सिंगरौली. एमपी के सिंगरौली जिले में उसे वक्त हड़कंप मच गया जब शनिवार की देर शाम को एक युवक का शव मोरवा थाना क्षेत्र के रेलवे ट्रैक पर पड़ा मिला. पुलिस को यह अज्ञात लगा, जब पुलिस ने जानकारी एकत्रित करना शुरू की तो मृतक युवक के जेब से उसका आईडी कार्ड मिला जिससे पुलिस को पता चला कि वह कोल इंडिया की इकाई एनसीएल में असिस्टेंट मैनेजर है. फिलहाल पुलिस इस घटना की पूरी जांच कर रही है कि युवक रेलवे ट्रैक तक कैसे पहुंचा और मौत का वास्तविक कारण क्या है.
इस घटना ने एनसीएल के कार्यालय में हड़कंप मचा दिया है. मोरवा थाना क्षेत्र में शनिवार देर शाम रेलवे फाटक से महज 20 से 25 मीटर की दूरी पर मिले युवक के शव की पहचान हो गई है और मौके से मोबाइल फोन गायब मिला है. फिलहाल पुलिस मोबाइल फोन की तलाश कर घटना की वास्तविक जांच में जुट गई है.
दरअसल, पूरा मामला मोरवा थाना क्षेत्र के सीईटीआई कॉलोनी के पास का है, जहां शनिवार की शाम को झींगुरदा परियोजना में असिस्टेंट मैनेजर रजत प्रताप सिंह (पिता शिवकुमार सिंह) जो कि उत्तर प्रदेश के कानपुर का निवासी है उसका शव रेलवे फाटक से 20 मीटर दूर रेलवे ट्रैक पर शनिवार की शाम को मिला.
एनसीएल परियोजना कार्यालय में हड़कंप
घटना की सूचना जैसे ही लोगों को लगी तो पूरे परियोजना कार्यालय में हड़कंप मच गया. इस घटना के बाद जहां मृतक के पास से उसका आईडी कार्ड पुलिस ने प्राप्त किया है वहीं दूसरी ओर उसका मोबाइल फोन घटनास्थल से गायब है. पुलिस के लिए भी यह एक पहेली बनी हुई है कि आखिरकार परियोजना में कार्यरत असिस्टेंट मैनेजर 10 किलोमीटर दूर रेलवे फाटक पर कैसे पहुंचा और किन परिस्थितियों में आया. फिलहाल मोरवा पुलिस मृतक के मोबाइल की तलाश कर रही है और सीडीआर से जांच के बाद घटना के खुलासे के इंतजार में है.
परिजनों के सिंगरौली पहुंचने पर होगा पोस्टमार्टम
युवक की मौत की सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया. अपने बेटे की असमय मौत की खबर सुनकर परिजन बदहवास हो गए और सिंगरौली के लिए रवाना हो रहे हैं. परिजनों के पहुंचने के बाद शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा. इसके बाद ही मृत्यु के कारणों को लेकर स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी.
मोबाइल की तलाश और सीडीआर से खुल सकते हैं राज
घटना को लेकर आत्महत्या की आशंका भी जताई जा रही है, हालांकि फिलहाल इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. पुलिस घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है. मृतक का मोबाइल फोन बरामद करना जांच की अहम कड़ी माना जा रहा है. पुलिस मोबाइल की तलाश के साथ कॉल डिटेल रिकॉर्ड के जरिए यह पता लगाने का प्रयास करेगी कि घटना से पहले रजत ने किन लोगों से बातचीत की थी और उसकी आखिरी गतिविधियां क्या थीं. फिलहाल पुलिस के लिए यह पता लगाना प्राथमिकता है कि युवक रेलवे ट्रैक तक किन परिस्थितियों में पहुंचा और उसकी मौत किन हालात में हुई.
थाना प्रभारी मोरवा ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि इस घटना में पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है कि किस तरह युवक और किस हालत में अपने आवास से दूर रेलवे ट्रैक तक पहुंचा. इसके साथ-साथ पुलिस को मौके से मोबाइल बरामद नहीं हुआ है जिसकी तलाश की जा रही है. इस घटना में प्रथम दृश्य आत्महत्या जैसा समझ आ रहा है लेकिन अभी कुछ भी कहना सही नहीं है. घटना की जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि आखिरकार युवक की मौत का कारण क्या है.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

