जबलपुर में साइबर ठगों का आतंक, ओटीपी, फर्जी ऐप से उड़ाए 1.92 लाख, तीन लोग हुए ठगी का शिकार

जबलपुर में साइबर ठगों का आतंक, ओटीपी, फर्जी ऐप से उड़ाए 1.92 लाख, तीन लोग हुए ठगी का शिकार

प्रेषित समय :15:54:46 PM / Fri, Oct 16th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर


जबलपुर। एमपी के जबलपुर में साइबर धोखाधड़ी के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। ठगों ने अलग-अलग तरीकों से तीन लोगों को अपना शिकार बनाते हुए कुल 1 लाख 92 हजार 680 रुपये ऐंठ लिए। गोरखपुर और रांझी पुलिस ने पीडि़तों की शिकायत पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) के तहत अज्ञात आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
आईटी कर्मी के खाते से बिना ओटीपी/मैसेज उड़ गए 45 हजार रुपए-
इंद्रानगर गली नम्बर एक निवासी ज्ञानेन्द्र पटेल (31 वर्ष), जो आईटी पार्क में प्राइवेट जॉब करते हैं, का एसबीआई बैंक शाखा नयागांव में खाता है। 14 अक्टूबर की शाम करीब 6 बजे जब उन्होंने अपना मोबाइल देखा, तो खाते से 45,000 रुपये कटने का मैसेज देखकर हैरान रह गए। किसी अज्ञात ठग ने बिना किसी जानकारी के उनके खाते से यह रकम उड़ा ली। 15 अक्टूबर को थाना गोरखपुर में मामला दर्ज कराया गया।
इंस्टाग्राम शॉपिंग पड़ी भारी-
पुलिस लाइन गोरखपुर निवासी नर्सिंग छात्रा हेमलता धुर्वे (23 वर्ष) ने 7 अक्टूबर को इंस्टाग्राम पर शॉपिंग के दौरान एक पेज से ऑर्डर दिया। इसके बाद अज्ञात व्यक्ति ने व्हाट्सएप पर संपर्क कर खुद को 'अमेजन' का प्रतिनिधि बताया। आरोपी ने ऑर्डर कन्फर्मेशन और कैंसिलेशन के नाम पर डराकर छात्रा से झांसे में लेकर 7 बार में कुल 80,000 रुपये ऐंठ लिए। यह रकम छात्रा के एसबीआई (महानद्दा) और उसकी मां के पीएनबी खाते से ट्रांसफर कराई गई। गोरखपुर पुलिस ने शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
फर्जी बैंक ऐप डाउनलोड करवाते ही मोबाइल हैक-
आदर्श नगर, रांझी निवासी सौरभ सोनी (37 वर्ष) को 12 अक्टूबर की सुबह करीब 11 बजे अज्ञात नंबर से कॉल आया। कॉलर ने खुद को बैंक प्रतिनिधि बताकर एक्सिस बैंक का ऐप डाउनलोड करने को कहा। सौरभ ने जैसे ही ऐप डाउनलोड किया, उनका मोबाइल हैक हो गया और खाते से किस्तों में कुल 67,680 रुपये कट गए। 15 अक्टूबर को थाना रांझी में लिखित शिकायत के बाद पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर लिया है। पुलिस प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अज्ञात नंबर से आए कॉल पर ऐप डाउनलोड न करें, शॉपिंग के लिए फर्जी सोशल मीडिया पेजों से बचें और किसी भी परिस्थिति में अपना ओटीपी या बैंक विवरण साझा न करें।
 

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-