जबलपुर। एमपी के जबलपुर में कलेक्ट्रेट परिसर के सामने आज कोटवार संघ से जुड़ी लगभग 50 से अधिक महिला-पुरुष कार्यकर्ताओं ने जोरदार सांकेतिक प्रदर्शन किया। संघ ने दोटूक चेतावनी दी है कि यदि 28 अक्टूबर तक उनकी मांगों का सकारात्मक हल नहीं निकाला गया, तो 31 अक्टूबर से प्रदेश की राजधानी भोपाल में अनिश्चितकालीन सत्याग्रह आंदोलन शुरू किया जाएगा।
मध्य प्रदेश आजाद कोटवार कर्मचारी संघ ने अपनी प्रमुख मांगों को लेकर 18 सितंबर को तहसीलदार के माध्यम से शासन को ज्ञापन सौंपा था। जिसमें कहा गया था कि कोटवारों को राज्य सरकार का नियमित और स्थायी कर्मचारी घोषित किया जाए। सेवाभूमि या मालगुजार भूमि पर कोटवारों को कानूनी रूप से भूमिस्वामी अधिकार दिए जाएं। वर्दी की राशि बिचौलियों के बजाय पहले की तरह सीधे कोटवारों के बैंक खातों में भेजी जाए। वर्दी वितरण में हुए कथित भ्रष्टाचार और घोटाले की उच्च स्तरीय जांच एजेंसी से पड़ताल कराकर दोषी ठेकेदारों व अधिकारियों पर सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाए।
प्रदेशभर में 38 हजार कोटवारों का काली पट्टी बांधकर विरोध
राज्य स्तरीय संगठन के आह्वान पर 22 से 28 अक्टूबर तक पूरे मध्य प्रदेश में शांतिपूर्ण सत्याग्रह चलाया जा रहा है। प्रदेशभर के लगभग 38 हजार कोटवार बांह पर काली पट्टी बांधकर अपना शासकीय कार्य निपटा रहे हैं। अकेले जबलपुर जिले में ही करीब 1200 कोटवार कार्यरत हैं, जो इस आंदोलन में पूरी निष्ठा से शामिल हैं। संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि सरकार की उदासीनता के कारण अब तक मांगों का कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है। 28 अक्टूबर को जिला मुख्यालय पर कलेक्टर को अंतिम चेतावनी स्वरूप ज्ञापन सौंपा जाएगा। 31 अक्टूबर तक यदि मांगे पूरी नहीं हुईं, तो प्रदेशभर के हजारों कोटवार भोपाल में डेरा डालेंगे और अनिश्चितकालीन सत्याग्रह शुरू करेंगे। संघ के प्रतिनिधियों ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक उनकी सेवा शर्तों और कानूनी अधिकारों पर सरकार का कोई सकारात्मक और लिखित निर्णय नहीं आ जाता, तब तक यह लड़ाई थमने वाली नहीं है।
जबलपुर में कोटवारों का कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन, 31 अक्टूबर से भोपाल में अनिश्चितकालीन सत्याग्रह का ऐलान
प्रेषित समय :18:01:25 PM / Mon, Oct 26th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर



