तर्क देकर 2 से 4 रुपए बढ़ाए गए थे. नियमानुसार ठंड का मौसम शुरू होते ही मवेशियों का दूध उत्पादन स्वाभाविक रूप से बढ़ जाता है. आवक बेहतर होने पर कीमतें स्थिर या कम होनी चाहिए, लेकिन स्थानीय कारोबारियों ने उल्टी चाल चलते हुए ठीक इसी समय दाम बढ़ा दिए. इससे पहले जनवरी 2025 में दूध 58 से 60 रुपए प्रति लीटर बिक रहा था. इसके बाद चरणबद्ध तरीके से रेट 65, 68, 72, 74, 78 और अब 80 से 82 रुपए तक पहुंच गए हैं.

जांच न होने से मनमानी और मिलावट का जोर

उपभोक्ताओं में पानी की मिलावट को लेकर भी गहरी नाराजगी है. शहरवासियों का आरोप है कि चुनाव के समय बड़े दावे करने वाले जनप्रतिनिधि अब जनता की जेब कटने पर चुप्पी साधे बैठे हैं. खाद्य सुरक्षा अधिकारी जमीनी कार्रवाई और सैंपलिंग से बच रहे हैं. नागरिकों ने कलेक्टर से सीधी गुहार लगाई है कि दूध के दाम तुरंत नियंत्रित किए जाएं और बिना अनुमति दरें बढ़ाने वाली डेयरियों पर वैधानिक कार्रवाई हो. दूध महंगा होने से दही, पनीर और मिठाई के साथ-साथ आम होटलों में चाय की कीमतें भी बढऩा तय है, जहां पहले 5 रुपए में मिलने वाली चाय अब 10 रुपए में मिल रही है.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-