हाईकोर्ट से मालती डेहरिया को बड़ी राहत, सिवनी जिला पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की प्रक्रिया पर रोक

हाईकोर्ट से मालती डेहरिया को बड़ी राहत, सिवनी जिला पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की प्रक्रिया पर रोक

प्रेषित समय :19:07:22 PM / Fri, Oct 23rd, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

जबलपुर. मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने सिवनी जिला पंचायत अध्यक्ष मालती डेहरिया के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव के मामले में हस्तक्षेप करते हुए संबंधित प्रक्रिया पर अंतरिम रोक लगा दी है. न्यायमूर्ति एमएस भट्टी की एकलपीठ ने मामले की तात्कालिकता को देखते हुए विशेष अर्जी पर सुनवाई की. अदालत ने प्रशासन से अविश्वास प्रस्ताव से जुड़े मूल दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा है. इस आदेश के बाद जिला पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ प्रस्ताव पर आगे की कार्रवाई न्यायालय के आगामी आदेश तक रुकी रहेगी.

यह मामला सिवनी जिले की पंचायत राजनीति से जुड़ा है, लेकिन इसकी सुनवाई जबलपुर स्थित मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में हुई. जिला प्रशासन की ओर से 22 अक्टूबर 2026 को सुबह 11 बजे अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के लिए विशेष सभा निर्धारित की गई थी. अध्यक्ष मालती डेहरिया ने इस प्रक्रिया की वैधानिकता को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था.

विशेष सुनवाई में उठे प्रक्रिया के पालन पर सवाल

मामले की तात्कालिकता को देखते हुए सोमवार सुबह 10:30 बजे विशेष अर्जी पर सुनवाई की गई. याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता असीम त्रिवेदी और पंकज तिवारी ने पक्ष रखा. याचिका में आरोप लगाया गया कि अविश्वास प्रस्ताव की प्रक्रिया में पंचायती राज व्यवस्था से संबंधित वैधानिक प्रावधानों का उचित पालन नहीं किया गया.

याचिकाकर्ता पक्ष ने निर्धारित समय-सीमा, नोटिस जारी करने की प्रक्रिया और संबंधित औपचारिकताओं को लेकर आपत्तियां उठाईं. इन आधारों पर प्रस्ताव की वैधता पर न्यायिक समीक्षा की मांग की गई.

अविश्वास प्रस्ताव से जुड़े मूल रिकॉर्ड तलब

सुनवाई के दौरान अदालत ने मामले के तथ्यों और प्रक्रिया की जांच के लिए प्रशासन से संबंधित मूल अभिलेख प्रस्तुत करने को कहा. इनमें अविश्वास प्रस्ताव से जुड़े नोटिस, सदस्यों के हस्ताक्षर वाले ज्ञापन, पत्राचार और अब तक की गई प्रशासनिक कार्यवाहियों के दस्तावेज शामिल हैं.

इन रिकॉर्ड के परीक्षण से यह स्पष्ट करने में मदद मिलेगी कि प्रस्ताव लाने और विशेष सभा बुलाने की प्रक्रिया निर्धारित कानूनी नियमों के अनुरूप थी या नहीं. अदालत ने अंतरिम आदेश के जरिए संबंधित प्रक्रिया पर रोक लगाई है. मामले में अंतिम निर्णय होना अभी बाकी है.

22 अक्टूबर की विशेष सभा पर पड़ा असर

जिला प्रशासन की निगरानी में 22 अक्टूबर को प्रस्ताव पर चर्चा के लिए विशेष सभा आयोजित करने की तैयारी थी. हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश के बाद इस कार्यक्रम के तहत आगे की कार्रवाई नहीं की जा सकेगी, जब तक अदालत से अगला निर्देश नहीं मिलता.

इस घटनाक्रम से सिवनी जिला पंचायत में अध्यक्ष के खिलाफ प्रस्ताव को लेकर चल रही राजनीतिक गतिविधियों पर फिलहाल विराम लग गया है. हालांकि, अविश्वास प्रस्ताव का भविष्य अदालत में होने वाली अगली सुनवाई और प्रस्तुत किए जाने वाले दस्तावेजों के परीक्षण पर निर्भर करेगा.

अगली सुनवाई में तय होगी आगे की दिशा

अब अदालत के सामने मुख्य सवाल यह है कि अविश्वास प्रस्ताव की प्रक्रिया में निर्धारित कानूनी औपचारिकताओं का पालन किया गया था या नहीं. मूल अभिलेखों की जांच के बाद ही इस विवाद पर आगे की न्यायिक दिशा स्पष्ट हो सकेगी.

फिलहाल अंतरिम आदेश के कारण प्रस्ताव पर कार्रवाई रुकी हुई है. इसे मालती डेहरिया के पक्ष में अंतिम फैसला नहीं माना जा सकता, क्योंकि हाईकोर्ट ने अभी अविश्वास प्रस्ताव की वैधता पर अंतिम निष्कर्ष नहीं दिया है. अगली सुनवाई में दोनों पक्षों के तर्क और प्रशासनिक रिकॉर्ड मामले की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-