राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 3000 स्वयंसेवकों का पथ संचलन, डॉ. मोहन भागवत के प्रवास से संघ की गतिविधियां तेज

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 3000 स्वयंसेवकों का पथ संचलन, डॉ. मोहन भागवत के प्रवास से संघ की गतिविधियां तेज

प्रेषित समय :17:05:18 PM / Sat, Oct 24th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

जबलपुर. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत के तीन दिवसीय जबलपुर प्रवास के दौरान शनिवार को महाविद्यालयीन स्वयंसेवकों का पथ संचलन निकाला गया. दीनदयाल चौक से दोपहर तीन बजे शुरू हुए इस संचलन में करीब 3000 स्वयंसेवक शामिल हुए. लगभग ढाई किलोमीटर का मार्ग तय करने के बाद संचलन दोपहर साढ़े तीन बजे अहिंसा चौक पर समाप्त हुआ. डॉ. भागवत 24 से 26 अक्टूबर तक जबलपुर में रहेंगे. इस दौरान वे स्वयंसेवकों, महानगर के दायित्ववान कार्यकर्ताओं और महाकोशल प्रांत के पदाधिकारियों के साथ विभिन्न बैठकों और संवाद कार्यक्रमों में शामिल होंगे.

दीनदयाल चौक से निकला पथ संचलन

शनिवार दोपहर तीन बजे दीनदयाल चौक से महाविद्यालयीन स्वयंसेवकों का पथ संचलन प्रारंभ हुआ. इसमें करीब तीन हजार स्वयंसेवकों ने भाग लिया. निर्धारित मार्ग से होते हुए संचलन अहिंसा चौक पहुंचा, जहां दोपहर साढ़े तीन बजे इसका समापन हुआ. आयोजन के दौरान स्वयंसेवकों ने निर्धारित मार्ग पर अनुशासित तरीके से संचलन किया.

यह कार्यक्रम महाकोशल प्रांत के महाविद्यालयीन स्वयंसेवकों के तीन दिवसीय शिविर से जुड़ा हुआ है. शिविर में शामिल युवा स्वयंसेवकों की सहभागिता के बीच शहर में संघ की संगठनात्मक गतिविधियां जारी हैं. सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत का प्रवास भी इसी अवधि में निर्धारित है, जिसके अंतर्गत अलग-अलग स्तर के कार्यकर्ताओं के साथ बैठकें और संवाद आयोजित किए जा रहे हैं.

1200 दायित्ववान कार्यकर्ताओं की बैठक निर्धारित

पथ संचलन के बाद शनिवार शाम 4:30 बजे नरसिंह मंदिर परिसर में महानगर के मुख्य शिक्षक और उनसे ऊपर के दायित्वों पर कार्यरत करीब 1200 कार्यकर्ताओं की बैठक निर्धारित की गई. इसमें सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत कार्यकर्ताओं से संवाद करेंगे. बैठक में संगठनात्मक गतिविधियों, कार्यपद्धति और दायित्वों से जुड़े विषयों पर चर्चा प्रस्तावित है.

संघ के कार्यक्रमों में कार्यकर्ताओं के साथ संवाद को महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है. इस बैठक में महानगर स्तर पर विभिन्न जिम्मेदारियां संभालने वाले कार्यकर्ताओं की भागीदारी रहेगी. डॉ. भागवत उनके साथ संगठन के कार्यों से संबंधित विषयों पर विचार-विमर्श करेंगे और मार्गदर्शन देंगे.

महाविद्यालयीन स्वयंसेवकों का तीन दिवसीय शिविर

महाकोशल प्रांत के महाविद्यालयीन स्वयंसेवकों का तीन दिवसीय शिविर 23 अक्टूबर से श्रीराम इंजीनियरिंग कॉलेज में चल रहा है. इसमें करीब पांच हजार स्वयंसेवकों के शामिल होने की जानकारी दी गई है. शिविर के दौरान युवाओं के लिए विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं. इसका उद्देश्य स्वयंसेवकों को संगठनात्मक कार्यों और गतिविधियों से जोड़ना है.

प्रवास के दूसरे दिन 25 अक्टूबर को डॉ. मोहन भागवत इस शिविर में सहभागी होंगे. इस दौरान वे महाविद्यालयीन स्वयंसेवकों से संवाद करेंगे. युवा स्वयंसेवकों को अपनी जिज्ञासाएं रखने और संगठन से जुड़े विषयों पर चर्चा करने का अवसर मिलेगा. शिविर में बड़ी संख्या में युवाओं की मौजूदगी के कारण यह कार्यक्रम प्रवास के प्रमुख आयोजनों में शामिल है.

26 अक्टूबर को प्रांत के पदाधिकारियों के साथ बैठक

डॉ. भागवत के प्रवास के अंतिम दिन 26 अक्टूबर को महाकोशल प्रांत की कार्यकारिणी और विभाग टोली के कार्यकर्ताओं के साथ बैठक निर्धारित है. इसमें प्रांत स्तर पर संगठनात्मक गतिविधियों और कार्यों से संबंधित विषयों पर विचार-विमर्श किया जाएगा.

तीन दिवसीय प्रवास के दौरान महानगर और प्रांत स्तर के कार्यकर्ताओं के साथ अलग-अलग बैठकें रखी गई हैं. इन कार्यक्रमों के माध्यम से संगठन के विभिन्न दायित्वों से जुड़े कार्यकर्ताओं को संवाद का अवसर मिलेगा. शनिवार को पथ संचलन और महानगर के कार्यकर्ताओं की बैठक, रविवार को महाविद्यालयीन स्वयंसेवकों के शिविर में सहभागिता तथा सोमवार को प्रांत स्तर की बैठक कार्यक्रम का हिस्सा हैं.

भारतीय विज्ञानियों के योगदान पर प्रदर्शनी

श्रीराम इंजीनियरिंग कॉलेज परिसर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के महाकोशल प्रांत की ओर से भारत के महान विज्ञानियों के योगदान पर आधारित प्रदर्शनी भी लगाई गई है. शुक्रवार को इसका शुभारंभ महाकोशल प्रांत के प्रांत संघचालक डॉ. प्रदीप दुबे, मध्य क्षेत्र के सह क्षेत्र बौद्धिक प्रमुख हितानंद शर्मा और अन्य पदाधिकारियों ने किया.

प्रदर्शनी के माध्यम से भारतीय विज्ञानियों के योगदान और विज्ञान के क्षेत्र में उनके कार्यों को सामने लाने का प्रयास किया गया है. शिविर में शामिल होने वाले स्वयंसेवकों को इसके जरिए देश के वैज्ञानिकों और उनकी उपलब्धियों के बारे में जानकारी प्राप्त करने का अवसर मिलेगा. यह प्रदर्शनी शिविर के दौरान आयोजित गतिविधियों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है.

तीन दिवसीय प्रवास पर रहेंगी नजरें

डॉ. मोहन भागवत का जबलपुर प्रवास 24 से 26 अक्टूबर तक निर्धारित है. इस दौरान पथ संचलन, कार्यकर्ताओं की बैठक, युवा स्वयंसेवकों से संवाद और प्रांत स्तर के पदाधिकारियों के साथ विचार-विमर्श जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं. शनिवार को निकले पथ संचलन में करीब तीन हजार स्वयंसेवकों की भागीदारी रही, जबकि महाविद्यालयीन शिविर में लगभग पांच हजार स्वयंसेवकों के शामिल होने की जानकारी दी गई है.

प्रवास के आगामी कार्यक्रमों में 25 अक्टूबर को महाविद्यालयीन स्वयंसेवकों के शिविर में डॉ. भागवत की सहभागिता और 26 अक्टूबर को महाकोशल प्रांत की कार्यकारिणी तथा विभाग टोली के कार्यकर्ताओं की बैठक प्रमुख है. इन कार्यक्रमों के जरिए स्वयंसेवकों और पदाधिकारियों के साथ संवाद तथा संगठनात्मक विषयों पर चर्चा की जाएगी.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-