नगर प्रतिनिधि,जबलपुर. मुख्य रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर-1 पर शुक्रवार सुबह यात्रियों के सामने पानी बेचने को लेकर विवाद हिंसक हो गया. संघमित्रा एक्सप्रेस के रुकते ही रेल नीर की बोतल बेचने को लेकर एक अनधिकृत वेंडर और अधिकृत वेंडर के बीच कहासुनी हुई. देखते ही देखते विवाद मारपीट में बदल गया. आरोप है कि अनधिकृत वेंडर ने अधिकृत वेंडर नितिन के चेहरे पर हमला कर दिया, जिससे उसका होंठ कट गया. घायल कर्मचारी को कैंटीन प्रबंधन की मदद से निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां उसके होंठ पर चार टांके लगाए गए.
रेलवे स्टेशन जैसे सार्वजनिक और व्यस्त स्थान पर हुई इस घटना ने यात्रियों की सुरक्षा के साथ प्लेटफार्म पर खान-पान की बिक्री की निगरानी को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं. मामले में जीआरपी के मौके पर पहुंचने के बावजूद आरोपी के खिलाफ तत्काल कार्रवाई नहीं होने की बात भी सामने आई है. हालांकि, घटना के संबंध में पुलिस की आधिकारिक प्रतिक्रिया और आगे की कार्रवाई की पुष्टि होना बाकी है.
ट्रेन रुकते ही पानी बेचने को लेकर शुरू हुआ विवाद
जानकारी के अनुसार, संघमित्रा एक्सप्रेस जब प्लेटफार्म नंबर-1 पर पहुंची, तब एक यात्री ने कोच की खिड़की से पानी मांगा. इसी दौरान कथित तौर पर अनधिकृत वेंडर ने बोतल देने की कोशिश की. पानी बेचने को लेकर दोनों वेंडरों के बीच विवाद शुरू हो गया.
बताया गया है कि अधिकृत वेंडर नितिन ने इस गतिविधि का विरोध किया, जिसके बाद कहासुनी बढ़ गई. आरोप है कि दूसरे वेंडर ने अचानक नितिन के चेहरे पर घूंसा मार दिया. हमले में उसका होंठ गंभीर रूप से कट गया और मौके पर अफरा-तफरी मच गई.
घायल कर्मचारी को अस्पताल ले जाकर लगाए चार टांके
मारपीट में घायल नितिन को तत्काल उपचार की जरूरत पड़ी. कैंटीन प्रबंधन की ओर से उसे निजी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसके होंठ पर चार टांके लगाए. घटना के बाद प्लेटफार्म पर मौजूद कर्मचारियों और यात्रियों के बीच भी चर्चा शुरू हो गई.
ट्रेनों के आगमन और प्रस्थान के दौरान प्लेटफार्म पर बड़ी संख्या में यात्री मौजूद रहते हैं. ऐसे में वेंडरों के बीच विवाद का मारपीट तक पहुंचना यात्रियों के लिए भी चिंता का विषय है. हालांकि, घटना के दौरान किसी यात्री के घायल होने की जानकारी सामने नहीं आई है.
जीआरपी मौके पर पहुंची, कार्रवाई को लेकर सवाल
घटना की सूचना मिलने पर जीआरपी का दस्ता मौके पर पहुंचा. उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, पुलिसकर्मी कुछ समय बाद बिना किसी गिरफ्तारी या पूछताछ की स्पष्ट जानकारी के वापस लौट गए. इससे यह सवाल उठा है कि मामले में शिकायत दर्ज हुई या नहीं और आरोपी की पहचान कर उसके खिलाफ क्या कार्रवाई की गई.
इस संबंध में जीआरपी की आधिकारिक पुष्टि सामने आने पर ही कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी. घायल कर्मचारी या कैंटीन प्रबंधन की ओर से औपचारिक शिकायत दर्ज कराई गई है या नहीं, इसकी भी पुष्टि आवश्यक है.
प्लेटफार्म पर अनधिकृत वेंडिंग की निगरानी जरूरी
रेलवे स्टेशन पर खान-पान की वस्तुएं बेचने के लिए निर्धारित नियमों और अनुमति का पालन जरूरी है. अनधिकृत रूप से बिक्री करने वालों की मौजूदगी से यात्रियों को असुविधा होने के साथ अधिकृत विक्रेताओं के बीच विवाद की आशंका भी बढ़ सकती है.
इस घटना के बाद प्लेटफार्म पर वेंडिंग व्यवस्था की निगरानी, कर्मचारियों की सुरक्षा और शिकायत मिलने पर त्वरित कार्रवाई जैसे मुद्दे महत्वपूर्ण हो गए हैं. अब यह देखना होगा कि रेलवे प्रशासन और जीआरपी मामले में क्या कदम उठाते हैं तथा कथित हमलावर के खिलाफ कोई औपचारिक कार्रवाई होती है या नहीं.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

