नगर प्रतिनिधि , जबलपुर. नवरात्र के गरबा उत्सव के बीच जबलपुर के धन्वन्तरि नगर स्थित जसूजा सिटी में पहचान पत्रों की जांच को लेकर विवाद खड़ा हो गया. कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे हिंदू संगठन के पदाधिकारियों और आयोजकों के निजी सुरक्षाकर्मियों के बीच शुरू हुई बहस देखते ही देखते झूमाझटकी तक पहुंच गई. इसके बाद मामला आयोजन परिसर से बाहर मुख्य सड़क तक पहुंच गया और कार्यकर्ताओं ने चक्काजाम कर दिया. इससे मार्ग पर वाहनों की कतारें लग गईं. स्थिति को संभालने के लिए पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर पहुंचना पड़ा.
पहचान जांच को लेकर आमने-सामने आए दोनों पक्ष
जानकारी के अनुसार, गरबा कार्यक्रम में शामिल होने पहुंच रहे प्रतिभागियों के पहचान पत्रों की जांच करने के लिए हिंदू संगठन के पदाधिकारी आयोजन स्थल पर पहुंचे थे. इस दौरान आयोजकों के निजी सुरक्षा कर्मियों ने उनकी कार्रवाई पर आपत्ति जताई. इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच बहस शुरू हो गई.
मौके पर पुलिस बल मौजूद होने के बावजूद विवाद बढ़ गया. देखते ही देखते बहस झूमाझटकी में बदल गई. संगठन की महिला पदाधिकारियों ने महिला बाउंसरों पर धक्का देने और हाथापाई करने के आरोप लगाए हैं. हालांकि, घटना के सभी पहलुओं और दोनों पक्षों की भूमिका की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी.
हंगामे के बाद सड़क पर उतरे कार्यकर्ता
कार्यक्रम स्थल पर हुए विवाद की जानकारी फैलने के बाद अन्य कार्यकर्ता भी मौके पर पहुंचने लगे. इससे तनाव बढ़ गया. नाराज कार्यकर्ताओं ने जसूजा सिटी के बाहर मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर दिया. सड़क पर वाहनों की आवाजाही रुकने से राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा.
गरबा उत्सव के दौरान हुए इस घटनाक्रम ने आयोजन स्थल की सुरक्षा व्यवस्था और पहचान जांच की प्रक्रिया को लेकर सवाल खड़े कर दिए. हालांकि, विवाद के वास्तविक कारणों और जिम्मेदारी तय करने के लिए घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच जरूरी है.
अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद खुला जाम
माहौल बिगड़ने की सूचना मिलने पर वरिष्ठ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे. अधिकारियों ने नाराज कार्यकर्ताओं से बातचीत की और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा सुरक्षाकर्मियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया. इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने चक्काजाम समाप्त कर दिया और यातायात बहाल हुआ.
आयोजन की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
जसूजा सिटी की घटना ने सार्वजनिक आयोजनों में पहचान जांच, निजी सुरक्षा कर्मियों की भूमिका और विवाद की स्थिति में पुलिस के समन्वय जैसे मुद्दों को सामने ला दिया है. फिलहाल, दोनों पक्षों के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और किसी संभावित कानूनी कार्रवाई की विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है. जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि विवाद कैसे शुरू हुआ और झूमाझटकी के लिए कौन जिम्मेदार था.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

