रांझी की मिठाई दुकानों में खाद्य विभाग का छापा, कारखाने में मिली 18 किलो सड़ी सामग्री, तीन दुकानों के 10 नमूने

रांझी की मिठाई दुकानों में खाद्य विभाग का छापा, कारखाने में मिली 18 किलो सड़ी सामग्री, तीन दुकानों के 10 नमूने

प्रेषित समय :23:16:19 PM / Sat, Oct 31st, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

नगर प्रतिनिधि , जबलपुर. त्योहारों के दौरान मिठाइयों की मांग बढ़ने के साथ उनकी गुणवत्ता और शुद्धता को लेकर खाद्य सुरक्षा विभाग ने निगरानी तेज कर दी है. इसी क्रम में कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम ने रांझी क्षेत्र की तीन प्रमुख मिठाई दुकानों का औचक निरीक्षण किया. कार्रवाई के दौरान न्यू बप्पा स्वीट्स के निर्माण कारखाने में तीन किलो सड़ी अदरक और 15 किलो खराब गोभी मिली. अधिकारियों ने कुल 18 किलो खराब सामग्री मौके पर ही नष्ट कराई. वहीं, तीनों प्रतिष्ठानों से मिठाइयों और नमकीन के 10 नमूने लेकर जांच के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू की गई है. कारखाने में अस्वच्छता और अनियमितताएं मिलने पर संबंधित संचालक को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत नोटिस जारी किया गया है.

खाद्य सुरक्षा अधिकारी अमित गुप्ता के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई में न्यू बप्पा स्वीट्स, गांधी स्वीट्स और बीकानेर स्वीट्स को जांच के दायरे में लिया गया. टीम ने दुकानों में बिक्री के लिए रखी खाद्य सामग्री के साथ निर्माण और भंडारण की व्यवस्था का भी निरीक्षण किया. कार्रवाई का उद्देश्य केवल नमूने लेना नहीं, बल्कि यह देखना भी था कि मिठाइयां तैयार करने में स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा के निर्धारित मानकों का पालन किया जा रहा है या नहीं.

कारखाने के स्टोर रूम में मिली खराब सामग्री

निरीक्षण के दौरान न्यू बप्पा स्वीट्स के निर्माण कारखाने के स्टोर रूम में तीन किलो सड़ी हुई अदरक और 15 किलो खराब गोभी रखी मिली. खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने इसे उपयोग के योग्य नहीं माना और मौके पर ही नष्ट करा दिया. कारखाने में साफ-सफाई की स्थिति भी संतोषजनक नहीं पाई गई. इसके बाद अधिकारियों ने संचालक को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम की धारा 32 के तहत नोटिस जारी किया.

खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता केवल तैयार मिठाई के स्वाद और रंग से तय नहीं होती. उसे बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री, उसके भंडारण की स्थिति और निर्माण स्थल की स्वच्छता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है. खराब कच्ची सामग्री का इस्तेमाल स्वास्थ्य के लिए जोखिम पैदा कर सकता है. ऐसे में निर्माण इकाइयों में नियमित सफाई और सुरक्षित भंडारण की व्यवस्था जरूरी है.

तीनों दुकानों से लिए गए मिठाई-नमकीन के नमूने

खाद्य सुरक्षा टीम ने न्यू बप्पा स्वीट्स से ड्राई फ्रूट बर्फी, खोवा बर्फी, केसर पेड़ा और कलाकंद के नमूने लिए. गांधी स्वीट्स से कराची हलुआ, पतिसा और चकली के नमूने एकत्र किए गए. इसी तरह बीकानेर स्वीट्स से कलाकंद, केसर पेड़ा और पतिसा के नमूने लिए गए.

इस प्रकार तीनों प्रतिष्ठानों से कुल 10 नमूने जांच के लिए एकत्र किए गए हैं. इन्हें गुणवत्ता परीक्षण के लिए राज्य खाद्य प्रयोगशाला भोपाल भेजा जाएगा. प्रयोगशाला में जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि संबंधित मिठाइयां और नमकीन निर्धारित खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप हैं या नहीं.

रिपोर्ट आने के बाद तय होगी कानूनी कार्रवाई

विभागीय अधिकारियों के अनुसार नमूनों की जांच रिपोर्ट मिलने के बाद उसके निष्कर्षों के आधार पर संबंधित प्रतिष्ठानों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी. यदि जांच में खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन प्रमाणित होता है तो कानून के प्रावधानों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जा सकती है.

हालांकि, किसी दुकान से नमूना लिया जाना अपने आप में मिलावट या खाद्य पदार्थ के असुरक्षित होने का प्रमाण नहीं है. इसका निर्धारण प्रयोगशाला की रिपोर्ट और संबंधित कानूनी प्रक्रिया के बाद ही होगा. फिलहाल न्यू बप्पा स्वीट्स के कारखाने में मिली खराब सामग्री और अस्वच्छता के आधार पर नोटिस जारी किया गया है.

त्योहार में मिठाई खरीदते समय ग्राहक भी रहें सतर्क

त्योहारों के दौरान मिठाई की बिक्री बढ़ जाती है. ऐसे समय में ग्राहकों को भी खरीदारी करते हुए सावधानी बरतनी चाहिए. पैक मिठाई खरीदते समय निर्माण और उपयोग की अंतिम तिथि, सामग्री का विवरण तथा खाद्य लाइसेंस संबंधी जानकारी देखनी चाहिए. खुली मिठाइयां खरीदते समय दुकान और काउंटर की साफ-सफाई, खाद्य पदार्थों को ढककर रखने की व्यवस्था तथा कर्मचारियों की स्वच्छता पर ध्यान देना जरूरी है. असामान्य रंग, गंध या स्वाद वाली मिठाई खरीदने से बचना चाहिए.

रांझी में हुई इस कार्रवाई ने खाद्य कारोबार में स्वच्छता और गुणवत्ता की जिम्मेदारी को फिर चर्चा में ला दिया है. विभाग की जांच के बाद अब भोपाल प्रयोगशाला की रिपोर्ट महत्वपूर्ण होगी. उसके आधार पर स्पष्ट होगा कि लिए गए नमूनों में कोई खाद्य सुरक्षा संबंधी गड़बड़ी मिली है या नहीं. खाद्य विभाग ने निगरानी अभियान जारी रखने की बात कही है.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-