ड्राइविंग लाइसेंस बनवाना होगा मुश्किल! ऑनलाइन परीक्षा में 75% अंक का प्रस्ताव, जानें क्या बदलेंगे नियम

ड्राइविंग लाइसेंस बनवाना होगा मुश्किल! ऑनलाइन परीक्षा में 75% अंक का प्रस्ताव, जानें क्या बदलेंगे नियम

प्रेषित समय :19:19:32 PM / Thu, Oct 22nd, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

नई दिल्ली. ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की तैयारी कर रहे लोगों के लिए अहम खबर है. सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने केंद्रीय मोटर वाहन नियमों में संशोधन का मसौदा जारी किया है. इसमें सुरक्षित ड्राइविंग से संबंधित ऑनलाइन पाठ्यक्रम की परीक्षा में उत्तीर्ण होने के लिए न्यूनतम अंक बढ़ाने के साथ-साथ लाइसेंस से जुड़ी ऑनलाइन सेवाओं, दस्तावेजों, शुल्क और कार्ड के प्रारूप में बदलाव के प्रस्ताव शामिल हैं.ड्राइविंग लाइसेंस की ऑनलाइन परीक्षा में न्यूनतम उत्तीर्ण अंक 60 प्रतिशत से बढ़ाकर 75 प्रतिशत करने का प्रस्ताव फिलहाल मसौदा स्तर पर है. सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने इस पर संबंधित पक्षों से 30 दिन के भीतर सुझाव और आपत्तियां मांगी हैं. अभी 75 प्रतिशत अंक अनिवार्य नहीं हुए हैं. इसे लागू मानने से पहले मंत्रालय की अंतिम अधिसूचना का इंतजार करना होगा.

मसौदे के अनुसार, सुरक्षित ड्राइविंग से संबंधित ऑनलाइन पाठ्यक्रम लगभग 30 मिनट का होगा. इसमें परीक्षा पास करने के लिए न्यूनतम अंक 60 प्रतिशत से बढ़ाकर 75 प्रतिशत करने का प्रस्ताव रखा गया है.

यदि यह प्रस्ताव मंजूर होकर लागू होता है, तो आवेदकों को परीक्षा में उत्तीर्ण होने के लिए पहले की तुलना में अधिक अंक हासिल करने होंगे. इससे यातायात नियमों और सुरक्षित वाहन संचालन से संबंधित जानकारी की परीक्षा में अधिक प्रभावी जांच हो सकेगी.

हालांकि, फिलहाल यह बदलाव प्रस्तावित है. आवेदकों को मौजूदा नियमों और नई अधिसूचना की स्थिति की पुष्टि करने के बाद ही परीक्षा संबंधी तैयारी करनी चाहिए.

आधार से सत्यापित ऑनलाइन सेवाओं पर मिल सकती है छूट

मसौदे में आधार के माध्यम से सत्यापित ऑनलाइन सेवाओं के तहत ड्राइविंग लाइसेंस से संबंधित कुछ चुनिंदा सेवाओं के शुल्क में छूट देने का भी प्रस्ताव है. इसका उद्देश्य ऑनलाइन सेवाओं को सुविधाजनक बनाना और आवेदकों को राहत देना है.

हालांकि, किन सेवाओं पर छूट मिलेगी और उसकी सीमा क्या होगी, यह अंतिम नियमों में स्पष्ट होगा.

नाम और पता बदलने का शुल्क समाप्त करने की तैयारी

ड्राइविंग लाइसेंस में नाम या पता बदलवाने वाले लोगों के लिए भी राहत का प्रस्ताव है. मसौदे में इन बदलावों के लिए लगने वाला शुल्क समाप्त करने की बात कही गई है.

इसके अतिरिक्त, लाइसेंस में दर्ज विवरण में संशोधन के लिए दिए गए आवेदनों पर 15 दिन के भीतर निर्णय लेने का प्रस्ताव है. यदि किसी आवेदन को अस्वीकार किया जाता है, तो उसके कारण भी बताने होंगे. इससे आवेदकों को प्रक्रिया की स्थिति समझने में आसानी हो सकती है.

पहचान और पते के प्रमाण के लिए कई दस्तावेज

प्रस्तावित नियमों के तहत पहचान, आयु और निवास के प्रमाण के रूप में आधार कार्ड, पासपोर्ट, मतदाता पहचान पत्र, इलेक्ट्रॉनिक राशन कार्ड और जन्म प्रमाणपत्र जैसे दस्तावेज स्वीकार किए जा सकेंगे.

इससे आवेदकों को आवश्यक प्रमाण प्रस्तुत करने के लिए अधिक विकल्प मिल सकते हैं. हालांकि, अलग-अलग सेवाओं के लिए आवश्यक दस्तावेज संबंधित नियमों के अनुसार तय होंगे.

नए और नवीनीकृत लाइसेंस कार्ड का प्रारूप

मसौदे में नए जारी होने वाले और नवीनीकृत किए जाने वाले प्रत्येक ड्राइविंग लाइसेंस को फॉर्म-7 के तहत लैमिनेटेड या पीवीसी कार्ड के रूप में जारी करने का प्रस्ताव भी शामिल है.

30 दिन में मांगे सुझाव और आपत्तियां

मंत्रालय ने प्रस्तावित संशोधनों पर संबंधित पक्षों से 30 दिन के भीतर सुझाव और आपत्तियां आमंत्रित की हैं. प्राप्त सुझावों पर विचार करने के बाद नियमों को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है.

फिलहाल सबसे अहम बात यह है कि ऑनलाइन परीक्षा में 75 प्रतिशत अंक लाने की अनिवार्यता अभी लागू नहीं हुई है. यह मसौदे में शामिल प्रस्ताव है. अंतिम नियम जारी होने के बाद ही इसकी प्रभावी तारीख और अन्य बदलावों की स्थिति स्पष्ट होगी.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-