चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट के सामने रखा अपना पक्ष, कहा- एसआईआर को लेकर सर्वसम्मति से लिया फैसला

चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट के सामने रखा अपना पक्ष, कहा- एसआईआर को लेकर सर्वसम्मति से लिया फैसला

प्रेषित समय :22:01:08 PM / Mon, Oct 26th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

नई दिल्ली. चुनाव आयोग ने एसआईआर प्रक्रिया को लेकर सुप्रीम कोर्ट के सामने अपना रुख साफ किया है. इस दौरान चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में दाखिल जवाबी हलफनामें में कहा कि SIR से जुड़े सभी तरह के निर्णय सर्वसम्मति से लिए गए थे. चुनाव आयोग ने सफाई दी जवाबी हलफनामें को मुख्य चुनाव आयुक्त और दोनों चुनाव आयुक्तों समेत आयोग के तीनों सदस्यों ने पूरी सहमति के साथ मंजूरी दे दी है. 

आयोग के तहत जून 2025,अक्टूबर 2025 और मई 2026 में जारी किए गए स्ढ्ढक्र से संबंधित तीनों आदेश सभी मंजूरी से लिए था. आयोग ने स्पष्ट किया कि फाइल विचार के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त या चुनाव आयुक्तों  की ओर से ही गई टिप्पणियों, सवालों या सुझावों को आयोग का अंतिम फैसला नहीं माना जा सकता है.

क्या है निर्णय लेने का तरीका

चुनाव आयोग के अनुसार, फाइल पहले एक चुनाव आयुक्त, फिर दूसरे चुनाव आयुक्त और इसके बाद मुख्य चुनाव आयुक्त के पास जाती है. इसके केस में इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से मंजूरी दी जाती है. इसके बाद फाइल पर दर्ज होती है. आयोग ने कहा कि अगर किसी अधिकारी को उसे सौंपे गए अधिकारों से आगे बढ़कर आदेश जारी करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. आयोग के अनुसार, 28 जुलाई का कार्य आवंटन आदेश प्रतिनियुक्ति पर आए एक अतिरिक्त सचिव ने जारी किया था. दोनों चुनाव आयुक्तों ने अगले दिन कैबिनेट सचिव को पत्र भी लिखा था. आयोग के अनुसार, 30 जुलाई को दोनों चुनाव आयुक्तों के संयुक्त निर्देश के बाद उस आदेश को लागू नहीं किया गया. 

SIR पर क्या है चुनाव आयोग का रुख?

आपको बता दें कि चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में एसआईआर का बचाव किया है. आयोग के अनुसार, फॉर्म-6 में किसी तरह का बदलाव नहीं किया गया. आयोग ने ईसीआई-नेट में अनधिकृत बदलाव के का आरोप का विरोध किया. चुनाव आयोग ने सारी याचिकाएं खारिज करने की मांग की. सुप्रीम कोर्ट में चुनाव आयोग ने अपने काउंटर एफिडेविट में एसआईआर प्रक्रिया का बचाव किया. आयोग का तर्क है कि एसआईआर संवैधानिक और वैधानिक प्रावधानों के तहत कराया जा रहा है. मतदाता सूची में नाम शामिल करने के लिए तय प्रक्रिया में किसी तरह कोई अवैध बदलाव नहीं किया गया है.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-