छत्तीसगढ़ के सिरपुर को मिली अंतरराष्ट्रीय पहचान, UNESCO की वर्ल्ड हेरिटेज टेंटेटिव लिस्ट में जगह

छत्तीसगढ़ के सिरपुर को मिली अंतरराष्ट्रीय पहचान, UNESCO की वर्ल्ड हेरिटेज टेंटेटिव लिस्ट में जगह

प्रेषित समय :15:38:28 PM / Tue, Oct 20th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

महासमुंद. छत्तीसगढ़ की प्राचीन ऐतिहासिक नगरी सिरपुर ने वैश्विक पहचान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है. यूनेस्को (UNESCO) की विश्व विरासत की अस्थायी सूची में सिरपुर को शामिल किए जाने से इस ऐतिहासिक स्थल को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलने की उम्मीद बढ़ गई है. यह उपलब्धि प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और प्राचीन स्थापत्य कला के महत्व को रेखांकित करती है.

लक्ष्मण मंदिर समेत कई धरोहरों का उल्लेख

सिरपुर अपनी प्राचीन सभ्यता, धार्मिक स्थलों और पुरातात्विक अवशेषों के लिए प्रसिद्ध है. यहां स्थित लक्ष्मण मंदिर, बाजार परिसर, तीवर देव विहार और राम मंदिर जैसे ऐतिहासिक स्थल इस क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं. इन धरोहरों में प्राचीन स्थापत्य शैली और उस दौर की सामाजिक एवं धार्मिक परंपराओं की झलक देखने को मिलती है.

स्थायी विश्व विरासत का दर्जा पाने की दिशा में कदम

यूनेस्को की अस्थायी सूची में शामिल होना किसी स्थल को विश्व विरासत का स्थायी दर्जा दिलाने की प्रक्रिया का शुरुआती चरण है. इसके बाद निर्धारित मानकों के आधार पर नामांकन और मूल्यांकन की प्रक्रिया पूरी करनी होती है. ऐसे में सिरपुर को स्थायी विश्व विरासत स्थल का दर्जा मिलने की संभावनाओं को लेकर उम्मीदें बढ़ी हैं, हालांकि अंतिम मान्यता के लिए आगे की प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी.

पर्यटन और संरक्षण को मिल सकती है नई गति

सिरपुर को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलने से यहां पर्यटन को बढ़ावा मिलने की संभावना है. देश-विदेश के पर्यटकों, इतिहासकारों और पुरातत्वविदों की दिलचस्पी बढ़ने से स्थानीय पर्यटन गतिविधियों को भी लाभ मिल सकता है. इसके साथ ही प्राचीन स्मारकों के संरक्षण, बुनियादी सुविधाओं के विकास और ऐतिहासिक स्थलों के बेहतर रखरखाव पर ध्यान बढ़ने की उम्मीद है.

छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत के लिए अहम उपलब्धि

महानदी के तट के निकट स्थित सिरपुर छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक पहचान का प्रमुख केंद्र है. यहां के मंदिर, बौद्ध विहार और पुरातात्विक अवशेष इस क्षेत्र के गौरवशाली अतीत की कहानी कहते हैं. यूनेस्को की अस्थायी सूची में स्थान मिलना सिरपुर की विरासत को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-