जबलपुर में गोविंदगंज रामलीला समिति का 162वां ऐतिहासिक दशहरा चल समारोह, भव्यता और अनुशासन का अनूठा संगम

जबलपुर में गोविंदगंज रामलीला समिति का 162वां ऐतिहासिक दशहरा चल समारोह,  भव्यता और अनुशासन का अनूठा संगम

प्रेषित समय :18:46:34 PM / Mon, Oct 19th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

जबलपुर। प्रभु श्रीराम की मर्यादा, संस्कृति और अनुशासन पर आधारित इस वर्ष के ऐतिहासिक दशहरा महोत्सव की रूपरेखा श्री गोविंदगंज रामलीला समिति द्वारा तैयार कर ली गई है। समिति का यह 162वां वर्ष है, जो शहरवासियों के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र रहेगा। इस आयोजन में धर्म, राजनीति और समाज के सामयिक विषयों का जीवंत चित्रण देखने को मिलेगा, जिससे समाज में जनचेतना का प्रसार होगा।
                         आयोजन की रूपरेखा तय करने के लिए श्री गोविंदगंज रामलीला समिति के तत्वावधान में एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। इसमें समिति के अध्यक्ष अनिल तिवारी, व्यास पंडित वासुदेव शास्त्री, संरक्षक रवि गुप्ता, राकेश डीपी पाठक, महंत मोहन महाराज, रवीन्द्र मघरिया, विजय सरावगी, राजकुमार गुप्ता, राकेश पाठक, अरुण दुबे, गुड्डा रैकवार, राजेश पाठक, कमल किशोर तिवारी, पवन पांडे और महामंत्री मनीष पाठक उपस्थित रहे। साथ ही मंगू गोयल, अजय तिवारी, किशन अग्रवाल, दीपक अग्रवाल, चप्पू गुप्ता, मुकेश पाठक, पप्पू अग्रवाल और गुलहला सहित अन्य गणमान्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे। इन सभी की उपस्थिति में चल समारोह के सफल संचालन और मार्ग की रूपरेखा को अंतिम रूप दिया गया।
राष्ट्रीय स्वाभिमान और लोक कल्याण का संदेश देंगी जीवंत झांकियां-
इस भव्य चल समारोह में शामिल होने वाली विशेष प्रस्तुतियां देशप्रेम, सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन और लोक कल्याण का गहरा बोध कराएंगी। कलाकारों के कठिन परिश्रम से सजी इस यात्रा में कई आकर्षक दृश्य देखने को मिलेंगे।
प्रभु श्रीराम और रावण के भीषण संग्राम के सजीव दृश्य-
कुंभकर्ण, मेघनाद और लंकापति रावण के भीमकाय व आकर्षक पुतले-
धार्मिक और सांस्कृतिक प्रसंगों पर आधारित कई अन्य मनमोहक झांकियां-
समिति के सभी पदाधिकारी शहर के इस गौरवशाली मंच के जरिए मर्यादा, संस्कृति और जनचेतना के प्रसार में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं-
यात्रा का मार्ग और रावण वध का मुख्य आकर्षण-
भव्य चल समारोह 20 अक्टूबर की शाम 4 बजे छोटा फुहारा से आरंभ होगा। इसके बाद यह कारवां शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए गुजरेगा, जिसमें छोटा फुहारा से प्रस्थान, दमोहनाका, बल्देवबाग, रानीताल, पुराना जीएस कॉलेज, गौमाता चौक,  एमएलबी स्कूल परिसर, बस स्टैंड होते हुए विभिन्न मार्गो विभिन्न मार्गों से गुजरने के बाद यह चल समारोह वापस छोटा फुहारा पहुंचेगा। यहीं पर प्रभु श्रीराम द्वारा अहंकार के प्रतीक रावण का संहार किया जाएगा। इसके पश्चात रामलीला मंचन में रावण वध की अमर कथा का भव्य और सजीव प्रदर्शन किया जाएगा।
धर्मप्रेमियों से उपस्थिति की अपील-
श्री गोविंदगंज रामलीला समिति ने जबलपुर शहर सहित आसपास के समस्त ग्रामीण अंचलों के धर्मप्रेमी नागरिकों, माताओं, युवाओं और बच्चों से अपील की है कि वे इस विशाल, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक उत्सव में अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर इस गौरवशाली परंपरा के साक्षी बनें।
 

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-